• आज अच्छा था| आज मजेदार था। कल एक और ऐसा दिन होगा।
    आज अच्छा था| आज मजेदार था। कल एक और ऐसा दिन होगा।
    ~ Dr. Seuss
  • हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले।
    हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • यौन उत्पीड़न के किसी भी मामले में, दोषियों को तीन से चार पांच छह महीने के अंदर सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए|
    यौन उत्पीड़न के किसी भी मामले में, दोषियों को तीन से चार पांच छह महीने के अंदर सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए|
    ~ Arvind Kejriwal
  • कुछ सार्थक हासिल करने से पहले आपको बहुत, बहुत, बहुत से छोटे प्रयास करने होते हैं जिसे न कोई देखता या सराहना करता है।
    कुछ सार्थक हासिल करने से पहले आपको बहुत, बहुत, बहुत से छोटे प्रयास करने होते हैं जिसे न कोई देखता या सराहना करता है।
    ~ Brian Tracy
  • वही  लूट, वही भ्रष्टाचार, वही उपद्रवता अभी भी मौजूद है|
    वही लूट, वही भ्रष्टाचार, वही उपद्रवता अभी भी मौजूद है|
    ~ Anna Hazare
  • मैं कभी भी अपने कैरियर को लेकर आश्वस्त नहीं रहा हूँ|
    मैं कभी भी अपने कैरियर को लेकर आश्वस्त नहीं रहा हूँ|
    ~ Amitabh Bachchan
  • प्रत्येक व्यक्ति प्रशंसा चाहता है।
    प्रत्येक व्यक्ति प्रशंसा चाहता है।
    ~ Abraham Lincoln
  • एक बुद्धिमान पुरुष की प्रशंसा उसकी अनुपस्थिति में करनी चाहिए, किन्तु स्त्री की प्रशंसा उसके मुख पर।
    एक बुद्धिमान पुरुष की प्रशंसा उसकी अनुपस्थिति में करनी चाहिए, किन्तु स्त्री की प्रशंसा उसके मुख पर।
  • अपनी प्रशंसा सुनकर हम इतने मतवाले हो जाते हैं कि फिर हम में विवेक की शक्ति भी लुप्त हो जाती है। बड़े-से -बड़ा महात्मा भी अपनी प्रशंसा सुनकर फूल उठता है।
    अपनी प्रशंसा सुनकर हम इतने मतवाले हो जाते हैं कि फिर हम में विवेक की शक्ति भी लुप्त हो जाती है। बड़े-से -बड़ा महात्मा भी अपनी प्रशंसा सुनकर फूल उठता है।
  • मुझे किसी दूसरी वस्तु की इतनी आवश्यकता नहीं है जितनी की आत्मपूजा की भूख के पोषण की।
    मुझे किसी दूसरी वस्तु की इतनी आवश्यकता नहीं है जितनी की आत्मपूजा की भूख के पोषण की।
    ~ Author Unknown