• आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें;<br/>
दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की!<br/><br/>



दिल-ए-बेताब  =  बेचैन दिलUpload to Facebook
    आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें;
    दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की!

    दिल-ए-बेताब = बेचैन दिल
    ~ Jaleel Manikpuri
  • अब क्या करूँ तलाश किसी कारवां को मैं,<br/>
गुम हो गया हूँ पाके तेरे आस्ताँ को मैं।<br/><br/>

1. आस्ताँ - चौखट, दहलीज, ड्योढ़ीUpload to Facebook
    अब क्या करूँ तलाश किसी कारवां को मैं,
    गुम हो गया हूँ पाके तेरे आस्ताँ को मैं।

    1. आस्ताँ - चौखट, दहलीज, ड्योढ़ी
    ~ Jaleel Manikpuri
  • आता है जी में साक़ी-ए-मह-वश पे बार बार,<br/>
लब चूम लूँ तिरा लब-ए-पैमाना छोड़ कर।Upload to Facebook
    आता है जी में साक़ी-ए-मह-वश पे बार बार,
    लब चूम लूँ तिरा लब-ए-पैमाना छोड़ कर।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,<br/>
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी। Upload to Facebook
    रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,
    मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • पीने से कर चुका था मैं तौबा मगर 'जलील';<br/>
बादल का रंग देख के नीयत बदल गई।Upload to Facebook
    पीने से कर चुका था मैं तौबा मगर 'जलील';
    बादल का रंग देख के नीयत बदल गई।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • वादा करके और भी आफ़त में डाला आपने;
    ज़िन्दगी मुश्किल थी, अब मरना भी मुश्किल हो गया।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है;<br />
किसी आफ़त में न डाले दिल-ए-नाशाद मुझे।Upload to Facebook
    अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है;
    किसी आफ़त में न डाले दिल-ए-नाशाद मुझे।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है;
    किसी आफ़त में न डाले दिल-ए-नाशाद मुझे।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • आता नहीं ख़याल अब अपना भी ऐ 'जलील'
    एक बेवफ़ा की याद ने सब कुछ भुला दिया।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • बरसों हुए न तुम ने किया भूल कर भी याद;
    वादे की तरह हम भी फ़रामोश हो गए।
    ~ Jaleel Manikpuri