• क्रोध मूर्खों की छाती में ही बसता है।
    क्रोध मूर्खों की छाती में ही बसता है।
    ~ Albert Einstein
  • क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है।
    क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है।
    ~ Robert Green Ingersoll
  • क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं!
    क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं!
    ~ Buddha
  • मनुष्य का सबसे बड़ा यदि कोई शत्रु है तो वह है उसका अज्ञान|
    मनुष्य का सबसे बड़ा यदि कोई शत्रु है तो वह है उसका अज्ञान|
    ~ Chanakya
  • दुश्मनी की वजह से उत्पन होने वाली आग एक पक्ष को राख किए बिना कभी शांत नहीं होती।
    दुश्मनी की वजह से उत्पन होने वाली आग एक पक्ष को राख किए बिना कभी शांत नहीं होती।
    ~ Maharshi Vedvyas
  • नफ़रत नापसंदगी की तुलना में अधिक स्थायी होती है|
    नफ़रत नापसंदगी की तुलना में अधिक स्थायी होती है|
    ~ Adolf Hitler
  • क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है।
    क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है।
    ~ Premchand
  • क्रोध कभी बिना कारण के नहीं होता और कभी-कभी यह एक अच्छे कारण के साथ होता है।
    क्रोध कभी बिना कारण के नहीं होता और कभी-कभी यह एक अच्छे कारण के साथ होता है।
    ~ Benjamin Franklin
  • क्रोध में आपका मुँह आपके मन की तुलना में ज्यादा चलता है।
    क्रोध में आपका मुँह आपके मन की तुलना में ज्यादा चलता है।
    ~ Joe Moore
  • कभी भी यह मत भूलो कि किसी आदमी ने क्रोध में आपसे क्या कहा था।
    कभी भी यह मत भूलो कि किसी आदमी ने क्रोध में आपसे क्या कहा था।
    ~ Henry Ward Beecher