• प्यार किस्मत है कोई ख्वाब नहीं;
    ये वो खेल है जिसमें सब कामयाब नहीं;
    जिन्हें इश्क की पनाह मिली वो कुछ ही लोग हैं;
    और;
    जिनके लौड़े लग गए उनका तो हिसाब नहीं।
  • निप्पल से टपक रहा पसीना;
    निप्पल से टपक रहा पसीना;
    भीगी हुई गांड और लथपथ सीना;
    अब तुम्हीं बताओ 'ग़ालिब';
    इतनी गर्मी में कोई कैसे ठोके हसीना?
  • अर्ज़ किया है:
    गांड मरवाने से किसी की मौत नहीं होती ग़ालिब;
    वाह वाह;
    गांड मरवाने से किसी की मौत नहीं होती ग़ालिब;
    सिर्फ चलने का अंदाज़ बदल जाता है।
  • मिर्ज़ा ग़ालिब ने माशूका को देखा और बोला, 'सलवार के नीचे से पानी लाल आता है क्या मेरी माशूका का भोसड़ा पान खाता है।'
  • नहीं रही वो मोहब्बत की हक़ीकत;
    आज के इस दौर में;
    जिस्म की प्यास बुझाने को;
    लोग 'इश्क' का नाम देते हैं।
  • अगर हो मर्जी से सेक्स तो पाप नहीं होता;
    अगर हो कुंवारी से सेक्स तो उसका जवाब नहीं होता;
    पर दोस्त कभी बिना कंडोम के मत चोदना;
    क्योंकि खड़े लंड का दिमाग नहीं होता।
  • मुद्दत के बाद देखा तो बदली हुई थी वो;
    ना जाने क्या हादसा हुआ, सहमी हुई थी वो;
    उसने मुझे देख के अपना चेहरा छुपा लिया;
    पर उसकी चाल बता रही थी कि चुदी हुई थी वो।
  • ग़ालिब ने चुदाई के बाद अर्ज़ किया है:
    अए जालिम मेरे सीने में आज तक कांटो की चुभन सी है;
    तुझे चोदने का मज़ा है या लंड पर आज भी झांटों की चुभन है।
  • वो हमारी कब्र पे चल दिए मूत के;
    चलो इसी बहाने दर्शन हो गए चूत के;
    हेयरलेस थी उसकी चिकनी चूत;
    लेकिन बहनचोद अब क्या फायदा जब हम बन गए भूत।
  • वो आये हमारे सपने में तो स्वप्नदोष हो गया;
    चलो उनकी इज्जत भी बच गई, और हमारा काम भी हो गया।