• चूत का चक्कर भी बडा अजीब है गालिब...
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    लंड भी हम दें पैसे भी!
  • सर्दियों का गंभीर विचार:<br/>
पेटीकोट ही एक मात्र ऐसा कोट है, जिसे उतारने के बाद सर्दी नहीं लगती।
    सर्दियों का गंभीर विचार:
    पेटीकोट ही एक मात्र ऐसा कोट है, जिसे उतारने के बाद सर्दी नहीं लगती।
  • लोग कहते हैं किआजकल के गाने वलगर हैं।<br/>
पहले के क्या थे... लागा चुनरी में दाग़ छुपाऊँ कैसे?<br/>
अब कोई पूछे चुनरी नीचे बिछा के ज़रूर मरवानी थी।
    लोग कहते हैं किआजकल के गाने वलगर हैं।
    पहले के क्या थे... लागा चुनरी में दाग़ छुपाऊँ कैसे?
    अब कोई पूछे चुनरी नीचे बिछा के ज़रूर मरवानी थी।
  • ज्ञान और ध्यान की वाट तभी लग जाती है...<br/>
जब कोई लड़की झुककर झाड़ू लगाती है!
    ज्ञान और ध्यान की वाट तभी लग जाती है...
    जब कोई लड़की झुककर झाड़ू लगाती है!
  • आज का कुविचार:<br/>
ज़िंदगी  में कुछ पकड़ना है तो बुलंदियों को पकड़ो;<br/>
बात-बात पर लंड पकड़ने से कुछ नहीं मिलेगा।
    आज का कुविचार:
    ज़िंदगी में कुछ पकड़ना है तो बुलंदियों को पकड़ो;
    बात-बात पर लंड पकड़ने से कुछ नहीं मिलेगा।
  • चाहता तो हूँ कि ये दुनिया बदल दूँ पर...<br/>
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चूत के जुगाड़ में लगे रहने से फुर्सत नहीं मिलती!
    चाहता तो हूँ कि ये दुनिया बदल दूँ पर...
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    चूत के जुगाड़ में लगे रहने से फुर्सत नहीं मिलती!
  • ना जाने कैसी नजर लगी है जमाने की,<br/>
जगह ही नहीं मिल रही है बजाने की।
    ना जाने कैसी नजर लगी है जमाने की,
    जगह ही नहीं मिल रही है बजाने की।
  • सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फ़ाजों में जब उसने कहा...<br/>
खूंटे पर बैठ कर फाड़ लूँगी पर तुझे नही दूंगी।
    सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फ़ाजों में जब उसने कहा...
    खूंटे पर बैठ कर फाड़ लूँगी पर तुझे नही दूंगी।
  • दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है,<br/>
`थूक-थाक कुछ तो लगालो... बिल्कुल जान निकालोगे क्या?`
    दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है,
    "थूक-थाक कुछ तो लगालो... बिल्कुल जान निकालोगे क्या?"
  • सारी खुदाई एक तरफ;<br/>
झांट खुजाई एक तरफ।
    सारी खुदाई एक तरफ;
    झांट खुजाई एक तरफ।