• इसी ख्याल से गुज़री है शाम-ए-दर्द अक्सर;
    कि दर्द हद से जो गुज़रेगा मुस्कुरा दूंगा।
    ~ Mohsin Naqvi
  • दुःख देते हो खुद और खुद ही सवाल करते हो;<br />
तुम भी ओ सनम, कमाल करते हो;<br />
देख कर पूछ लिया है हाल मेरा;<br />
चलो शुक्र है कुछ तो ख्याल करते हो।Upload to Facebook
    दुःख देते हो खुद और खुद ही सवाल करते हो;
    तुम भी ओ सनम, कमाल करते हो;
    देख कर पूछ लिया है हाल मेरा;
    चलो शुक्र है कुछ तो ख्याल करते हो।
  • मेरा इल्ज़ाम है तुझ पर कि तू बेवफा था;<br />
दोष तो तेरा था मगर तू हमेशा ही खफा था;<br />
ज़िन्दगी की इस किताब में बयान है तेरी मेरी कहानी;<br />
यादों से सराबोर उसका एक एक सफा था।Upload to Facebook
    मेरा इल्ज़ाम है तुझ पर कि तू बेवफा था;
    दोष तो तेरा था मगर तू हमेशा ही खफा था;
    ज़िन्दगी की इस किताब में बयान है तेरी मेरी कहानी;
    यादों से सराबोर उसका एक एक सफा था।
  • याद रूकती नहीं रोक पाने से;
    दिल मानता नहीं किसी के समझाने से;
    रुक जाती हैं धड़कनें आपको भूल जाने से;
    इसलिए आपको याद करते हैं जीने के बहाने से।
  • तू इस क़दर मुझे अपने क़रीब लगता है;
    तुझे अलग से जो सोचू अजीब लगता है;

    जिसे ना हुस्न से मतलब ना इश्क़ से सरोकार;
    वो शख्स मुझ को बहुत बदनसीब लगता है;

    हदूद-ए-जात से बाहर निकल के देख ज़रा;
    ना कोई गैर, ना कोई रक़ीब लगता है;

    ये दोस्ती, ये मरासिम, ये चाहते ये खुलूस;
    कभी कभी ये सब कुछ अजीब लगता है;

    उफक़ पे दूर चमकता हुआ कोई तारा;
    मुझे चिराग-ए-दयार-ए-हबीब लगता है;

    ना जाने कब कोई तूफान आयेगा यारो;
    बलंद मौज से साहिल क़रीब लगता है।
    ~ Jaan Nisar Akhtar
  • डूबी हैं मेरी उँगलियाँ खुद अपने लहू में;
    ये काँच के टुकड़ों को उठाने के सज़ा है।
    ~ Parveen Shakir
  • खुशबू की तरह मेरी हर साँस में;<br />
प्यार अपना बसाने का वादा करो;<br />
रंग जितने तुम्हारी मोहब्बत के हैं;<br />
मेरे दिल में सजाने का वादा करो।Upload to Facebook
    खुशबू की तरह मेरी हर साँस में;
    प्यार अपना बसाने का वादा करो;
    रंग जितने तुम्हारी मोहब्बत के हैं;
    मेरे दिल में सजाने का वादा करो।
  • तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है;<br />
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है;<br />
यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर;<br />
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना ही इश्क़ है।Upload to Facebook
    तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है;
    एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है;
    यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
    मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना ही इश्क़ है।
  • कोई शाम आती है आपकी याद लेकर;
    कोई शाम जाती है आपकी याद देकर;
    हमें तो इंतज़ार है उस हसीन शाम का;
    जो आये कभी आपको साथ लेकर।
  • होशियारी दिल-ए-नादान...

    होशियारी दिल-ए-नादान बहुत करता है;
    रंज कम सहता है एलान बहुत करता है;

    रात को जीत तो पाता नहीं लेकिन ये चिराग;
    कम से कम रात का नुकसान बहुत करता है;

    आज कल अपना सफर तय नहीं करता कोई;
    हाँ सफर का सर-ओ-सामान बहुत करता है;

    अब ज़ुबान खंज़र-ए-कातिल की सना करती है;
    हम वो ही करते है जो खल्त-ए-खुदा करती है;

    हूँ का आलम है गिराफ्तारों की आबादी में;
    हम तो सुनते थे की ज़ंज़ीर सदा करती है।
    ~ Irfan Siddiqi