• इन्सान का आभूषण उसकी नम्रता और उसके मीठे वचन होते हैं। और बाकी सब नाम मात्र के भूषण हैं।
    इन्सान का आभूषण उसकी नम्रता और उसके मीठे वचन होते हैं। और बाकी सब नाम मात्र के भूषण हैं।
    ~ Saint Thiruvalluvar
  • शूरवीरता, विद्या, बल, दक्षता और धैर्य, ये पांच इन्सान के स्वाभाविक मित्र हैं। और एक बुद्धिमान इन्सान हमेशा इनके साथ रहता हैं।
    शूरवीरता, विद्या, बल, दक्षता और धैर्य, ये पांच इन्सान के स्वाभाविक मित्र हैं। और एक बुद्धिमान इन्सान हमेशा इनके साथ रहता हैं।
    ~ Maharshi Vedvyas
  • जिस प्रकार अन्न नमक के बिना स्वादरहित और फीका लगता है, ठीक उसी तरह से वाचाल की कही हुई बाते निस्सार होते हैं, और लोगो को रुचिकर नहीं लगते |
    जिस प्रकार अन्न नमक के बिना स्वादरहित और फीका लगता है, ठीक उसी तरह से वाचाल की कही हुई बाते निस्सार होते हैं, और लोगो को रुचिकर नहीं लगते |
    ~ Saint Tukaram
  • भविष्य सिर्फ उनका होता है जो लोग अपने सपनों की खूबसूरती में विश्वास किया करते हैं।
    भविष्य सिर्फ उनका होता है जो लोग अपने सपनों की खूबसूरती में विश्वास किया करते हैं।
    ~ Eleanor Roosevelt
  • शिक्षा पर हर एक मानव का अधिकार होता है।
    शिक्षा पर हर एक मानव का अधिकार होता है।
    ~ Malala Yousafzai
  • अधूरेपन में भी एक तरह की खूबसूरती होती है|
    अधूरेपन में भी एक तरह की खूबसूरती होती है|
    ~ Conrad Hall
  • इंसान का आत्मसम्मान और गौरव ही सबसे बङी कमाई होती है। और हमेशा इनकी रक्षा करनी चाहिए|
    इंसान का आत्मसम्मान और गौरव ही सबसे बङी कमाई होती है। और हमेशा इनकी रक्षा करनी चाहिए|
    ~ Maharana Pratap
  • किसी का नाम किसी भी भाषा में मधुर और सबसे महत्वपूर्ण आवाज होती है|
    किसी का नाम किसी भी भाषा में मधुर और सबसे महत्वपूर्ण आवाज होती है|
    ~ Dale Carnegie
  • आयु सालों को स्वीकार करती है लेकिन परिपक्वता साल की महिमा को स्वीकार करती है|
    आयु सालों को स्वीकार करती है लेकिन परिपक्वता साल की महिमा को स्वीकार करती है|
    ~ Martha Graham
  • एक कलाकार प्रकृति का प्रेमी होता है, एक दास है तो दूसरा स्वामी।
    एक कलाकार प्रकृति का प्रेमी होता है, एक दास है तो दूसरा स्वामी।
    ~ Rabindranath Tagore