• मैं ऐसी दुनिया का ख्वाब देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो, एक ऐसी दुनिया जिसमें हर बच्चा स्कूल जाता हो। एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।
    मैं ऐसी दुनिया का ख्वाब देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो, एक ऐसी दुनिया जिसमें हर बच्चा स्कूल जाता हो। एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।
    ~ Kailash Satyarthi
  • कभी-कभी लोग कुछ कह कर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं, और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं।
    कभी-कभी लोग कुछ कह कर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं, और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं।
    ~ Dalai Lama
  • मंदिरों की आवश्यकता नहीं है, ना ही जटिल तत्त्वज्ञान की। मेरा मस्तिष्क और मेरा हृदय मेरे मंदिर हैं; मेरा दर्शन दयालुता है।
    मंदिरों की आवश्यकता नहीं है, ना ही जटिल तत्त्वज्ञान की। मेरा मस्तिष्क और मेरा हृदय मेरे मंदिर हैं; मेरा दर्शन दयालुता है।
    ~ Dalai Lama
  • हम बाहरी दुनिया में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक हम अन्दर से शांत ना हों।
    हम बाहरी दुनिया में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक हम अन्दर से शांत ना हों।
    ~ Dalai Lama
  • यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
  • चरित्र को हम अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी माध्यम कह सकते हैं!
    चरित्र को हम अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी माध्यम कह सकते हैं!
    ~ Aristotle
  • अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें, यही साधना है!
    अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें, यही साधना है!
    ~ Sai Baba
  • व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है, और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है, और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है!
    व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है, और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है, और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है!
    ~ Chanakya
  • यदि मानव जाति को जीवित रखना है, तो हमें बिलकुल नयी सोच की आवश्यकता होगी!
    यदि मानव जाति को जीवित रखना है, तो हमें बिलकुल नयी सोच की आवश्यकता होगी!
    ~ Albert Einstein
  • यदि बोलने की स्वतंत्रता छीन ली जाये तो शायद गूंगे और मौन हम उसी तरह संचालित होंगे जैसे भेड़ को बलि के लिए ले जाया जा रहा हो!
    यदि बोलने की स्वतंत्रता छीन ली जाये तो शायद गूंगे और मौन हम उसी तरह संचालित होंगे जैसे भेड़ को बलि के लिए ले जाया जा रहा हो!
    ~ George Washington