• मोदी जी का सूट खरीदने वाला अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।<br />
क्योंकि केजरीवाल जी ने कहा था कि इसकी एक जेब में अदानी और एक जेब में अंबानी है मगर उसे तो कोई नहीं मिला।Upload to Facebook
    मोदी जी का सूट खरीदने वाला अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।
    क्योंकि केजरीवाल जी ने कहा था कि इसकी एक जेब में अदानी और एक जेब में अंबानी है मगर उसे तो कोई नहीं मिला।
  • ख़ास उम्मीदें तो नहीं थी मेरी रेल बजट को लेकर लेकिन एक ख्वाहिश थी,
    "शौचालय में गलत नंबर लिखने वालों को 2 साल सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान हो।"
  • जिस देश में लोगों को रात दस बजे तक ये नहीं पता रहता कि उनका बॉस कल की छुट्टी अप्रूव करेगा या नहीं, वहाँ चार महीने पहले टिकट रिज़र्व करवाने की छूट देना उनकी भावनाओँ के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।
  • रेल मंत्रालय से अनुरोध है कि वे किराया बढ़ा ले दिक्कत नहीं है पर बाथरूम मे बंधे मग्गे की चेन भी लम्बी करे जहाँ तक पहुँचना चाहिए वहाँ तक पहुँचता नहीं है।
    जनहित मे जारी
  • एक सर्वे के मुताबिक:
    एक सिगरेट पीने पर जीवन का एक घंटा कम हो जाता है,
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    और वो कम हुआ एक घंटा MDH मसाले वाले अंकल की उम्र में जोड़ दिया जाता है।
  • हमें तंग करने के कोई और तरीके ढूंढो दुनिया वालो,
    क्योंकि...
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    "Candy Crush" की रिक्वेस्ट को तो हम नज़र अंदाज़ करना सीख गए हैं।
  • बंता: यार संता, ये जलेबी `फीमेल` क्यों है?<br />
संता: इसके दो कारण हैं, एक तो वो मीठी है और दूसरा वो कभी सीधी नहीं हो सकती।Upload to Facebook
    बंता: यार संता, ये जलेबी "फीमेल" क्यों है?
    संता: इसके दो कारण हैं, एक तो वो मीठी है और दूसरा वो कभी सीधी नहीं हो सकती।
  • हम आज भी शतरंज का खेल अकेले खेलते हैं!<br />
क्योंकि दुश्मनों को हम सामने बिठाते नहीं<br />
 
और 'दोस्तों' के खिलाफ चाल चलना हमें आता नहीं।Upload to Facebook
    हम आज भी शतरंज का खेल अकेले खेलते हैं!
    क्योंकि दुश्मनों को हम सामने बिठाते नहीं
    और 'दोस्तों' के खिलाफ चाल चलना हमें आता नहीं।
  • रंगों भरी पिचकारी, रंगों भरे गुब्बारे;<br />
गुजिया और मिठाइयों की हो भरमार;<br />
ठंडई और भांग से भरा हो हर गिलास;<br />
ऐसा है हमारा रंगों भरा त्यौहार।<br />
होली मुबारक!Upload to Facebook
    रंगों भरी पिचकारी, रंगों भरे गुब्बारे;
    गुजिया और मिठाइयों की हो भरमार;
    ठंडई और भांग से भरा हो हर गिलास;
    ऐसा है हमारा रंगों भरा त्यौहार।
    होली मुबारक!
  • बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही;<br />
जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही;<br />
यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी  बात नही।Upload to Facebook
    बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही;
    जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही;
    यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी बात नही।
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