• आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';<br/>
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
    जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';<br/>
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
    जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • शाम-ए-ग़म कुछ उस निग़ाह-ए-नाज़ की बातें करो;<br/>
बेखुदी बढ़ती चली है, राज़ की बातें करो!<br/><br/>

शाम-ए-ग़म: दर्द भरी शाम<br/>
निग़ाह-ए-नाज़: प्रेमिका की नज़र<br/>
बेखुदी: बेहोशी
    शाम-ए-ग़म कुछ उस निग़ाह-ए-नाज़ की बातें करो;
    बेखुदी बढ़ती चली है, राज़ की बातें करो!

    शाम-ए-ग़म: दर्द भरी शाम
    निग़ाह-ए-नाज़: प्रेमिका की नज़र
    बेखुदी: बेहोशी
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • शाम-ए-ग़म कुछ उस निग़ाह-ए-नाज़ की बातें करो;<br/>
बेखुदी बढ़ती चली है, राज़ की बातें करो!
    शाम-ए-ग़म कुछ उस निग़ाह-ए-नाज़ की बातें करो;
    बेखुदी बढ़ती चली है, राज़ की बातें करो!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त;<br/>
आह अब मुझ से तेरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं!
    मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त;
    आह अब मुझ से तेरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • पूरा भी हो के जो कभी पूरा ना हो सका;<br/>
तेरी निगाह का वो तक़ाज़ा है आज तक!
    पूरा भी हो के जो कभी पूरा ना हो सका;
    तेरी निगाह का वो तक़ाज़ा है आज तक!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • ऐ मौत आ के हमको खामोश तो कर गयी तू;<br/>
मगर सदियों दिलों के अंदर, हम गूंजते रहेंगे!
    ऐ मौत आ के हमको खामोश तो कर गयी तू;
    मगर सदियों दिलों के अंदर, हम गूंजते रहेंगे!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;<br/>
वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था!
    अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;
    वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;<br/>
कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।<br/><br/>
अर्थ:<br/>

1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई <br/>
2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;
    कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।

    अर्थ:
    1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई
    2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;<br/>
कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।<br/><br/>
Meaning:<br/>
1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई <br/>
2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;
    कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।

    Meaning:
    1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई
    2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    ~ Firaq Gorakhpuri