• उसकी इन्सान का मन पवित्र नहीं है उसकी कभी जय नहीँ हो सकती है|
    उसकी इन्सान का मन पवित्र नहीं है उसकी कभी जय नहीँ हो सकती है|
    ~ Swami Ramtirth
  • उस आजादी को खत्म कर देना चाहिए, जो पाप की गुलामी कर रहा हो|
    उस आजादी को खत्म कर देना चाहिए, जो पाप की गुलामी कर रहा हो|
    ~ Swami Ramtirth
  • आत्म साक्षात्कार मेँ बाधक बनने वाली प्यारी चीज को भी तुरंत हटा देना चाहिए|
    आत्म साक्षात्कार मेँ बाधक बनने वाली प्यारी चीज को भी तुरंत हटा देना चाहिए|
    ~ Swami Ramtirth
  • जिस समय दुनिया के सभी लोग तुम्हारी प्रशंसा करेंगे तो वह समय तुम्हारे रोने का होगा|
    जिस समय दुनिया के सभी लोग तुम्हारी प्रशंसा करेंगे तो वह समय तुम्हारे रोने का होगा|
    ~ Swami Ramtirth
  • सच्चा कार्य अहंकार और स्वार्थ को छोड़े बिना नहीं होता।
    ~ Swami Ramtirth
  • आलस्‍य मृत्‍यु के समान है, और केवल उद्यम ही आपका जीवन है।
    ~ Swami Ramtirth
  • चिंताएं, परेशानियां, दुःख और तकलीफें परिस्थितियों से लड़ने से नहीं दूर हो सकतीं, वे दूर होंगी अपनी अंदरूनी कमजोरी दूर करने से जिसके कारण ही वे सचमुच पैदा हुईं है।
    चिंताएं, परेशानियां, दुःख और तकलीफें परिस्थितियों से लड़ने से नहीं दूर हो सकतीं, वे दूर होंगी अपनी अंदरूनी कमजोरी दूर करने से जिसके कारण ही वे सचमुच पैदा हुईं है।
    ~ Swami Ramtirth
  • आलस्‍य मृत्‍यु के समान है, और केवल उद्यम ही आपका जीवन है।
    आलस्‍य मृत्‍यु के समान है, और केवल उद्यम ही आपका जीवन है।
    ~ Swami Ramtirth
  • विश्वास का अभाव अज्ञान है।
    विश्वास का अभाव अज्ञान है।
    ~ Swami Ramtirth
  • जब तक तुम्‍हारें अन्‍दर दूसरों के, अवगुण ढुंढने या उनके दोष देखने, की आदत मौजूद है ईश्‍वर का साक्षात, करना अत्‍यंत मुश्किल है।
    ~ Swami Ramtirth