• हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिये कि आप क्या सोचते हैं! शब्द गौण हैं! विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं!
    हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिये कि आप क्या सोचते हैं! शब्द गौण हैं! विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं!
    ~ Swami Vivekananda
  • खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है!
    खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है!
    ~ Swami Vivekananda
  • जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी मन इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है!
    जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी मन इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है!
    ~ Swami Vivekananda
  • आप ईश्वर में तब तक विश्वास नहीं कर पाएंगे, जब तक आप अपने आप में विश्वास नहीं करते!
    आप ईश्वर में तब तक विश्वास नहीं कर पाएंगे, जब तक आप अपने आप में विश्वास नहीं करते!
    ~ Swami Vivekananda
  • खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है!
    खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है!
    ~ Swami Vivekananda
  • सत्य को हजारों तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक तरीका सत्य ही होगा|
    सत्य को हजारों तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक तरीका सत्य ही होगा|
    ~ Swami Vivekananda
  • कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है| ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है| अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं|
    कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है| ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है| अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं|
    ~ Swami Vivekananda
  • विश्व एक व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
    विश्व एक व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
    ~ Swami Vivekananda
  • पहले हर अच्छी बात का मज़ाक बनता है, फिर उसका विरोध होता है और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है।
    ~ Swami Vivekananda
  • हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं, अगर हम उसे अपने इस दिल में नहीं ढूंढ सकते।
    हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं, अगर हम उसे अपने इस दिल में नहीं ढूंढ सकते।
    ~ Swami Vivekananda