• जिस प्रकार अन्न नमक के बिना स्वादरहित और फीका लगता है , ठीक उसी तरह से वाचाल की कही हुई बाते निस्सार होते हैं, और लोगो को रुचिकर नहीं लगते |
    जिस प्रकार अन्न नमक के बिना स्वादरहित और फीका लगता है , ठीक उसी तरह से वाचाल की कही हुई बाते निस्सार होते हैं, और लोगो को रुचिकर नहीं लगते |
    ~ Saint Tukaram
  • जिस प्रकार अन्न नमक के बिना स्वादरहित और फीका लगता है, ठीक उसी तरह से वाचाल की कही हुई बाते निस्सार होते हैं, और लोगो को रुचिकर नहीं लगते |
    जिस प्रकार अन्न नमक के बिना स्वादरहित और फीका लगता है, ठीक उसी तरह से वाचाल की कही हुई बाते निस्सार होते हैं, और लोगो को रुचिकर नहीं लगते |
    ~ Saint Tukaram
  • दुखी इन्सान को दान देना ही सबसे बड़ा पुण्य होता है|
    दुखी इन्सान को दान देना ही सबसे बड़ा पुण्य होता है|
    ~ Saint Tukaram
  • शब्द रत्न है, कपडा है, जीवन को बनाये रखने वाला भोजन है और लोगो के बीच बाटने वाला धन है|
    शब्द रत्न है, कपडा है, जीवन को बनाये रखने वाला भोजन है और लोगो के बीच बाटने वाला धन है|
    ~ Saint Tukaram