• जैसे शरारती बच्चों के लिए मक्खियाँ होती हैं, वैसे ही देवताओं के लिए हम होते हैं; वो अपने मनोरंजन के लिए हमें मारते हैं।Upload to Facebook
    जैसे शरारती बच्चों के लिए मक्खियाँ होती हैं, वैसे ही देवताओं के लिए हम होते हैं; वो अपने मनोरंजन के लिए हमें मारते हैं।
    ~ William Shakespeare
  • मनुष्य अपने सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है।Upload to Facebook
    मनुष्य अपने सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है।
    ~ Aristotle
  • यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा।Upload to Facebook
    यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा।
    ~ A. P. J. Abdul Kalam
  • हम बाहरी दुनिया में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक हम अन्दर से शांत ना हों।Upload to Facebook
    हम बाहरी दुनिया में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक हम अन्दर से शांत ना हों।
    ~ Dalai Lama
  • यदि हम अपने काम में लगे रहे तो हम जो चाहें वो कर सकते हैं।Upload to Facebook
    यदि हम अपने काम में लगे रहे तो हम जो चाहें वो कर सकते हैं।
    ~ Helen Keller
  • हम सब यहाँ किसी ख़ास वजह से हैं। अपने अतीत के कैदी बनना छोड़िये।  अपने भविष्य के निर्माता बनिए।Upload to Facebook
    हम सब यहाँ किसी ख़ास वजह से हैं। अपने अतीत के कैदी बनना छोड़िये। अपने भविष्य के निर्माता बनिए।
    ~ Robin Sharma
  • आपके कंपनी की सबसे मूल्यवान संपत्ति है कि वह कैसे अपने ग्राहकों के बीच जानी जाती है।Upload to Facebook
    आपके कंपनी की सबसे मूल्यवान संपत्ति है कि वह कैसे अपने ग्राहकों के बीच जानी जाती है।
    ~ Brian Tracy
  • इतिहास खुद को दोहराता है, पहले एक त्रासदी की तर , दुसरे एक मज़ाक की तरह।Upload to Facebook
    इतिहास खुद को दोहराता है, पहले एक त्रासदी की तर , दुसरे एक मज़ाक की तरह।
    ~ Karl Marx
  • भगवान् का अलग से कोई अस्तित्व नहीं है . हर कोई सही दिशा में सर्वोच्च प्रयास कर के देवत्त्व प्राप्त कर सकता है!Upload to Facebook
    भगवान् का अलग से कोई अस्तित्व नहीं है . हर कोई सही दिशा में सर्वोच्च प्रयास कर के देवत्त्व प्राप्त कर सकता है!
    ~ Lord Mahavira
  • यह एक रणक्षेत्र है, मेरा शरीर, जिसने बहुत कुछ सहा है।Upload to Facebook
    यह एक रणक्षेत्र है, मेरा शरीर, जिसने बहुत कुछ सहा है।
    ~ Amitabh Bachchan
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