• गर्लफ्रेंड: तुमने मुझ में ऐसा क्या देखा कि मुझे प्रोपोज़ कर दिया?<br/>

पप्पू: सब कुछ देखने के लिए ही तो प्रोपोज़ किया है, पगली!
    गर्लफ्रेंड: तुमने मुझ में ऐसा क्या देखा कि मुझे प्रोपोज़ कर दिया?
    पप्पू: सब कुछ देखने के लिए ही तो प्रोपोज़ किया है, पगली!
  • सच्चा प्यार वो नहीं जिस में दिल टूट जाये;
    सच्चा प्यार वो है जिस में पलंग टूट जाये!
  • दूल्हा, दुल्हन की ब्रा खोलते हुए: पहले किसी से खुलवाया है?
    दुल्हन: ब्रा खोलने वाले तो आप पहले ही हो। बाकी सब तो ऊपर कर के ही चूसते थे।
  • योग टीचर क्लास में: बच्चो, बताओ मैं एक टांग पर कब और क्यों खड़ी होती हूँ?<br/>

पप्पू: अंडरवियर उतारने और पहनने के समय।
    योग टीचर क्लास में: बच्चो, बताओ मैं एक टांग पर कब और क्यों खड़ी होती हूँ?
    पप्पू: अंडरवियर उतारने और पहनने के समय।
  • अगर सेक्स सबसे अच्छी कसरत है,
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    तो यह GYM में आसानी से उपलब्ध क्यों नहीं होती?
  • लड़का शादी के पहले अपनी होने वाली बीवी को डॉक्टर के पास VIRGINITY चेक करवाने लेकर गया।
    टैस्ट के बाद डॉक्टर, "मुबारक हो! तुम भाग्यशाली हो, मेरा बड़ी मुश्किल से अंदर गया।"
  • गर्लफ्रेंड: लुल्ली कैसी होती है?<br/>

पप्पू: कोई लम्बी, कोई छोटी, कोई पतली, कोई मोटी, कोई सख्त और कोई नरम।<br/>

गर्लफ्रेंड(हँसते हुए): लगता है सारी उम्र गांड ही मरवाई है तूने!
    गर्लफ्रेंड: लुल्ली कैसी होती है?
    पप्पू: कोई लम्बी, कोई छोटी, कोई पतली, कोई मोटी, कोई सख्त और कोई नरम।
    गर्लफ्रेंड(हँसते हुए): लगता है सारी उम्र गांड ही मरवाई है तूने!
  • अध्यापिका: बच्चो आज हम व्याकरण पढेंगे, तो बताओ एक औरत एक खिड़की से झांक रही है, ये क्या है?<br/>
बंटी: मैडम जी, यह एक वचन हुआ।<br/>
अध्यापिका: अच्छा, पप्पू, अब तुम बताओ कि बहुत सी औरतें खिड़कियों से झांक रही हैं?<br/>
पप्पू कुछ सोचकर बोला, `मैडम, ये तो रंडी बाज़ार हुआ।
    अध्यापिका: बच्चो आज हम व्याकरण पढेंगे, तो बताओ एक औरत एक खिड़की से झांक रही है, ये क्या है?
    बंटी: मैडम जी, यह एक वचन हुआ।
    अध्यापिका: अच्छा, पप्पू, अब तुम बताओ कि बहुत सी औरतें खिड़कियों से झांक रही हैं?
    पप्पू कुछ सोचकर बोला, "मैडम, ये तो रंडी बाज़ार हुआ।
  • एक औरत अपने नौकर से: जब तुम मेरे कमरे में आओ तो पहले दरवाज़ा खटखटाया करो, पता नहीं मैं किस हालत मैं बैठी होऊं।
    नौकर: इसकी कोई आवश्यकता नहीं है मैडम जी, क्योंकि मैं जब भी अंदर आता हूँ पहले दरवाज़े के छेद से देख लेता हूँ।
  • दुनिया में हर इंसान के अलग-अलग नाम हैं पर फिर भी जब भीड़ में हम आवाज़ देते हैं 'अबे ओ चूतिये' तो कसम से 20 में से 18 लोग जरूर पलट कर देखते हैं।