• अपने दुश्मनों को हमेशा माफ़ कर दीजिये! उन्हें इससे अधिक और कुछ नहीं परेशान करता!
    अपने दुश्मनों को हमेशा माफ़ कर दीजिये! उन्हें इससे अधिक और कुछ नहीं परेशान करता!
    ~ Oscar Wilde
  • मनुष्‍य पुण्‍य का फल सुख चाहता है, परंतु पुण्‍य करना नहीं चाहता और पाप का फल दु:ख नहीं चाहता है पर पाप छोड़ना नहीं चाहता है। इसीलिए सुख मिलता नहीं है और दु:ख भोगना पड़ता है।
    मनुष्‍य पुण्‍य का फल सुख चाहता है, परंतु पुण्‍य करना नहीं चाहता और पाप का फल दु:ख नहीं चाहता है पर पाप छोड़ना नहीं चाहता है। इसीलिए सुख मिलता नहीं है और दु:ख भोगना पड़ता है।
    ~ Author Unknown
  • बुद्धि, करुणा, और साहस, व्यक्ति के लिए तीन सार्वभौमिक मान्यता प्राप्त नैतिक गुण हैं!
    बुद्धि, करुणा, और साहस, व्यक्ति के लिए तीन सार्वभौमिक मान्यता प्राप्त नैतिक गुण हैं!
    ~ Confucius
  • अर्ध-सत्य अक्सर एक बड़ा झूठ होता है!
    अर्ध-सत्य अक्सर एक बड़ा झूठ होता है!
    ~ Benjamin Franklin
  • अपने दोष हम देखना नहीं चाहते, दूसरों के देखने में हमें मजा आता है बहुत सारे दुख तो इसी आदत से पैदा होते हैं!
    अपने दोष हम देखना नहीं चाहते, दूसरों के देखने में हमें मजा आता है बहुत सारे दुख तो इसी आदत से पैदा होते हैं!
    ~ Mahatma Gandhi
  • यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ भी याद रखने की जरूरत नहीं है।
    यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ भी याद रखने की जरूरत नहीं है।
    ~ Mark Twain
  • हम सबको सहन करना सीखना चाहिए, क्योंकि हमारी बहुत सी कमियों को दूसरे भी सहते होंगे! हाज़िर जवाबी बहुत अच्छी चीज होती है लेकिन क्रोध के समय ये घी के समान होता है!
    हम सबको सहन करना सीखना चाहिए, क्योंकि हमारी बहुत सी कमियों को दूसरे भी सहते होंगे! हाज़िर जवाबी बहुत अच्छी चीज होती है लेकिन क्रोध के समय ये घी के समान होता है!
    ~ Author Unknown
  • हमें एक दूसरे के साथ चेहरे पर मुस्कान के साथ मिलना चाहिए क्योंकि यहीं से प्यार की शुरुआत होती है।
    हमें एक दूसरे के साथ चेहरे पर मुस्कान के साथ मिलना चाहिए क्योंकि यहीं से प्यार की शुरुआत होती है।
    ~ Mother Teresa
  • वन की अग्नि चंदन की लकड़ी को भी जला देती है अर्थात दुष्ट व्यक्ति किसी का भी अहित कर सकता है।
    वन की अग्नि चंदन की लकड़ी को भी जला देती है अर्थात दुष्ट व्यक्ति किसी का भी अहित कर सकता है।
    ~ Chanakya
  • हम अपनी ग़लतियों के लिए बहुत अच्छे वक़ील बन जाते हैं; और दूसरों की ग़लतियों के लिए बहुत अच्छे न्यायाधीश।
    हम अपनी ग़लतियों के लिए बहुत अच्छे वक़ील बन जाते हैं; और दूसरों की ग़लतियों के लिए बहुत अच्छे न्यायाधीश।
    ~ Paul C