Hindi Shayari

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​हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली​;<br/>
कुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली​;​<br/>
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ​;<br/>
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव​-​छाँव चली​।
​हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली​;
कुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली​;​
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ​;
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव​-​छाँव चली​।
सब शिकवे हमसे कागज पर उतारे ना जाएंगे;<br/>
कहीं पढ़ने वाला तुम्हें बददुआ ना दे दे।
सब शिकवे हमसे कागज पर उतारे ना जाएंगे;
कहीं पढ़ने वाला तुम्हें बददुआ ना दे दे।
मेरे इन होंठों पर तेरा नाम अब भी है;
भले छीन ली तुमने मुस्कुराहट हमारी।
इतना भी इख्तियार नहीं मुझको वज़्म में;
शमाएँ अगर बुझें तो मैं दिल को जला सकूँ।
~ Qateel Shifai
कोई उस शहर में...

कोई उस शहर में कब था उसका;
उसे यह ​​​ज़ो'म कि रब था उसका;

उसकी रग-रग में उतरती रही आग;
उसके अंदर ही ग़ज़ब था उसका;

वही सिलसिला-ए-तार-ए-नफ़स;
वही जीने का सबब था उसका;

सिद्क़-जदा था वो शहज़ादा कमाल;
बस यही नाम-ओ-नसब था उसका।

Translation:
ज़ो'म= गर्व
सिद्क़= सच
~ Ahmad Kamal Abdullah
ना वो आम रहे ना हम ख़ास रहे;<br/>
जाने क्यों आंसू पीकर भी हमें प्यास रहे;<br/>
सारी दुनियां मुस्कुराती है दोस्तों मगर;<br/>
दिल हमारा हमेशा ही उदास रहे।
ना वो आम रहे ना हम ख़ास रहे;
जाने क्यों आंसू पीकर भी हमें प्यास रहे;
सारी दुनियां मुस्कुराती है दोस्तों मगर;
दिल हमारा हमेशा ही उदास रहे।
माँगते थे रोज़ दुआ में सुकून ख़ुदा से;<br/>
सोचते थे वो चैन हम लाएं कहाँ से;<br/>
किसी रोज एक प्यासे को पानी क्या पिला दिया;<br/>
लगा जैसे खुदा ने सुकून का पता बता दिया।
माँगते थे रोज़ दुआ में सुकून ख़ुदा से;
सोचते थे वो चैन हम लाएं कहाँ से;
किसी रोज एक प्यासे को पानी क्या पिला दिया;
लगा जैसे खुदा ने सुकून का पता बता दिया।
~ Lata Chaudhary
मौत बख्शी है जिसने उस मोहब्बत की कसम;
अब भी करता हूँ इंतज़ार बैठकर मजार में।
ज़िंदगी को बेनियाजे आर्ज़ू करना पड़ा;
आह किन आँखों से अंजामे तमन्ना देखते।
~ Sahir Ludhianvi
ये चाँदनी भी जिन को...

ये चाँदनी भी जिन को छूते हुए डरती है;
दुनिया उन्हीं फूलों को पैरों से मसलती है;

शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमशा है;
जिस डाल पर बैठे हो वो टूट भी सकती है;

लोबान में चिंगारी जैसे कोई रख दे;
यूँ याद तेरी शब भर सीने में सुलगती है;

आ जाता है ख़ुद खींच कर दिल सीने से पटरी पर;
जब रात की सरहद से इक रेल गुज़रती है;

आँसू कभी पलकों पर तो देर तक नहीं रुकते;
उड़ जाते हैं वे पंछी जब शाख़ लचकती है;

ख़ुश रंग परिंदों के लौट आने के दिन आये;
बिछड़े हुए मिलते हैं जब बर्फ़ पिघलती है।
~ Bashir Badr

Quotes

​दुनिया की ज्यादातर महत्त्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा प्राप्त ​की गयीं हैं जो कोई उम्मीद ना होने के बावजूद अपने प्रयास में लगे रहे​।

Trivia

Leonardo da Vinci invented scissors.

Graffiti

If we are what we eat, then I'm easy, fast and cheap.