• सौ बार मरना चाहा निगाहों में डूब कर 'फ़राज़';<br/>
वो निगाह झुका लेते हैं हमें मरने नहीं देते।Upload to Facebook
    सौ बार मरना चाहा निगाहों में डूब कर 'फ़राज़';
    वो निगाह झुका लेते हैं हमें मरने नहीं देते।
    ~ Ahmad Faraz
  • ज़िन्दगी तो अपने क़दमों पे चलती है 'फ़राज़';<br/>
औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।Upload to Facebook
    ज़िन्दगी तो अपने क़दमों पे चलती है 'फ़राज़';
    औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।
    ~ Ahmad Faraz
  • दोस्ती अपनी भी असर रखती है फ़राज़;<br/>
बहुत याद आएँगे ज़रा भूल कर तो देखो।
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    दोस्ती अपनी भी असर रखती है फ़राज़;
    बहुत याद आएँगे ज़रा भूल कर तो देखो।
    ~ Ahmad Faraz
  • इतनी सी बात पे दिल की धड़कन रुक गई `फ़राज़`;<br/>
एक पल जो तसव्वुर किया तेरे बिना जीने का।Upload to Facebook
    इतनी सी बात पे दिल की धड़कन रुक गई `फ़राज़`;
    एक पल जो तसव्वुर किया तेरे बिना जीने का।
    ~ Ahmad Faraz
  • अब उसे रोज़ न सोचूँ तो बदन टूटता है फ़राज़;<br/>
उमर गुजरी है उस की याद का नशा किये हुए।Upload to Facebook
    अब उसे रोज़ न सोचूँ तो बदन टूटता है फ़राज़;
    उमर गुजरी है उस की याद का नशा किये हुए।
    ~ Ahmad Faraz
  • तुम्हारी एक निगाह से कतल होते हैं लोग फ़राज़;<br/>
एक नज़र हम को भी देख लो कि तुम बिन ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।Upload to Facebook
    तुम्हारी एक निगाह से कतल होते हैं लोग फ़राज़;
    एक नज़र हम को भी देख लो कि तुम बिन ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।
    ~ Ahmad Faraz
  • वो बात बात पे देता है परिंदों की मिसाल;<br/>
साफ़ साफ़ नहीं कहता मेरा शहर ही छोड़ दो।Upload to Facebook
    वो बात बात पे देता है परिंदों की मिसाल;
    साफ़ साफ़ नहीं कहता मेरा शहर ही छोड़ दो।
    ~ Ahmad Faraz
  • दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है,<br/>
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता।Upload to Facebook
    दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है,
    और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता।
    ~ Ahmad Faraz
  • किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल;
    कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा।
    ~ Ahmad Faraz
  • तेरे बगैर भी तो ग़नीमत है ज़िन्दगी;
    खुद को गँवा कर कौन तेरी जुस्त-जू करे।
    ~ Ahmad Faraz