• लड़की अपनी मर्ज़ी से दे तो प्यार;
    दोस्त दिलाएँ तो ऊपहार;
    घर वाले दिलाएँ तो संस्कार;
    और हम अपने आप ले लें तो बलात्कार!
  • मोहब्बत भी कितनी अजीब बीमारी है;
    मोहब्बत भी कितनी अजीब बीमारी है;
    अरे, मुझे भी कोई मैसेज भेजा करो;
    मैंने क्या तुम्हारी मारी है?
  • गम में भी हमको जीना आता है;
    सेक्स करके भी पसीना आता है;
    एक हम हैं, कि तुम्हें अक्सर मैसेज करते हैं;
    एक तुम्हारा मैसेज है, जैसे औरतों को महीना आता है!
  • उसने उतारी साड़ी;
    फिर आई पेटीकोट की बारी;
    ब्लाउज तो पहले ही दिया था उतार;
    ज्यादा उत्साहित मत हो यार;
    यह तो था, कपड़े सुखाने का तार!
  • जब तेरे चीकू थे, सब तेरे पीछू थे;
    जब तेरे आम हुए, सब परेशान हुए;
    जब तेरे खरबूजे हुए, बड़े-बड़े अजूबे हुए;
    जब तेरे झूल गए, सब तुझे भूल गए!
  • रोये हम इस कदर, उनकी बाहों में लिपटकर;
    कि वो खुद ब्रा उतारकर बोली, "ले दुधु पी ले, और अब चुप कर!"