• मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी, मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ|
    मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी, मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ|
    ~ Sai Baba
  • मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ|
    मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ|
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    ~ Sai Baba
  • अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें, यही साधना है!
    अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें, यही साधना है!
    ~ Sai Baba
  • जीवन की दुर्घटनाओं में अक्‍सर बड़े महत्‍व के नैतिक पहलू छिपे हुए होते है।
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई कितनी ही निंदा क्यों ना करे, फिर कटु उत्तर दे कर तुम उस पर क्रोध ना करो। यदि इस प्रकार से इन प्रसंगो से बचते रहोगे तो निश्चित है कि तुम सदा सुखी रहोगे।
    ~ Sai Baba
  • यदि तुम मुझे अपने विचारों और उद्देश्य की एकमात्र वस्तु रखोगे, तो तुम सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त करोगे।
    यदि तुम मुझे अपने विचारों और उद्देश्य की एकमात्र वस्तु रखोगे, तो तुम सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त करोगे।
    ~ Sai Baba
  • यदि कोई कितनी ही निंदा क्यों न करे, फिर भी कटु उत्तर दे कर तुम उस पर क्रोध न करो। यदि इस प्रकार से इन प्रसंगो से बचते रहोगे तो निश्चित है कि तुम सदा सुखी रहोगे।
    ~ Sai Baba
  • कर्म की उत्पत्ति विचार में है, अतः विचार ही महत्वपूर्ण है।
    कर्म की उत्पत्ति विचार में है, अतः विचार ही महत्वपूर्ण है।
    ~ Sai Baba