• मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी, मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ|Upload to Facebook
    मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी, मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ|
    ~ Sai Baba
  • मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ|Upload to Facebook
    मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ|
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
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    यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|Upload to Facebook
    यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    ~ Sai Baba
  • अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें, यही साधना है!Upload to Facebook
    अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें, यही साधना है!
    ~ Sai Baba
  • जीवन की दुर्घटनाओं में अक्‍सर बड़े महत्‍व के नैतिक पहलू छिपे हुए होते है।
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई कितनी ही निंदा क्यों ना करे, फिर कटु उत्तर दे कर तुम उस पर क्रोध ना करो। यदि इस प्रकार से इन प्रसंगो से बचते रहोगे तो निश्चित है कि तुम सदा सुखी रहोगे।
    ~ Sai Baba
  • यदि तुम मुझे अपने विचारों और उद्देश्य की एकमात्र वस्तु रखोगे, तो तुम सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त करोगे।Upload to Facebook
    यदि तुम मुझे अपने विचारों और उद्देश्य की एकमात्र वस्तु रखोगे, तो तुम सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त करोगे।
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई कितनी ही निंदा क्यों न करे, फिर भी कटु उत्तर दे कर तुम उस पर क्रोध न करो। यदि इस प्रकार से इन प्रसंगो से बचते रहोगे तो निश्चित है कि तुम सदा सुखी रहोगे।
    ~ Sai Baba
  • कर्म की उत्पत्ति विचार में है, अतः विचार ही महत्वपूर्ण है।Upload to Facebook
    कर्म की उत्पत्ति विचार में है, अतः विचार ही महत्वपूर्ण है।
    ~ Sai Baba
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