• बढ़ते कदमो को ना रुकने दे ऐ मुसाफिर;<br />
चाहे रास्ता हो कठिन और मंज़िल हो दूर;<br />
चाहे ना मिले रास्ते में कोई हमसफ़र;<br />
फिर भी झुकना नहीं और पा लेना लक्ष्य को करके बाधाएं सारी दूर।<br />
सुप्रभात !Upload to Facebook
    बढ़ते कदमो को ना रुकने दे ऐ मुसाफिर;
    चाहे रास्ता हो कठिन और मंज़िल हो दूर;
    चाहे ना मिले रास्ते में कोई हमसफ़र;
    फिर भी झुकना नहीं और पा लेना लक्ष्य को करके बाधाएं सारी दूर।
    सुप्रभात !
  • एक चाय की दुकान पर लिखा था, "अदरक वाली मसालेदार चाय"।
    मैंने पूछा: भैया चाय में अदरक डालते भी हो या ऐसे ही लिख रखा है?
    दुकानदार: साहब विश्वास करो... सब चाय वाले फेंकू नहीं होते।
  • राहुल: बीजेपी तो "सूट-बूट" की सरकार है।
    मोदी: बीजेपी "सूझ-बुझ" की सरकार है।
    केजरीवाल: हम छोटे आदमी है जी हमारी तो "झूठ-मूठ" की है।
  • "दिग्विजय सिंह तीन महीने बाद बाप बनेंगे और उसके 6 महीने बाद दादा" वाली पहेली वैज्ञानिकों के लिए सिरदर्द है और राजू श्रीवास्तव के लिए चुटकुला।
    दिग्विजय सिंह बाप-दादा एक साथ बनेंगे। इन लोगों की वजह से ही मुर्गी पहले आई या अंडा वाली कहावत आज भी बिना जवाब के शक के दायरे में है।
  • जितनी मर्जी आॅनलाइन शाॅपिंग करते रहो, पर मेरे पास आपको खुद ही चल कर आना पड़ेगा, क्योंकि...
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    इंटरनेट पर बाल नहीं कटते।
    ~गिरधारी नाई
  • सभी शादी-शुदा दोस्तों के लिए:
    बीवी भी हक़ जताती है और माँ भी;
    शादी क्या हुई हम तो कश्मीर हो गए।
  • पत्नी: आखिर औरत क्या-क्या संभाले? तुम को संभाले, तुम्हारे बच्चे संभाले, तुम्हारे माँ बाप को संभाले, या तुम्हारा घर संभाले।<br />
पति (बड़े सुकून से जवाब देता है): औरत सिर्फ अपनी ज़ुबान संभाले बाकी सब अपने आप संभल जायेगा।Upload to Facebook
    पत्नी: आखिर औरत क्या-क्या संभाले? तुम को संभाले, तुम्हारे बच्चे संभाले, तुम्हारे माँ बाप को संभाले, या तुम्हारा घर संभाले।
    पति (बड़े सुकून से जवाब देता है): औरत सिर्फ अपनी ज़ुबान संभाले बाकी सब अपने आप संभल जायेगा।
  • ਬੁੱਲੇ ਸ਼ਾਹ ਇਥੇ ਸੱਬ ਮੁਸਾਫ਼ਿਰ ਕਿਸੇ ਨਾ ਇਥੇ ਰਹਿਣਾ;
    ਆਪੋ ਆਪਣੀ ਵਾਟ ਮੁਕਾ ਕੇ ਸੱਬ ਨੂੰ ਮੁੜਨਾ ਪੈਣਾ।
  • माटी का एक नाग बनाके पुजे लोग लुगाया,<br />
ज़िंदा नाग जब घर से निकले ले लाठी धमकाया;<br />
ज़िंदा बाप कोई ना पुजे मरै बाद पुजवाया,<br />
मुट्ठी भर चावल लेके कौवे को बाप बनाया।<br />
~ संत कबीरUpload to Facebook
    माटी का एक नाग बनाके पुजे लोग लुगाया,
    ज़िंदा नाग जब घर से निकले ले लाठी धमकाया;
    ज़िंदा बाप कोई ना पुजे मरै बाद पुजवाया,
    मुट्ठी भर चावल लेके कौवे को बाप बनाया।
    ~ संत कबीर
  • मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है,<br />
हम कोशिश भी ना करें ये तो गलत बात है।Upload to Facebook
    मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है,
    हम कोशिश भी ना करें ये तो गलत बात है।
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