• हमें आनंद तभी प्राप्त होता है जब हम आनंद की तलाश नहीं करते हैं ।
    हमें आनंद तभी प्राप्त होता है जब हम आनंद की तलाश नहीं करते हैं ।
    ~ Adi Shankaracharya
  • अच्छे और विनम्र शब्दों के ज्ञान होने के बावजूद भी दूसरो के साथ गलत शब्दों का इस्तेमाल करना बिल्कुल वैसे हो जाता है, जैसे पेड़ पर पके हुए फल लगे होने के बावजूद कच्चे फल खाना।
    अच्छे और विनम्र शब्दों के ज्ञान होने के बावजूद भी दूसरो के साथ गलत शब्दों का इस्तेमाल करना बिल्कुल वैसे हो जाता है, जैसे पेड़ पर पके हुए फल लगे होने के बावजूद कच्चे फल खाना।
    ~ Saint Thiruvalluvar
  • चंद्रमा भले ही अपना प्रकाश पूरे आकाश में फैलाता है, लेकिन अपना कलंक अपने ही पास रखता है।
    चंद्रमा भले ही अपना प्रकाश पूरे आकाश में फैलाता है, लेकिन अपना कलंक अपने ही पास रखता है।
    ~ Rabindranath Tagore
  • डर हर किसी के लिए एक अयोग्यता होती है।
    डर हर किसी के लिए एक अयोग्यता होती है।
    ~ Nick Vujicic
  • सत्य उसी वाणी को सम्भालता है जो वाणी सत्य को सम्भालती है|
    सत्य उसी वाणी को सम्भालता है जो वाणी सत्य को सम्भालती है|
    ~ Vinoba Bhave
  • इन्सान का आभूषण उसकी नम्रता और उसके मीठे वचन होते हैं। और बाकी सब नाम मात्र के भूषण हैं।
    इन्सान का आभूषण उसकी नम्रता और उसके मीठे वचन होते हैं। और बाकी सब नाम मात्र के भूषण हैं।
    ~ Saint Thiruvalluvar
  • वह एक बहुत मजबूत आदमी है, जो केवल न्याय करता है, और वह बहुत दुखद व्यक्ति है जो केवल बुद्धिमान है।
    वह एक बहुत मजबूत आदमी है, जो केवल न्याय करता है, और वह बहुत दुखद व्यक्ति है जो केवल बुद्धिमान है।
    ~ Voltaire
  • शूरवीरता, विद्या, बल, दक्षता और धैर्य, ये पांच इन्सान के स्वाभाविक मित्र हैं। और एक बुद्धिमान इन्सान हमेशा इनके साथ रहता हैं।
    शूरवीरता, विद्या, बल, दक्षता और धैर्य, ये पांच इन्सान के स्वाभाविक मित्र हैं। और एक बुद्धिमान इन्सान हमेशा इनके साथ रहता हैं।
    ~ Maharshi Vedvyas
  • लोग अभी तक याद रखते हैं जब तक उनकी सांसे चलती है जैसे ही सांसे चलानी बंद हो जाती है सबसे करीबी रिश्तेदार, मित्र यहां तक कि पत्नी भी अपनों से दूर चली जाती है ।
    लोग अभी तक याद रखते हैं जब तक उनकी सांसे चलती है जैसे ही सांसे चलानी बंद हो जाती है सबसे करीबी रिश्तेदार, मित्र यहां तक कि पत्नी भी अपनों से दूर चली जाती है ।
    ~ Adi Shankaracharya
  • लोग अभी तक याद रखते हैं जब तक उनकी सांसे चलती है जैसे ही सांसे चलानी बंद हो जाती है सबसे करीबी रिश्तेदार ,मित्र यहां तक कि पत्नी भी अपनों से दूर चली जाती है ।
    लोग अभी तक याद रखते हैं जब तक उनकी सांसे चलती है जैसे ही सांसे चलानी बंद हो जाती है सबसे करीबी रिश्तेदार ,मित्र यहां तक कि पत्नी भी अपनों से दूर चली जाती है ।
    ~ Adi Shankaracharya