• मनुष्य अपनी सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है|
    मनुष्य अपनी सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है|
    ~ Aristotle
  • जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है|
    जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है|
    ~ Aristotle
  • जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है।
    जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है।
    ~ Aristotle
  • संकोच युवाओं के लिए एक आभूषण है, लेकिन बड़ी उम्र के लोगों के लिए धिक्कार
    संकोच युवाओं के लिए एक आभूषण है, लेकिन बड़ी उम्र के लोगों के लिए धिक्कार
    ~ Aristotle
  • लोकतंत्र तब होगा जब गरीब ना कि धनाड्य शाशक हों
    लोकतंत्र तब होगा जब गरीब ना कि धनाड्य शाशक हों
    ~ Aristotle
  • शिक्षा बुढ़ापे के लिए सबसे अच्छा प्रावधान है।
    शिक्षा बुढ़ापे के लिए सबसे अच्छा प्रावधान है।
    ~ Aristotle
  • मनुष्य अपने सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है।
    मनुष्य अपने सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है।
    ~ Aristotle
  • संकोच युवाओं के लिए एक आभूषण है, लेकिन बड़ी उम्र के लोगों के लिए धिक्कार।
    संकोच युवाओं के लिए एक आभूषण है, लेकिन बड़ी उम्र के लोगों के लिए धिक्कार।
    ~ Aristotle
  •  चरित्र को हम अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी माध्यम कह सकते हैं।
    चरित्र को हम अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी माध्यम कह सकते हैं।
    ~ Aristotle
  • लोकतंत्र तब होगा जब गरीब ना कि धनाड्य शाशक हों।
    लोकतंत्र तब होगा जब गरीब ना कि धनाड्य शाशक हों।
    ~ Aristotle
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