• मुस्कुरा कर उन का मिलना और बिछड़ना रूठ कर;
    बस यही दो लफ़्ज़ एक दिन दास्ताँ हो जायेंगे।
  • याद रखते हैं हम आज भी उन्हें पहले की तरह;
    कौन कहता है फासले मोहब्बत की याद मिटा देते हैं।
  • यादें भी क्या क्या करा देती हैं,
    कोई शायर हो गया तो कोई खामोश हो गया।
  • तुझे छोड़ दूं तुझे भूल जाँऊ, कैसी बातें करते हो;
    सूरत तो फिर भी सूरत है, मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते हैं।
  • शहर में सबको कहाँ मिलती है रोने की जगह,<br/>
अपनी इज़्ज़त भी यहाँ हँसने हंसाने से रही।Upload to Facebook
    शहर में सबको कहाँ मिलती है रोने की जगह,
    अपनी इज़्ज़त भी यहाँ हँसने हंसाने से रही।
    ~ Nida Fazli
  • तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे मगर,<br/>
हमारी बेचैनियों की वजह बस तुम हो।Upload to Facebook
    तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे मगर,
    हमारी बेचैनियों की वजह बस तुम हो।
  • ख़ुद न छुपा सके वो अपना चेहरा नक़ाब में;
    बेवज़ह हमारी आँखों पे इल्ज़ाम लग गया।
  • तलब उठती है बार-बार तेरे दीदार की;
    ना जाने देखते-देखते कब तुम लत बन गये।
  • दिन भर भटकते रहते हैं अरमान तुझ से मिलने के,<br/>
न दिल ठहरता है न इंतज़ार रुकता है।Upload to Facebook
    दिन भर भटकते रहते हैं अरमान तुझ से मिलने के,
    न दिल ठहरता है न इंतज़ार रुकता है।
  • जिंदगी अजनबी मोड़ पर ले आई है,<br/>
तुम चुप हो मुझ से और मैँ चुप हूँ सबसे।Upload to Facebook
    जिंदगी अजनबी मोड़ पर ले आई है,
    तुम चुप हो मुझ से और मैँ चुप हूँ सबसे।