• जब तक अंगूर को ना पीसा जाए, वह मीठा मदीरा नहीं बनता ठीक उसी तरह इंसान को जब तक कष्ट से ना पीसा जाए तब तक प्रतिभाशाली इंसान नहीं बन सकता ।
    जब तक अंगूर को ना पीसा जाए, वह मीठा मदीरा नहीं बनता ठीक उसी तरह इंसान को जब तक कष्ट से ना पीसा जाए तब तक प्रतिभाशाली इंसान नहीं बन सकता ।
    ~ Chhatrapati Shivaji
  • अग्नि, गुरु, कुवारी कन्या, गाय, वृद्ध और बालक, इन सातो को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए|
    अग्नि, गुरु, कुवारी कन्या, गाय, वृद्ध और बालक, इन सातो को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए|
    ~ Chanakya
  • लोग मेरे को पागल कहते है, मगर इस प्रश्न का अभी जवाब नहीं मिला है, कि क्या पागलपन सबसे ऊंची विद्व्ता नहीं होती है।
    लोग मेरे को पागल कहते है, मगर इस प्रश्न का अभी जवाब नहीं मिला है, कि क्या पागलपन सबसे ऊंची विद्व्ता नहीं होती है।
    ~ Edgar Allan Poe
  • पेड़ो के आसपास चलने वाला अभिनेता कभी आगे नही बढ़ सकता|
    पेड़ो के आसपास चलने वाला अभिनेता कभी आगे नही बढ़ सकता|
    ~ Dr. Rajendra Prasad
  • यदि आपको खुद पर हंसना कठिन लगता हो तो आपके लिए ऐसा करने में मुझे खशी होगी।
    यदि आपको खुद पर हंसना कठिन लगता हो तो आपके लिए ऐसा करने में मुझे खशी होगी।
    ~ Groucho Marx
  • मैं सुनिश्चित करती थी कि मेरे आस-पास मौजूद लोग मेरे साथ अच्छा व्यवहार करें और मैं केवल उन्ही के करीब जाती थी जिनका चरित्र अच्छा था और जो दिल से अच्छे थे।
    मैं सुनिश्चित करती थी कि मेरे आस-पास मौजूद लोग मेरे साथ अच्छा व्यवहार करें और मैं केवल उन्ही के करीब जाती थी जिनका चरित्र अच्छा था और जो दिल से अच्छे थे।
    ~ Jayalalithaa
  • बहुत से लोग रास्तों पे तब तक आगे नहीं बढ़ते जब तक की सारी लाइटें ग्रीन ना हो जाएं। इसीलिए वे कहीं नहीं जा पाते।
    बहुत से लोग रास्तों पे तब तक आगे नहीं बढ़ते जब तक की सारी लाइटें ग्रीन ना हो जाएं। इसीलिए वे कहीं नहीं जा पाते।
    ~ Robert Kiyosaki
  • आपको अपने भीतर वो जगह खोजनी होगी जहाँ कुछ भी असंभव नहीं है|
    आपको अपने भीतर वो जगह खोजनी होगी जहाँ कुछ भी असंभव नहीं है|
    ~ Deepak Chopra
  • चलिए अन्धकार से प्रकाश की ओर बढें। चलिए मृत्यु से देवत्व की ओर बढें। चलिए हम आगे बढें।
    चलिए अन्धकार से प्रकाश की ओर बढें। चलिए मृत्यु से देवत्व की ओर बढें। चलिए हम आगे बढें।
    ~ Kailash Satyarthi
  • हम एक औसत तारे के छोटे से ग्रह पर रहने वाली बंदरों की एक अन्नत नस्ल हैं, लेकिन हम ब्रह्माण्ड को समझ सकते हैं। ये हमें कुछ ख़ास बनाता है|
    हम एक औसत तारे के छोटे से ग्रह पर रहने वाली बंदरों की एक अन्नत नस्ल हैं, लेकिन हम ब्रह्माण्ड को समझ सकते हैं। ये हमें कुछ ख़ास बनाता है|
    ~ Stephen Hawking