• लोग कहते हैं किआजकल के गाने वलगर हैं।<br/>
पहले के क्या थे... लागा चुनरी में दाग़ छुपाऊँ कैसे?<br/>
अब कोई पूछे चुनरी नीचे बिछा के ज़रूर मरवानी थी।
    लोग कहते हैं किआजकल के गाने वलगर हैं।
    पहले के क्या थे... लागा चुनरी में दाग़ छुपाऊँ कैसे?
    अब कोई पूछे चुनरी नीचे बिछा के ज़रूर मरवानी थी।
  • आज रात्रि का ज्ञान:<br/>
रंडी पेलते हुऐ पकड़े जाओ तो इतनी बेइज्जती महसूस नहीं होती,<br/>
जितनी मुट्ठ मारते समय पकड़े जाने पर होती है।
    आज रात्रि का ज्ञान:
    रंडी पेलते हुऐ पकड़े जाओ तो इतनी बेइज्जती महसूस नहीं होती,
    जितनी मुट्ठ मारते समय पकड़े जाने पर होती है।
  • ज्ञान और ध्यान की वाट तभी लग जाती है...<br/>
जब कोई लड़की झुककर झाड़ू लगाती है!
    ज्ञान और ध्यान की वाट तभी लग जाती है...
    जब कोई लड़की झुककर झाड़ू लगाती है!
  • आज का कुविचार:<br/>
ज़िंदगी  में कुछ पकड़ना है तो बुलंदियों को पकड़ो;<br/>
बात-बात पर लंड पकड़ने से कुछ नहीं मिलेगा।
    आज का कुविचार:
    ज़िंदगी में कुछ पकड़ना है तो बुलंदियों को पकड़ो;
    बात-बात पर लंड पकड़ने से कुछ नहीं मिलेगा।
  • लड़का: मैं तुमसे प्यार करता हूँ।<br/>
लड़की: पहले, गिरेहबान में झाँक कर देख।<br/>
लड़का: अरे वाह! इतने बड़े बड़े!<br/>
लड़की: भोसडी के अपनी में झाँक!
    लड़का: मैं तुमसे प्यार करता हूँ।
    लड़की: पहले, गिरेहबान में झाँक कर देख।
    लड़का: अरे वाह! इतने बड़े बड़े!
    लड़की: भोसडी के अपनी में झाँक!
  • चाहता तो हूँ कि ये दुनिया बदल दूँ पर...<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
चूत के जुगाड़ में लगे रहने से फुर्सत नहीं मिलती!
    चाहता तो हूँ कि ये दुनिया बदल दूँ पर...
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    चूत के जुगाड़ में लगे रहने से फुर्सत नहीं मिलती!
  • ना जाने कैसी नजर लगी है जमाने की,<br/>
जगह ही नहीं मिल रही है बजाने की।
    ना जाने कैसी नजर लगी है जमाने की,
    जगह ही नहीं मिल रही है बजाने की।
  • सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फ़ाजों में जब उसने कहा...<br/>
खूंटे पर बैठ कर फाड़ लूँगी पर तुझे नही दूंगी।
    सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फ़ाजों में जब उसने कहा...
    खूंटे पर बैठ कर फाड़ लूँगी पर तुझे नही दूंगी।
  • चाहत तो थी उनके दिल में बस जाने की...<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
बहन की लौड़ी ने ब्रा के बटन ही ना खोले!
    चाहत तो थी उनके दिल में बस जाने की...
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    बहन की लौड़ी ने ब्रा के बटन ही ना खोले!
  • दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है,<br/>
`थूक-थाक कुछ तो लगालो... बिल्कुल जान निकालोगे क्या?`
    दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है,
    "थूक-थाक कुछ तो लगालो... बिल्कुल जान निकालोगे क्या?"