• मुझे किसी दूसरी वस्तु की इतनी आवश्यकता नहीं है जितनी की आत्मपूजा की भूख के पोषण की।
    मुझे किसी दूसरी वस्तु की इतनी आवश्यकता नहीं है जितनी की आत्मपूजा की भूख के पोषण की।
    ~ Author Unknown
  • हर उस व्यक्ति के लिए समय की कोई कमी नहीं रहेगी जिसे समय का उपयोग करना आता है।
    हर उस व्यक्ति के लिए समय की कोई कमी नहीं रहेगी जिसे समय का उपयोग करना आता है।
    ~ Leonardo da Vinci
  • मैं हमेशा से भारत के भविष्य को लेकर बहुत उत्साहित रहा हूँ। मेरा मानना है कि यह महान योग्यताओं वाला एक महान देश है।
    मैं हमेशा से भारत के भविष्य को लेकर बहुत उत्साहित रहा हूँ। मेरा मानना है कि यह महान योग्यताओं वाला एक महान देश है।
    ~ Ratan Tata
  • किसी के गुणों की प्रशंसा करने में अपना समय व्यर्थ नष्ट न करो, उसके गुणों को अपनाने का प्रयत्न करो।
    किसी के गुणों की प्रशंसा करने में अपना समय व्यर्थ नष्ट न करो, उसके गुणों को अपनाने का प्रयत्न करो।
    ~ Karl Marx
  • कोई भी पूरी तरह आज़ाद नहीं है, यहाँ तक कि पक्षी भी आकाश की सीमा में बंधे हुए हैं।
    कोई भी पूरी तरह आज़ाद नहीं है, यहाँ तक कि पक्षी भी आकाश की सीमा में बंधे हुए हैं।
    ~ Bob Dylan
  • बुद्धिमान लोगों की कद्र होती है, अमीरों की सराहना, ताकतवर से सब डरते हैं, पर ईमानदार लोगों पर ही सब भरोसा करते हैं। इसलिए आप जो भी करें, उसमें ईमानदार रहे।
    बुद्धिमान लोगों की कद्र होती है, अमीरों की सराहना, ताकतवर से सब डरते हैं, पर ईमानदार लोगों पर ही सब भरोसा करते हैं। इसलिए आप जो भी करें, उसमें ईमानदार रहे।
    ~ Navjot Singh Sidhu
  • तालियाँ, रशीद हैं, बिल नहीं।
    तालियाँ, रशीद हैं, बिल नहीं।
    ~ Dale Carnegie
  • पूँजी मृत श्रम है, जो पिशाच की तरह केवल जीवित श्रमिकों  का खून चूस कर जिंदा रहता है, और जितना अधिक ये जिंदा रहता है उतना ही अधिक श्रमिकों को चूसता है।
    पूँजी मृत श्रम है, जो पिशाच की तरह केवल जीवित श्रमिकों का खून चूस कर जिंदा रहता है, और जितना अधिक ये जिंदा रहता है उतना ही अधिक श्रमिकों को चूसता है।
    ~ Karl Marx
  • असफलता को सफलता में बदलो. निराशा और असफलता सफलता के रास्ते में आने वाली दो निश्चित पद चिन्ह  हैं।
    असफलता को सफलता में बदलो. निराशा और असफलता सफलता के रास्ते में आने वाली दो निश्चित पद चिन्ह हैं।
    ~ Dale Carnegie
  • बिना शाशक और शाशित के बीच की दूरी कम किये भ्रष्टाचार को नहीं मिटाया जा सकता।
    बिना शाशक और शाशित के बीच की दूरी कम किये भ्रष्टाचार को नहीं मिटाया जा सकता।
    ~ Kiran Bedi