• सौंदर्य एक अल्पकालिक अत्याचार है|

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    सौंदर्य एक अल्पकालिक अत्याचार है|
    ~ Socrates
  • अपनी भावनाओं को व्यक्त करना संबंधों में कड़वाहट ला सकता है , लेकिन ना व्यक्त करना खुद सम्बन्ध को ही आघात पहुंचा देगा।Upload to Facebook
    अपनी भावनाओं को व्यक्त करना संबंधों में कड़वाहट ला सकता है , लेकिन ना व्यक्त करना खुद सम्बन्ध को ही आघात पहुंचा देगा।
    ~ Mahatria Ra
  • मेरी समझ से प्रशाशन का मूल विचार यह है कि समाज को एकजुट रखा जाये ताकि वह विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके|Upload to Facebook
    मेरी समझ से प्रशाशन का मूल विचार यह है कि समाज को एकजुट रखा जाये ताकि वह विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके|
    ~ Lal Bahadur Shastri
  • हम उम्र बढ़ने, बीमारी और मृत्यु के शिकार नहीं हैं. ये सीनरी का हिस्सा हैं, सिद्ध पुरुष नहीं हैं जिनमे कोई बदलाव नहीं आता. यह सिद्ध पुरुष आत्मा है, सनातन अस्तित्व की अभिव्यक्ति|Upload to Facebook
    हम उम्र बढ़ने, बीमारी और मृत्यु के शिकार नहीं हैं. ये सीनरी का हिस्सा हैं, सिद्ध पुरुष नहीं हैं जिनमे कोई बदलाव नहीं आता. यह सिद्ध पुरुष आत्मा है, सनातन अस्तित्व की अभिव्यक्ति|
    ~ Deepak Chopra
  • बुराई को देखना और सुनना ही बुराई की शुरुआत है|Upload to Facebook
    बुराई को देखना और सुनना ही बुराई की शुरुआत है|
    ~ Confucius
  • ध्यान दीजिये कि सबसे कठोर पेड़ सबसे आसानी से टूट जाते  हैं , जबकि , बांस या विलो हवा के साथ मुड़कर बच जाते है।Upload to Facebook
    ध्यान दीजिये कि सबसे कठोर पेड़ सबसे आसानी से टूट जाते हैं , जबकि , बांस या विलो हवा के साथ मुड़कर बच जाते है।
    ~ Bruce Lee
  • किसी को सिर्फ अपने धर्म का सम्मान और दूसरों के धर्म की निंदा नहीं करनी चाहिए।
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    किसी को सिर्फ अपने धर्म का सम्मान और दूसरों के धर्म की निंदा नहीं करनी चाहिए।
    ~ Ashoka
  • जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए|Upload to Facebook
    जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए|
    ~ B. R. Ambedkar
  • जहाँ सम्मान है वहां डर है, पर ऐसी हर जगह सम्मान नहीं है जहाँ डर है, क्योंकि संभवतः डर सम्मान से ज्यादा व्यापक है|
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    जहाँ सम्मान है वहां डर है, पर ऐसी हर जगह सम्मान नहीं है जहाँ डर है, क्योंकि संभवतः डर सम्मान से ज्यादा व्यापक है|
    ~ Socrates
  • कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है| ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है| अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं|Upload to Facebook
    कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है| ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है| अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं|
    ~ Swami Vivekananda
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