• जब प्यार और नफरत दोनों ही ना हो तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है!
    जब प्यार और नफरत दोनों ही ना हो तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है!
    ~ Osho
  • यहाँ कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं है! हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है!
    यहाँ कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं है! हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है!
    ~ Osho
  • जब प्यार और नफरत दोनों ही ना हो तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है!
    जब प्यार और नफरत दोनों ही ना हो तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है!
    ~ Osho
  • निषेध से आकर्षण बढ़ता है। जिस चीज का इंकार किया जाए,उसमे एक तरह का रस पैदा होना शुरू हो जाता है।
    निषेध से आकर्षण बढ़ता है। जिस चीज का इंकार किया जाए,उसमे एक तरह का रस पैदा होना शुरू हो जाता है।
    ~ Osho
  • जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता|
    जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता|
    ~ Osho
  • निषेध से आकर्षण बढ़ता है। जिस चीज का इंकार किया जाए, उसमे एक तरह का रस पैदाहोना शुरू हो जाता है।
    निषेध से आकर्षण बढ़ता है। जिस चीज का इंकार किया जाए, उसमे एक तरह का रस पैदाहोना शुरू हो जाता है।
    ~ Osho
  • कोई प्रबुद्ध कैसे बन सकता है? बन सकता है, क्योंकि वो प्रबुद्ध होता है- उसे बस इस तथ्य को पहचानना होता है|
    कोई प्रबुद्ध कैसे बन सकता है? बन सकता है, क्योंकि वो प्रबुद्ध होता है- उसे बस इस तथ्य को पहचानना होता है|
    ~ Osho
  • आप जितने लोगों को चाहें उतने लोगों को प्रेम कर सकते हैं- इसका ये मतलब नहीं है कि आप एक दिन दिवालिया हो जायेंगे, और कहेंगे,` अब मेरे पास प्रेम नहीं है`| जहाँ तक प्रेम का सवाल है आप दिवालिया नहीं हो सकते|
    आप जितने लोगों को चाहें उतने लोगों को प्रेम कर सकते हैं- इसका ये मतलब नहीं है कि आप एक दिन दिवालिया हो जायेंगे, और कहेंगे,` अब मेरे पास प्रेम नहीं है`| जहाँ तक प्रेम का सवाल है आप दिवालिया नहीं हो सकते|
    ~ Osho
  • केवल वो लोग जो कुछ भी नहीं बनने के लिए तैयार हैं प्रेम कर सकते हैं!
    केवल वो लोग जो कुछ भी नहीं बनने के लिए तैयार हैं प्रेम कर सकते हैं!
    ~ Osho
  • प्यार कब्जे के बारे में नहीं है। प्यार प्रशंसा के बारे में है।
    ~ Osho