• जीतो: संता के लंड को पकड़ कर ऊपर और नीचे कर रही थी।
    संता रोमांटिक मूड में बोला, " सेक्स करने का मन कर रहा है क्या?"
    जीतो धीरे से बोली, ओह! न जी न, 2-3 लिफ़ाफ़े चिपकाने हैं।
  • एक गुब्बारे वाले की दुकान के बाहर लिखा था:
    अगर अपने बच्चों को गुब्बारा नहीं दिला सकते तो वक्त पे गुब्बारा चढ़ा लिया करो।
  • आज की पत्नियों को ये समझ नहीं आता कि क्या करें?
    खराब कामवाली मिले तो खुद को काम करना पड़ता है।
    और अगर अच्छी मिले तो;
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    . . .
    "पति काम कर जाता है।"
  • आशिक: बाबा आपके आरती उतारने में और हमारे पेंटी (Panty) उतारने में क्या समानता है?
    बाबा जी: "बच्चा आरती उतारने से हमें मन की शांति मिलती है और पेंटी उतारने से हमें तन की शांति मिलती है।"
  • बंता: बूट (Shoes) और चूत के बीच में क्या अंतर है?
    संता: जूतों को हम केवल एक साइज़ में पसंद करते हैं जबकि चूत को हम सभी साईजों में पसंद करते हैं।
  • एक बार एक कुंवारा लड़का मर गया।
    माँ रो-रो के, "हे भगवान् इसने तो अभी जवानी भी नहीं देखी थी!"
    पड़ोस की भाभी रोते हुए बोली, "ना रो चाची मैंने दिखा दी थी।"
  • कडवा सच:
    जब एक आदमी अमीर हो जाए तो शरारती हो जाता है;
    और अगर एक औरत शरारती हो जाए तो अमीर हो जाती है!
  • मैं अकेला ही चला था अपनी मंजिल के लिए;
    अनुभवी लोग मिलते गए और मैं चूतिया बनता गया!
  • एक लड़की को हरे सूट में देख कर एक लड़का बोला, "पूरी हरी भरी फसल लग रही है।"
    लड़की: भैया तेरा जीजा रोज़ रात को दो बार पानी जो लगाता है, तो हरी क्यों ना होऊं।
  • सास: आने दो मेरे बेटे को उसे बैठकर समझाउंगी तेरी करतूत।
    बहु: कोई फैदा नहीं।
    सास: क्यों?
    बहु: तुम बैठकर समझाओगी और मैं लेट के मना लूंगी।