• बुत-ख़ाना तोड़ डालिए मस्जिद को ढाइए;<br/>
दिल को न तोड़िए ये ख़ुदा का मक़ाम है!Upload to Facebook
    बुत-ख़ाना तोड़ डालिए मस्जिद को ढाइए;
    दिल को न तोड़िए ये ख़ुदा का मक़ाम है!
    ~ Aatish Haidar Ali
  • बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का;<br/>
जो चीरा तो इक क़तरा-ए-ख़ूँ न निकला!
Upload to Facebook
    बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का;
    जो चीरा तो इक क़तरा-ए-ख़ूँ न निकला!
    ~ Aatish Haidar Ali