• अगर सांप ज़हरीला ना भी हो तो उसे खुद को ज़हरीला दिखाना चाहिए यानि हमें खुद को योग्य बताना चाहिए!
    अगर सांप ज़हरीला ना भी हो तो उसे खुद को ज़हरीला दिखाना चाहिए यानि हमें खुद को योग्य बताना चाहिए!
    ~ Chanakya
  • शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है! एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है! शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है!
    शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है! एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है! शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है!
    ~ Chanakya
  • किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना!
    किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना!
    ~ Chanakya
  • जो सुख-शांति व्यक्ति को आध्यात्मिक शान्ति के अमृत से संतुष्ट होने पे मिलती है वो लालची लोगों को बेचैनी से इधर-उधर घूमने से नहीं मिलती।
    जो सुख-शांति व्यक्ति को आध्यात्मिक शान्ति के अमृत से संतुष्ट होने पे मिलती है वो लालची लोगों को बेचैनी से इधर-उधर घूमने से नहीं मिलती।
    ~ Chanakya
  • जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।
    जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।
    ~ Chanakya
  • जैसे ही भय आपके करीब आये, उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये!
    जैसे ही भय आपके करीब आये, उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये!
    ~ Chanakya
  • अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।
    अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।
    ~ Chanakya
  • हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है।ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ ना हो। यह कड़वा सच है।
    हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है।ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ ना हो। यह कड़वा सच है।
    ~ Chanakya
  • सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है: कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं। ये आपको बर्बाद कर देगा।
    सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है: कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं। ये आपको बर्बाद कर देगा।
    ~ Chanakya
  • फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है। लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है।
    फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है। लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है।
    ~ Chanakya