• सूरज ने झपकी पलक और ढल गयी शाम;<br />
रात ने बिखेरा है आँचल मिलकर तारों के साथ;
देख कर रात का यह नज़ारा कहने को शुभ रात्रि हम भी आ गए हैं साथ।<br />
शुभ रात्रि!Upload to Facebook
    सूरज ने झपकी पलक और ढल गयी शाम;
    रात ने बिखेरा है आँचल मिलकर तारों के साथ; देख कर रात का यह नज़ारा कहने को शुभ रात्रि हम भी आ गए हैं साथ।
    शुभ रात्रि!
  • ना मंदिर ना भगवान,<br />
ना पूजा ना स्नान,<br />
सुबह होते ही सबसे पहला काम,<br />
अपने सभी प्यार मित्रों को कहना सुप्रभात<br />
सुप्रभात!Upload to Facebook
    ना मंदिर ना भगवान,
    ना पूजा ना स्नान,
    सुबह होते ही सबसे पहला काम,
    अपने सभी प्यार मित्रों को कहना सुप्रभात
    सुप्रभात!
  • बचपन में छुट्टे पैसे होते थे तब टॉफ़ी खाते थे;<br />
और आज जब छुट्टे पैसे नहीं होते तो टॉफ़ी खानी पड़ती है।Upload to Facebook
    बचपन में छुट्टे पैसे होते थे तब टॉफ़ी खाते थे;
    और आज जब छुट्टे पैसे नहीं होते तो टॉफ़ी खानी पड़ती है।
  • आदमी इतना रहम दिल होता है कि उसे 40 साल की औरत भी 'हॉट' लगती है।<br />
वहीं लड़कियां इतनी कमीनी होती हैं कि उन्हें 35 साल का लड़का भी 'अंकल' लगता है।Upload to Facebook
    आदमी इतना रहम दिल होता है कि उसे 40 साल की औरत भी 'हॉट' लगती है।
    वहीं लड़कियां इतनी कमीनी होती हैं कि उन्हें 35 साल का लड़का भी 'अंकल' लगता है।
  • इंसान कम थे क्या?<br />
जो अब मौसम भी धोखा देने लगे।Upload to Facebook
    इंसान कम थे क्या?
    जो अब मौसम भी धोखा देने लगे।
  • झूठा था वो दोस्त!<br />
जो कहता था जान भी माँगो तो दे देँगे,<br />
आज वो अपनी महबूबा को जान कहता है,<br />
और माँगो तो कमीना गालियाँ देता है।Upload to Facebook
    झूठा था वो दोस्त!
    जो कहता था जान भी माँगो तो दे देँगे,
    आज वो अपनी महबूबा को जान कहता है,
    और माँगो तो कमीना गालियाँ देता है।
  • जज: तुम्हारा वकील कहाँ है?<br />
चोर: जी मेरा वकील नहीं है।<br />
जज: लेकिन वकील होना ज़रूरी है। कोई बात नहीं हम तुम्हें सरकारी वकील दे देंगे।<br />
चोर: नहीं हुज़ूर, मुझ पर रहम कीजिये। मुझे कोई वकील नहीं चाहिए।<br />
जज: क्यों?<br />
चोर: हुज़ूर बात यह है कि मैं अपनी चुराई मुर्गियां अकेले ही खाना चाहता हूँ।Upload to Facebook
    जज: तुम्हारा वकील कहाँ है?
    चोर: जी मेरा वकील नहीं है।
    जज: लेकिन वकील होना ज़रूरी है। कोई बात नहीं हम तुम्हें सरकारी वकील दे देंगे।
    चोर: नहीं हुज़ूर, मुझ पर रहम कीजिये। मुझे कोई वकील नहीं चाहिए।
    जज: क्यों?
    चोर: हुज़ूर बात यह है कि मैं अपनी चुराई मुर्गियां अकेले ही खाना चाहता हूँ।
  • लड़की: मैं कल तुम से मिलने नहीं आ सकती।<br />
लड़का: चलो मैं तुम्हारा गिफ्ट किसी और को दे देता हूँ।<br />
लड़की: मेरा मतलब था कल नहीं आ सकती, अभी कहाँ हो तुम? मैं आ रही हूँ।Upload to Facebook
    लड़की: मैं कल तुम से मिलने नहीं आ सकती।
    लड़का: चलो मैं तुम्हारा गिफ्ट किसी और को दे देता हूँ।
    लड़की: मेरा मतलब था कल नहीं आ सकती, अभी कहाँ हो तुम? मैं आ रही हूँ।
  • कौन कहता है कि दिल सिर्फ लफ़्ज़ों से ही दुखाया जाता है;<br />
ग्रुप के मेंबर की ख़ामोशी भी कभी-कभी आँखें नम कर देती हैं।Upload to Facebook
    कौन कहता है कि दिल सिर्फ लफ़्ज़ों से ही दुखाया जाता है;
    ग्रुप के मेंबर की ख़ामोशी भी कभी-कभी आँखें नम कर देती हैं।
  • ये बारिश नहीं सरकारी कर्मचारी के आँसू हैं, जेटली साहब।Upload to Facebook
    ये बारिश नहीं सरकारी कर्मचारी के आँसू हैं, जेटली साहब।
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