• आत्म साक्षात्कार मेँ बाधक बनने वाली प्यारी चीज को भी तुरंत हटा देना चाहिए|
    आत्म साक्षात्कार मेँ बाधक बनने वाली प्यारी चीज को भी तुरंत हटा देना चाहिए|
    ~ Swami Ramtirth
  • अहिंसा ही परम धर्म है, अहिंसा ही परम तप है, अहिंसा ही परम ज्ञान है, और अहिंसा ही परम पद है|
    अहिंसा ही परम धर्म है, अहिंसा ही परम तप है, अहिंसा ही परम ज्ञान है, और अहिंसा ही परम पद है|
    ~ Maharshi Vedvyas
  • शब्द रत्न है, कपडा है, जीवन को बनाये रखने वाला भोजन है और लोगो के बीच बाटने वाला धन है|
    शब्द रत्न है, कपडा है, जीवन को बनाये रखने वाला भोजन है और लोगो के बीच बाटने वाला धन है|
    ~ Saint Tukaram
  • सत्ता के प्रति विचारहीन सम्मान सत्य का सबसे बड़ा शत्रु है|
    सत्ता के प्रति विचारहीन सम्मान सत्य का सबसे बड़ा शत्रु है|
    ~ Albert Einstein
  • मुझे लगता है लोगों में खुद को व्यक्त करने की आन्तरिक इच्छा होती है कि वे कौन हैं। और मेरा मानना है कि ये हमेशा से अस्तित्व में थी।
    मुझे लगता है लोगों में खुद को व्यक्त करने की आन्तरिक इच्छा होती है कि वे कौन हैं। और मेरा मानना है कि ये हमेशा से अस्तित्व में थी।
    ~ Mark Zuckerberg
  • हम तीन तरीकों से ज्ञान अर्जित कर सकते हैं| पहला, चिंतन करके, जो कि सबसे सही तरीका है. दूसरा , अनुकरण करके,जो कि सबसे आसान है, और तीसरा अनुभव से ,जो कि सबसे कष्टकारी है|
    हम तीन तरीकों से ज्ञान अर्जित कर सकते हैं| पहला, चिंतन करके, जो कि सबसे सही तरीका है. दूसरा , अनुकरण करके,जो कि सबसे आसान है, और तीसरा अनुभव से ,जो कि सबसे कष्टकारी है|
    ~ Confucius
  • डेरीवेटिव्स सामूहिक विनाश के वित्तीय हथियार हैं|
    डेरीवेटिव्स सामूहिक विनाश के वित्तीय हथियार हैं|
    ~ Warren Buffett
  • प्रतिस्पर्धा एक पाप है|
    प्रतिस्पर्धा एक पाप है|
    ~ John D. Rockefeller
  • आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है| असली शत्रु आपके भीतर रहते हैं, वो शत्रु हैं क्रोध, घमंड, लालच,आसक्ति और नफरत|
    आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है| असली शत्रु आपके भीतर रहते हैं, वो शत्रु हैं क्रोध, घमंड, लालच,आसक्ति और नफरत|
    ~ Lord Mahavira
  • योग वह प्रकश है जो एक बार जला दिया जाए तो कभी कम नहीं होता। जितना अच्छा आप अभ्यास करेंगे, लौ उतनी ही उज्जवल होगी।
    योग वह प्रकश है जो एक बार जला दिया जाए तो कभी कम नहीं होता। जितना अच्छा आप अभ्यास करेंगे, लौ उतनी ही उज्जवल होगी।
    ~ B.K.S. Iyengar