Hindi Shayari

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हम जानते तो इश्क़ न करते किसी के साथ;
ले जाते दिल को ख़ाक में इस आरज़ू के साथ।
~ Meer Taqi Meer
इस बहते दर्द को मत रोको;<br/>
यह तो सज़ा है किसी के इंतज़ार की;<br/>
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी;<br/>
पर यह तो निशानी है किसी के प्यार की।
इस बहते दर्द को मत रोको;
यह तो सज़ा है किसी के इंतज़ार की;
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी;
पर यह तो निशानी है किसी के प्यार की।
तुमसे दूरी का एहसास जब सताने लगा;<br/>
तेरे साथ गुज़ारा हर लम्हा याद आने लगा;<br/>
जब भी कोशिश की तुम्हें भुलाने की;<br/>
तू और भी इस दिल के करीब आने लगा।
तुमसे दूरी का एहसास जब सताने लगा;
तेरे साथ गुज़ारा हर लम्हा याद आने लगा;
जब भी कोशिश की तुम्हें भुलाने की;
तू और भी इस दिल के करीब आने लगा।
वो निकल गए मेरे रास्ते से इस कदर कि;
जैसे कि वो मुझे पहचानते ही नहीं;
कितने ज़ख्म खाए हैं मेरे इस दिल ने;
फिर भी हम उस बेवफ़ा को बेवफ़ा मानते ही नहीं।
आपको देख कर...

आपको देख कर देखता रह गया;
क्या कहूँ और कहने को क्या रह गया;

आते-आते मेरा नाम-सा रह गया;
उस के होंठों पे कुछ काँपता रह गया;

वो मेरे सामने ही गया और मैं;
रास्ते की तरह देखता रह गया;

झूठ वाले कहीं से कहीं बढ़ गये;
और मैं था कि सच बोलता रह गया;

आँधियों के इरादे तो अच्छे न थे;
ये दिया कैसे जलता हुआ रह गया।
~ Wasim Barelvi
इन्हीं रास्तों ने जिन पर मेरे साथ तुम चले थे;
मुझे रोक रोक पूछा तेरा हम-सफ़र कहाँ है।
~ Bashir Badr
तुझसे दोस्ती करने का हिसाब ना आया;<br/>
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया;<br/>
हम तो जागते रहे तेरे ही ख्यालों में;<br/>
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया।
तुझसे दोस्ती करने का हिसाब ना आया;
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया;
हम तो जागते रहे तेरे ही ख्यालों में;
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया।
मयखाने सजे थे, जाम का था दौर;<br/>
जाम में क्या था, ये किसने किया गौर;<br/>
जाम में गम था मेरे अरमानों का;<br/>
और सब कह रहे थे एक और एक और।
मयखाने सजे थे, जाम का था दौर;
जाम में क्या था, ये किसने किया गौर;
जाम में गम था मेरे अरमानों का;
और सब कह रहे थे एक और एक और।
उनकी मोहब्बत के अभी निशान बाकी है;
नाम लब पर है और जान बाकी है;
क्या हुआ अगर देख कर मुँह फेर लेते हैं;
तसल्ली है कि शक्ल की पहचान बाकी है।
फ़ुरसत-ए-कार फ़क़त...

फ़ुरसत-ए-कार फ़क़त चार घड़ी है यारो;
ये न सोचो के अभी उम्र पड़ी है यारो;

अपने तारीक मकानों से तो बाहर झाँको;
ज़िन्दगी शमा लिए दर पे खड़ी है यारो;

उनके बिन जी के दिखा देंगे चलो यूँ ही सही;
बात इतनी सी है कि ज़िद आन पड़ी है यारो;

फ़ासला चंद क़दम का है मना लें चल कर;
सुबह आई है मगर दूर खड़ी है यारो;

किस की दहलीज़ पे ले जाके सजाऊँ इस को;
बीच रस्ते में कोई लाश पड़ी है यारो;

जब भी चाहेंगे ज़माने को बदल डालेंगे;
सिर्फ़ कहने के लिये बात बड़ी है यारो।
~ Jaan Nisar Akhtar

Quotes

महिलायें वे पूरी तरह से एक रहस्य हैं।

Trivia

People who regularly complain of boredom are 2.5 times more likely to die of a heart-attack or stroke.

Graffiti

Glass house jokes are always transparent.