• आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें;<br/>
दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की!<br/><br/>



दिल-ए-बेताब  =  बेचैन दिल
    आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें;
    दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की!

    दिल-ए-बेताब = बेचैन दिल
    ~ Jaleel Manikpuri
  • अब क्या करूँ तलाश किसी कारवां को मैं,<br/>
गुम हो गया हूँ पाके तेरे आस्ताँ को मैं।<br/><br/>

1. आस्ताँ - चौखट, दहलीज, ड्योढ़ी
    अब क्या करूँ तलाश किसी कारवां को मैं,
    गुम हो गया हूँ पाके तेरे आस्ताँ को मैं।

    1. आस्ताँ - चौखट, दहलीज, ड्योढ़ी
    ~ Jaleel Manikpuri
  • आता है जी में साक़ी-ए-मह-वश पे बार बार,<br/>
लब चूम लूँ तिरा लब-ए-पैमाना छोड़ कर।
    आता है जी में साक़ी-ए-मह-वश पे बार बार,
    लब चूम लूँ तिरा लब-ए-पैमाना छोड़ कर।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,<br/>
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी।
    रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,
    मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • पीने से कर चुका था मैं तौबा मगर 'जलील';<br/>
बादल का रंग देख के नीयत बदल गई।
    पीने से कर चुका था मैं तौबा मगर 'जलील';
    बादल का रंग देख के नीयत बदल गई।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • वादा करके और भी आफ़त में डाला आपने;
    ज़िन्दगी मुश्किल थी, अब मरना भी मुश्किल हो गया।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है;<br />
किसी आफ़त में न डाले दिल-ए-नाशाद मुझे।
    अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है;
    किसी आफ़त में न डाले दिल-ए-नाशाद मुझे।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है;
    किसी आफ़त में न डाले दिल-ए-नाशाद मुझे।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • आता नहीं ख़याल अब अपना भी ऐ 'जलील'
    एक बेवफ़ा की याद ने सब कुछ भुला दिया।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • बरसों हुए न तुम ने किया भूल कर भी याद;
    वादे की तरह हम भी फ़रामोश हो गए।
    ~ Jaleel Manikpuri