• यदि हम किसी भी देश के इतिहास को अतीत में जाएं, तो हम अंत में मिथकों और परम्पराओं के काल में पहुंच जाते हैं जो आखिरकार अभेद्य अन्धकार में खो जाता है।Upload to Facebook
    यदि हम किसी भी देश के इतिहास को अतीत में जाएं, तो हम अंत में मिथकों और परम्पराओं के काल में पहुंच जाते हैं जो आखिरकार अभेद्य अन्धकार में खो जाता है।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • भारत का तब तक खून बहाया जा रहा है जब तक की बस कंकाल ना शेष रह जाये।Upload to Facebook
    भारत का तब तक खून बहाया जा रहा है जब तक की बस कंकाल ना शेष रह जाये।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • ये सच है कि बारिश की कमी के कारण अकाल पड़ता है लेकिन ये भी सच है कि भारत के लोगों में इस बुराई से लड़ने की शक्ति नहीं है।Upload to Facebook
    ये सच है कि बारिश की कमी के कारण अकाल पड़ता है लेकिन ये भी सच है कि भारत के लोगों में इस बुराई से लड़ने की शक्ति नहीं है।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले।Upload to Facebook
    हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।Upload to Facebook
    यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • स्वाभिमानी और पवित्र हृदय व्यक्ति निर्धन होने पर भी श्रेष्ठ गिना जाता है।Upload to Facebook
    स्वाभिमानी और पवित्र हृदय व्यक्ति निर्धन होने पर भी श्रेष्ठ गिना जाता है।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • ​अन्‍याय और अत्‍याचार करने वाला, उतना दोषी नहीं माना जा सकता, जितना कि उसे सहन करने वाला।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
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