• ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहाँ धन तो है लेकिन सम्मान नहीं!
    ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहाँ धन तो है लेकिन सम्मान नहीं!
    ~ Vinoba Bhave
  • सत्य उसी वाणी को सम्भालता है जो वाणी सत्य को सम्भालती है|
    सत्य उसी वाणी को सम्भालता है जो वाणी सत्य को सम्भालती है|
    ~ Vinoba Bhave
  • नम्रता की ऊंचाई को नापा नहीं जा सकता |
    नम्रता की ऊंचाई को नापा नहीं जा सकता |
    ~ Vinoba Bhave
  • जब तक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती तब तक लाभ दिखाई नहीं देता। लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनायी जाती है।
    ~ Vinoba Bhave
  • स्वतंत्र वही होता है, जो अपना काम स्वयं कर लेता है।
    ~ Vinoba Bhave
  • ज्ञानी वह है, जो वर्तमान को ठीक प्रकार समझे और परिस्थिति के अनुसार आचरण करे।
    ~ Vinoba Bhave
  • जब तक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती तब तक लाभ दिखाई नहीं देता। लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनती है।
    ~ Vinoba Bhave
  • जबतक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती तब तक लाभ दिखाई नहीं देता। लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनती है।
    ~ Vinoba Bhave
  • पत्थर भले ही आखिरी चोट से टूटता है परन्तु पहली चोट भी व्यर्थ नहीं जाती।
    पत्थर भले ही आखिरी चोट से टूटता है परन्तु पहली चोट भी व्यर्थ नहीं जाती।
    ~ Vinoba Bhave
  • नई चीज सीखने की जिसने आशा छोड़ दी, वह बूढा है।
    ~ Vinoba Bhave