• यदि हम किसी भी देश के इतिहास को अतीत में जाएं, तो हम अंत में मिथकों और परम्पराओं के काल में पहुंच जाते हैं जो आखिरकार अभेद्य अन्धकार में खो जाता है।
    यदि हम किसी भी देश के इतिहास को अतीत में जाएं, तो हम अंत में मिथकों और परम्पराओं के काल में पहुंच जाते हैं जो आखिरकार अभेद्य अन्धकार में खो जाता है।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • भारत का तब तक खून बहाया जा रहा है जब तक की बस कंकाल ना शेष रह जाये।
    भारत का तब तक खून बहाया जा रहा है जब तक की बस कंकाल ना शेष रह जाये।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • ये सच है कि बारिश की कमी के कारण अकाल पड़ता है लेकिन ये भी सच है कि भारत के लोगों में इस बुराई से लड़ने की शक्ति नहीं है।
    ये सच है कि बारिश की कमी के कारण अकाल पड़ता है लेकिन ये भी सच है कि भारत के लोगों में इस बुराई से लड़ने की शक्ति नहीं है।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले।
    हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • स्वाभिमानी और पवित्र हृदय व्यक्ति निर्धन होने पर भी श्रेष्ठ गिना जाता है।
    स्वाभिमानी और पवित्र हृदय व्यक्ति निर्धन होने पर भी श्रेष्ठ गिना जाता है।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • ​अन्‍याय और अत्‍याचार करने वाला, उतना दोषी नहीं माना जा सकता, जितना कि उसे सहन करने वाला।
    ~ Bal Gangadhar Tilak