• अब मैं समझा तेरे रुख़सार पे तिल का मतलब;<br/>
दौलत-ए-हुस्न पे दरबान बिठा रखा है!
    अब मैं समझा तेरे रुख़सार पे तिल का मतलब;
    दौलत-ए-हुस्न पे दरबान बिठा रखा है!
    ~ Qamar Moradabadi