Hindi Shayari

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तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;<br/>
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।
तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।
शहर अगर तलब करे तुम से इलाज-ए-तीरगी;
साहिब-ए-इख़्तियार हो आग लगा दिया करो।

अनुवाद:
इलाज-ए-तीरगी = अंधेरे के लिए इलाज
साहिब-ए-इख़्तियार = अधिकारिक व्यक्ति
~ Pirzada Qasim
नज़रें मेरी थक न जायें कहीं तेरा इंतज़ार करते-करते;<br/>

यह जान मेरी यूँ ही निकल ना जाये तुम से इश्क़ का इज़हार करते-करते।
नज़रें मेरी थक न जायें कहीं तेरा इंतज़ार करते-करते;
यह जान मेरी यूँ ही निकल ना जाये तुम से इश्क़ का इज़हार करते-करते।
संगमरमर के महल में तेरी ही तस्वीर सजाऊंगा;
मेरे इस दिल में ऐ प्यार तेरे ही ख्वाब सजाऊंगा;
यूँ एक बार आजमा के देख तेरे दिल में बस जाऊंगा;
मैं तो प्यार का हूँ प्यासा जो तेरे आगोश में मर जाऊॅंगा।
पा लिया था दुनिया की सबसे हसीन को;
इस बात का तो हमें कभी गुरूर न था;
वो रह पाते पास कुछ दिन और हमारे;
शायद यह हमारे नसीब को मंज़ूर नहीं था।
ग़मों से यूँ वो फ़रार...

ग़मों से यूँ वो फ़रार इख़्तियार करता था;
फ़ज़ा में उड़ते परिंदे शुमार करता था;

बयान करता था दरिया के पार के क़िस्से;
ये और बात वो दरिया न पार करता था;

बिछड़ के एक ही बस्ती में दोनों ज़िंदा हैं;
मैं उस से इश्क़ तो वो मुझ से प्यार करता था;

यूँ ही था शहर की शख़्सियतों को रंज उस से;
कि वो ज़िदें भी बड़ी पुर-वक़ार करता था;

कल अपनी जान को दिन में बचा नहीं पाया;
वो आदमी के जो आहाट पे वार करता था;

सदाक़तें थीं मेरी बंदगी में जब 'अज़हर';
हिफ़ाज़तें मेरी परवर-दिगार करता था।
~ Azhar Inayati
तपिश से बच के घटाओं में बैठ जाते हैं;
गए हुए कि सदाओं में बैठ जाते हैं;
हम इर्द-गिर्द के मौसम से घबरायें;
तेरे ख्यालों की छाओं में बैठ जाते हैं।
~ Farhat Abbas Shah
कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर;<br/>
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर;<br/>
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह;<br/>
बस एक इंतज़ार है साथ, सहारा बनकर।
कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर;
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर;
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह;
बस एक इंतज़ार है साथ, सहारा बनकर।
एहसास बहुत होगा जब छोड़ के जायेंगे;<br/>
रोयेंगे बहुत मगर आँसू नहीं आयेंगे;<br/>
जब साथ ना दे कोई तो आवाज़ हमे देना;<br/>
आसमान पर भी होंगे तो लौट आयेंगे।
एहसास बहुत होगा जब छोड़ के जायेंगे;
रोयेंगे बहुत मगर आँसू नहीं आयेंगे;
जब साथ ना दे कोई तो आवाज़ हमे देना;
आसमान पर भी होंगे तो लौट आयेंगे।
पल भर के लिए अगर वो हमे अपना बना ले;
अपनी ज़िंदगी का अगर वो सपना बना ले;
फिर भले ही दम निकल जाये हमारा;
बस एक रात के लिए वो मुझे अपना बना ले।

Quotes

दुनिया हमे यह बताकर मूर्ख बनाती है कि हमें कल का इंतज़ार करना चाहिए, जबकि जीवन का आनंद इसी क्षण में है जिसमे आप जी रहे हैं।

Trivia

Waheeda Rahman played both mother and lover to Amitabh Bachchan. She played the love interest of Big B in 'Adalat' (1976) and mother in 'Trishul' (1978).

Graffiti

Glass house jokes are always transparent.