• जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी मन इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है!
    जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी मन इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है!
    ~ Swami Vivekananda
  • भगवान के चेहरे पर एक मुस्कुराहट है!
    भगवान के चेहरे पर एक मुस्कुराहट है!
    ~ Psalm 42:5
  • आपकी दया मेरी सामाजिक स्थिति है!
    आपकी दया मेरी सामाजिक स्थिति है!
    ~ Guru Nanak Dev Ji
  • सबसे उत्तम तीर्थ अपना मन है जो विशेष रूप से शुद्ध किया हुआ हो!
    ~ Swami Shankaracharya
  • यदि भगवान छुआछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    यदि भगवान छुआछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • गणित मेरा जुनून है इंजीनियरिंग मेरा पेशा है!
    गणित मेरा जुनून है इंजीनियरिंग मेरा पेशा है!
    ~ Wilfred James Dolor
  • मनुष्य की सुरक्षा उसकी धार्मिक वृत्ति ही करती है|
    मनुष्य की सुरक्षा उसकी धार्मिक वृत्ति ही करती है|
    ~ Acharya Tulsidas
  • मैं सबसे महान हूँ, मैंने ये तब कहा जब मुझे पता भी नहीं था कि मैं हूँ।
    मैं सबसे महान हूँ, मैंने ये तब कहा जब मुझे पता भी नहीं था कि मैं हूँ।
    ~ Muhammad Ali
  • मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी, मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ|
    मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी, मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ|
    ~ Sai Baba
  • मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ|
    मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ|
    ~ Sai Baba