• चलिए अन्धकार से प्रकाश की ओर बढें। चलिए मृत्यु से देवत्व की ओर बढें। चलिए हम आगे बढें।
    चलिए अन्धकार से प्रकाश की ओर बढें। चलिए मृत्यु से देवत्व की ओर बढें। चलिए हम आगे बढें।
    ~ Kailash Satyarthi
  • मैं ये मानने से इनकार करता हूँ कि गुलामी की बेड़ियाँ कभी भी आज़ादी की खोज से मजबूत हो सकती हैं।
    मैं ये मानने से इनकार करता हूँ कि गुलामी की बेड़ियाँ कभी भी आज़ादी की खोज से मजबूत हो सकती हैं।
    ~ Kailash Satyarthi
  • हर बार जब मैं एक बच्चे को मुक्त कराता हूँ, मुझे लगता है ये भगवान के कुछ करीब है।
    हर बार जब मैं एक बच्चे को मुक्त कराता हूँ, मुझे लगता है ये भगवान के कुछ करीब है।
    ~ Kailash Satyarthi
  • बचपन का मतलब है सादगी। दुनिया को बच्चों की नज़र से देखो- ये बहुत खूबसूरत है।
    बचपन का मतलब है सादगी। दुनिया को बच्चों की नज़र से देखो- ये बहुत खूबसूरत है।
    ~ Kailash Satyarthi
  • बचपन का मतलब है सादगी। दुनिया को बच्चों की नज़र से देखो- ये बहुत खूबसूरत है।
    बचपन का मतलब है सादगी। दुनिया को बच्चों की नज़र से देखो- ये बहुत खूबसूरत है।
    ~ Kailash Satyarthi
  • मैं ऐसी दुनिया का ख्वाब देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो, एक ऐसी दुनिया जिसमें हर बच्चा स्कूल जाता हो। एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।
    मैं ऐसी दुनिया का ख्वाब देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो, एक ऐसी दुनिया जिसमें हर बच्चा स्कूल जाता हो। एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।
    ~ Kailash Satyarthi