• जब आप समुद्री डांकू बन सकते है तो फिर नौसेना में जाने कि क्या ज़रुरत है?
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    जब आप समुद्री डांकू बन सकते है तो फिर नौसेना में जाने कि क्या ज़रुरत है?
    ~ Steve Jobs
  • प्रतिस्पर्धा एक पाप है|Upload to Facebook
    प्रतिस्पर्धा एक पाप है|
    ~ John D. Rockefeller
  • एक लीडर आशा का व्यापारी होता है|Upload to Facebook
    एक लीडर आशा का व्यापारी होता है|
    ~ Napoleon Bonaparte
  • यदि एक समाजवादी सरकार बल प्रयोग करे, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोगों की मौत हो जाए तो तो उसे शासन करने का कोई अधिकार नहीं है|Upload to Facebook
    यदि एक समाजवादी सरकार बल प्रयोग करे, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोगों की मौत हो जाए तो तो उसे शासन करने का कोई अधिकार नहीं है|
    ~ Ram Manohar Lohia
  • जीवन में आपको जो भी अवसर चाहिए वो आपकी कल्पना में प्रतीक्षा करते हैं, कल्पना आपके मस्तिष्क की कार्यशाला है, जो आपके मन की उर्जा को सिद्धि और धन में बदल देती है|Upload to Facebook
    जीवन में आपको जो भी अवसर चाहिए वो आपकी कल्पना में प्रतीक्षा करते हैं, कल्पना आपके मस्तिष्क की कार्यशाला है, जो आपके मन की उर्जा को सिद्धि और धन में बदल देती है|
    ~ Napoleon Hill
  • यहाँ फेलियर एक विकल्प है, अगर चीजें फेल नहीं हो रहे हैं, तो आप उतना इनोवेट नहीं कर रहे हैं|Upload to Facebook
    यहाँ फेलियर एक विकल्प है, अगर चीजें फेल नहीं हो रहे हैं, तो आप उतना इनोवेट नहीं कर रहे हैं|
    ~ Elon Musk
  • सबसे अच्छे तरीके वे होते हैं जो लाइफ एनर्जी को पुन: अंदरूनी चिकित्सा आरम्भ करने में मदद करते हैं।Upload to Facebook
    सबसे अच्छे तरीके वे होते हैं जो लाइफ एनर्जी को पुन: अंदरूनी चिकित्सा आरम्भ करने में मदद करते हैं।
    ~ Paramahansa Yogananda
  • मुझे हमेशा से पता था कि मैं अमीर बनने जा रहा हूँ, मुझे नही लगता कि मैंने एक मिनट के लिए भी इस बात पर शक किया|Upload to Facebook
    मुझे हमेशा से पता था कि मैं अमीर बनने जा रहा हूँ, मुझे नही लगता कि मैंने एक मिनट के लिए भी इस बात पर शक किया|
    ~ Warren Buffett
  • जहाँ मैं सोचता था कि मैं जीना सीख रहा हूँ, वहीँ मैं मरना सीख रहा था।Upload to Facebook
    जहाँ मैं सोचता था कि मैं जीना सीख रहा हूँ, वहीँ मैं मरना सीख रहा था।
    ~ Leonardo da Vinci
  • आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है| असली शत्रु आपके भीतर रहते हैं, वो शत्रु हैं क्रोध, घमंड, लालच,आसक्ति और नफरत|Upload to Facebook
    आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है| असली शत्रु आपके भीतर रहते हैं, वो शत्रु हैं क्रोध, घमंड, लालच,आसक्ति और नफरत|
    ~ Lord Mahavira
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