• लुत्फ-ए-बहार कुछ नहीं गो है वही बहार;<br/>
दिल क्या उजड़ गया कि जमाना उजड़ गया!<br/><br/>
लुत्फ: आनन्द, मजा
    लुत्फ-ए-बहार कुछ नहीं गो है वही बहार;
    दिल क्या उजड़ गया कि जमाना उजड़ गया!

    लुत्फ: आनन्द, मजा
    ~ Arzoo Lakhnavi