• हज़ार योद्धाओं पर विजय पाना आसान है, लेकिन जो अपने ऊपर विजय पाता है वही सच्चा विजयी है!
    हज़ार योद्धाओं पर विजय पाना आसान है, लेकिन जो अपने ऊपर विजय पाता है वही सच्चा विजयी है!
    ~ Lord Gautama Buddha
  • एक साधारण सा दिखने वाले इंसान दुनिया का सबसे अच्छा इंसान होता हैं, यही वजह है कि भगवान ऐसे बहुत से लोगों का निर्माण करते हैं!
    एक साधारण सा दिखने वाले इंसान दुनिया का सबसे अच्छा इंसान होता हैं, यही वजह है कि भगवान ऐसे बहुत से लोगों का निर्माण करते हैं!
    ~ Aristotle
  • पुरानी गलतियों को भूल जाओ, असफलताओं को भूल जाओ, अभी जो करने जा रहे हो उसके अलावा हर एक चीज को भूल जाओ- और उसे करो|
    पुरानी गलतियों को भूल जाओ, असफलताओं को भूल जाओ, अभी जो करने जा रहे हो उसके अलावा हर एक चीज को भूल जाओ- और उसे करो|
    ~ William Durant
  • अपनी पीड़ा सह लेना और दूसरे जीवों को पीड़ा न पहुंचाना, यही तपस्या का स्वरूप है|
    अपनी पीड़ा सह लेना और दूसरे जीवों को पीड़ा न पहुंचाना, यही तपस्या का स्वरूप है|
    ~ Saint Thiruvalluvar
  • ब्रह्माज्ञानी को स्वर्ग तृण है, शूर को जीवन तृण है, जिसने इंद्रियों को वश में किया उसको स्त्री तृण-तुल्य जान पड़ती है, निस्पृह को जगत तृण है!
    ब्रह्माज्ञानी को स्वर्ग तृण है, शूर को जीवन तृण है, जिसने इंद्रियों को वश में किया उसको स्त्री तृण-तुल्य जान पड़ती है, निस्पृह को जगत तृण है!
    ~ Chanakya
  • मेरे जनरेशन की सबसे बड़ी खोज यह है कि एक इंसान अपना ऐटीट्यूड बदलकर अपनी लाइफ बदल सकता है!
    मेरे जनरेशन की सबसे बड़ी खोज यह है कि एक इंसान अपना ऐटीट्यूड बदलकर अपनी लाइफ बदल सकता है!
    ~ William James
  • अगर आप अपनी यादाश्त की परीक्षा लेना चाहते हैं तो आज ये याद करने की कोशिश करिए कि लगभग एक साल पहले आप किस चीज को लेकर चिंतित थे|
    अगर आप अपनी यादाश्त की परीक्षा लेना चाहते हैं तो आज ये याद करने की कोशिश करिए कि लगभग एक साल पहले आप किस चीज को लेकर चिंतित थे|
    ~ E. Joseph Cossman
  • अपने पैरो को उतना ही फैलावो, जितनी लम्बी चादर हो|
    अपने पैरो को उतना ही फैलावो, जितनी लम्बी चादर हो|
    ~ Rakesh Mishra
  • ज्ञान गाय के समान है, जो हर एक मौसम में अमृत प्रदान करती है| वह विदेश में माता के समान रक्षक और हितकारी होती है, इसीलिए ज्ञान को गुप्त धन कहा जाता है |
    ज्ञान गाय के समान है, जो हर एक मौसम में अमृत प्रदान करती है| वह विदेश में माता के समान रक्षक और हितकारी होती है, इसीलिए ज्ञान को गुप्त धन कहा जाता है |
    ~ Chanakya
  • एक पेड़ अपने ऊपर गर्मी सहता है, लेकिन अपनी छाया से दूसरो की गर्मी को हरता है |
    एक पेड़ अपने ऊपर गर्मी सहता है, लेकिन अपनी छाया से दूसरो की गर्मी को हरता है |
    ~ Acharya Tulsidas