• जो देश ऊर्जा के स्त्रोत्र को कण्ट्रोल नहीं कर सकता, वह देश अपने भविष्य पर भी कण्ट्रोल नहीं कर सकता है |
    जो देश ऊर्जा के स्त्रोत्र को कण्ट्रोल नहीं कर सकता, वह देश अपने भविष्य पर भी कण्ट्रोल नहीं कर सकता है |
    ~ Barack Obama
  • मैं एक बात पर जोर देना चाहूंगी: अगर आप लगातार पीछे देखते रहेंगे और जो हो चुका है उसी का राग अलापते रहेंगे, तब आप आगे नहीं बढ़ पायेंगे, राजनीति नहीं कर पायेंगे।
    मैं एक बात पर जोर देना चाहूंगी: अगर आप लगातार पीछे देखते रहेंगे और जो हो चुका है उसी का राग अलापते रहेंगे, तब आप आगे नहीं बढ़ पायेंगे, राजनीति नहीं कर पायेंगे।
    ~ Jayalalithaa
  • वही लूट, वही भ्रष्टाचार, वही उपद्रवता अभी भी मौजूद है|
    वही लूट, वही भ्रष्टाचार, वही उपद्रवता अभी भी मौजूद है|
    ~ Anna Hazare
  • जो शाशन करते हैं उन्हें देखना चाहिए कि लोग प्रशाशन पर किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं. अंततः, जनता ही मुखिया होती है|
    जो शाशन करते हैं उन्हें देखना चाहिए कि लोग प्रशाशन पर किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं. अंततः, जनता ही मुखिया होती है|
    ~ Lal Bahadur Shastri
  • यदि आप एक बार अपने साथी नागरिकों का भरोसा तोड़ दें, तो आप फिर कभी  उनका सत्कार और सम्मान नहीं पा सकेंगे|
    यदि आप एक बार अपने साथी नागरिकों का भरोसा तोड़ दें, तो आप फिर कभी उनका सत्कार और सम्मान नहीं पा सकेंगे|
    ~ Abraham Lincoln
  • गरीबी बहुआयामी है, यह हमारी कमाई के अलावा स्वास्थय, राजनीतिक भागीदारी, और हमारी संस्कृति और सामाजिक संगठन की उन्नति पर भी असर डालती है|
    गरीबी बहुआयामी है, यह हमारी कमाई के अलावा स्वास्थय, राजनीतिक भागीदारी, और हमारी संस्कृति और सामाजिक संगठन की उन्नति पर भी असर डालती है|
    ~ Atal Bihari Vajpayee
  • सरकार का पैसा लोगो का पैसा है, लोगों के भले के लिए प्रभावी नीतियां बनाएं|
    सरकार का पैसा लोगो का पैसा है, लोगों के भले के लिए प्रभावी नीतियां बनाएं|
    ~ Anna Hazare
  • राजनीतिक अत्याचार सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है और एक  सुधारक जो समाज को खारिज कर देता है वो सरकार को ख़ारिज कर देने वाले राजनीतिज्ञ से कहीं अधिक साहसी हैं|
    राजनीतिक अत्याचार सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है और एक सुधारक जो समाज को खारिज कर देता है वो सरकार को ख़ारिज कर देने वाले राजनीतिज्ञ से कहीं अधिक साहसी हैं|
    ~ B. R. Ambedkar
  • इतिहास में कभी भी विचार -विमर्श से कोई ठोस परिवर्तन नहीं हासिल किया गया है|
    इतिहास में कभी भी विचार -विमर्श से कोई ठोस परिवर्तन नहीं हासिल किया गया है|
    ~ Subhash Chandra Bose
  • मनुष्य अपनी सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है|
    मनुष्य अपनी सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है|
    ~ Aristotle