• वह व्यक्ति समर्थ है जो ये मानता है कि वह समर्थ है।Upload to Facebook
    वह व्यक्ति समर्थ है जो ये मानता है कि वह समर्थ है।
    ~ Lord Gautama Buddha
  • जीवन को गाड़ी के सामने के काँच से देखें, पीछे देखने वाले शीशे में नहीं।Upload to Facebook
    जीवन को गाड़ी के सामने के काँच से देखें, पीछे देखने वाले शीशे में नहीं।
    ~ Byrd Baggett
  • आप के आसपास के लोगों में से कोई भी जब आप के मान दंडों पर खरा न उतरे तो मान लीजिए कि अपने मान दंडों को फिर से परख लेने का समय आ गया है।
    ~ Bill Lemley
  • इस संसार में जन्म, जरा और मरण के दुःख से ग्रस्त जीव को कोई सुख नहीं है। अत: मोक्ष ही एक उपादेय है।Upload to Facebook
    इस संसार में जन्म, जरा और मरण के दुःख से ग्रस्त जीव को कोई सुख नहीं है। अत: मोक्ष ही एक उपादेय है।
    ~ Mahavira
  • जीवन की चुनौतियों का अर्थ आपकी विकलांगता नहीं है बल्कि उनका उद्देश्य आपको इस बात की खोज में सहायता करना है कि आप कौन हैं।Upload to Facebook
    जीवन की चुनौतियों का अर्थ आपकी विकलांगता नहीं है बल्कि उनका उद्देश्य आपको इस बात की खोज में सहायता करना है कि आप कौन हैं।
    ~ Bernice Johnson Reagon
  • शांत-चित्तता तो पारे की तरह है। आप इसे पाने की जितनी ज्यादा कोशिश करते हैं, यह उतनी ही मुश्किल से हाथ आती है।Upload to Facebook
    शांत-चित्तता तो पारे की तरह है। आप इसे पाने की जितनी ज्यादा कोशिश करते हैं, यह उतनी ही मुश्किल से हाथ आती है।
    ~ Bern Williams
  • मनुष्य तब तक शक्तिशाली है जब तक वह किसी शशक्त योजना का प्रतिनिधित्व करता है, और जब वह इसका विरोध करता है तो निर्भल हो जाता है।Upload to Facebook
    मनुष्य तब तक शक्तिशाली है जब तक वह किसी शशक्त योजना का प्रतिनिधित्व करता है, और जब वह इसका विरोध करता है तो निर्भल हो जाता है।
    ~ Sigmund Freud
  • प्रसन्नता बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती, यह हमारे मानसिक रवैया से संचालित होती है।Upload to Facebook
    प्रसन्नता बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती, यह हमारे मानसिक रवैया से संचालित होती है।
    ~ Dale Carnegie
  • जिसे हम आसानी से करने की उम्मीद करते हैं पहले उसे परिश्रम से करना सीखना चाहिए।Upload to Facebook
    जिसे हम आसानी से करने की उम्मीद करते हैं पहले उसे परिश्रम से करना सीखना चाहिए।
    ~ Samuel Johnson
  • कल्पना अभ्यास से बढती है, और आम धारणा के विपरीत, परिपक्कव लोगों में युवा लोगों की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होती है।Upload to Facebook
    कल्पना अभ्यास से बढती है, और आम धारणा के विपरीत, परिपक्कव लोगों में युवा लोगों की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होती है।
    ~ W. Somerset Maugham
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