• वन की अग्नि चंदन की लकड़ी को भी जला देती है अर्थात दुष्ट व्यक्ति किसी का भी अहित कर सकता है।
    वन की अग्नि चंदन की लकड़ी को भी जला देती है अर्थात दुष्ट व्यक्ति किसी का भी अहित कर सकता है।
    ~ Chanakya
  • ज्ञान गाय के समान है, जो हर एक मौसम में अमृत प्रदान करती है| वह विदेश में माता के समान रक्षक और हितकारी होती है, इसीलिए ज्ञान को गुप्त धन कहा जाता है |
    ज्ञान गाय के समान है, जो हर एक मौसम में अमृत प्रदान करती है| वह विदेश में माता के समान रक्षक और हितकारी होती है, इसीलिए ज्ञान को गुप्त धन कहा जाता है |
    ~ Chanakya
  • अग्नि, गुरु, कुवारी कन्या, गाय, वृद्ध और बालक, इन सातो को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए |
    अग्नि, गुरु, कुवारी कन्या, गाय, वृद्ध और बालक, इन सातो को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए |
    ~ Chanakya
  • अग्नि, गुरु, कुवारी कन्या, गाय, वृद्ध और बालक, इन सातो को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए|
    अग्नि, गुरु, कुवारी कन्या, गाय, वृद्ध और बालक, इन सातो को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए|
    ~ Chanakya
  • शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है।  शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।
    शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है। शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।
    ~ Chanakya
  • सांप के फन, मक्खी के मुख और बिच्छु के डंक में ज़हर होता है; पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है।
    सांप के फन, मक्खी के मुख और बिच्छु के डंक में ज़हर होता है; पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है।
    ~ Chanakya
  • व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है, और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है, और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है!
    व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है, और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है, और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है!
    ~ Chanakya
  • शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है, शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।
    शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है, शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।
    ~ Chanakya
  • व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है, और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है, और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है!
    व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है, और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है, और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है!
    ~ Chanakya
  • परिश्रम वह चाबी है,​ ​जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है।
    ~ Chanakya