• राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है, मैं एक पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है!
    राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है, मैं एक पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है!
    ~ Bhagat Singh
  • प्रेमी, पागल, और कवी एक ही चीज से बने होते हैं।
    प्रेमी, पागल, और कवी एक ही चीज से बने होते हैं।
    ~ Bhagat Singh
  • मैं चिंतित हूँ  कि कुछ असंवेदनशील लोगों द्वारा शाशित इस देश का क्या होगा! लेकिन हम उन्हें जनशक्ति द्वारा बदल सकते हैं!
    मैं चिंतित हूँ कि कुछ असंवेदनशील लोगों द्वारा शाशित इस देश का क्या होगा! लेकिन हम उन्हें जनशक्ति द्वारा बदल सकते हैं!
    ~ Anna Hazare
  • ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहाँ धन तो है लेकिन सम्मान नहीं!
    ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहाँ धन तो है लेकिन सम्मान नहीं!
    ~ Vinoba Bhave
  • एक सच्चे सैनिक को सैन्य और आध्यात्मिक दोनों ही प्रशिक्षण की ज़रुरत होती है!
    एक सच्चे सैनिक को सैन्य और आध्यात्मिक दोनों ही प्रशिक्षण की ज़रुरत होती है!
    ~ Subhash Chandra Bose
  • इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने<br/>
काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है,<br/> 
जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे.
    इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने
    काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है,
    जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे.
    ~ Bhagat Singh
  • राष्ट की शक्ति के बिना विश्वास कुछ भी होता है ।
    राष्ट की शक्ति के बिना विश्वास कुछ भी होता है ।
    ~ Catherine the Great
  • उस आजादी को खत्म कर देना चाहिए, जो पाप की गुलामी कर रहा हो|
    उस आजादी को खत्म कर देना चाहिए, जो पाप की गुलामी कर रहा हो|
    ~ Swami Ramtirth
  • क्रांतिकारी सोच के 2 लक्षण होते हैं एक बेरहम निंदा और दूसरा स्वतंत्र सोच |
    क्रांतिकारी सोच के 2 लक्षण होते हैं एक बेरहम निंदा और दूसरा स्वतंत्र सोच |
    ~ Bhagat Singh
  • हम भारतीय हैं, पहले और अंत में।
    हम भारतीय हैं, पहले और अंत में।
    ~ B. R. Ambedkar