• ऐ मौत आ के हमको खामोश तो कर गयी तू;<br/>
मगर सदियों दिलों के अंदर, हम गूंजते रहेंगे!
    ऐ मौत आ के हमको खामोश तो कर गयी तू;
    मगर सदियों दिलों के अंदर, हम गूंजते रहेंगे!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;<br/>
वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था!
    अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;
    वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;<br/>
कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।<br/><br/>
अर्थ:<br/>

1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई <br/>
2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;
    कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।

    अर्थ:
    1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई
    2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;<br/>
कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।<br/><br/>
Meaning:<br/>
1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई <br/>
2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;
    कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।

    Meaning:
    1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई
    2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • आज कैसी हवा चली ऐ 'फिराक';<br/>
आँख बेइख्तियार भर आई।
    आज कैसी हवा चली ऐ 'फिराक';
    आँख बेइख्तियार भर आई।
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • इस दौर में जिन्दगी बशर की;<br/>
बीमार की रात हो गयी है। <br/><br/>
Meaning:<br/>
बशर - मनुष्य, मानव, आदमी
    इस दौर में जिन्दगी बशर की;
    बीमार की रात हो गयी है।

    Meaning:
    बशर - मनुष्य, मानव, आदमी
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • अपना गम किस तरह से बयान करूँ,<br/>
आग लग जायेगी इस जमाने में।
    अपना गम किस तरह से बयान करूँ,
    आग लग जायेगी इस जमाने में।
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन ऐ दोस्त,
    वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में।
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • कोई समझे तो एक बात कहूँ,<br/>
इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं।
    कोई समझे तो एक बात कहूँ,
    इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं।
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;
    वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था।
    ~ Firaq Gorakhpuri