• कहीं वो आ के मिटा दें न इंतज़ार का लुत्फ़,<br/>
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी।Upload to Facebook
    कहीं वो आ के मिटा दें न इंतज़ार का लुत्फ़,
    कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी।
    ~ Hasrat Jaipuri
  • धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल,<br/>
अभी तो पलकें झुकाई हैं मुस्कुराना अभी बाकी है उनका।Upload to Facebook
    धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल,
    अभी तो पलकें झुकाई हैं मुस्कुराना अभी बाकी है उनका।
  • मोहब्बत मुझे थे उसी से सनम,<br/>
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा,<br/>
मौत भी मेरी चाहत को न रोक सकी,<br/>
क़ब्र में भी यह दिल उसके लिए धड़कता रहा।Upload to Facebook
    मोहब्बत मुझे थे उसी से सनम,
    यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा,
    मौत भी मेरी चाहत को न रोक सकी,
    क़ब्र में भी यह दिल उसके लिए धड़कता रहा।
  • एक ख़्वाब ने आँखें खोली हैं, क्या मोड़ आया है कहानी में,<br/>
वो भीग रही है बारिश में, और आग लगी है पानी में।Upload to Facebook
    एक ख़्वाब ने आँखें खोली हैं, क्या मोड़ आया है कहानी में,
    वो भीग रही है बारिश में, और आग लगी है पानी में।
  • निकले हम कहाँ से और किधर निकले;
    हर मोड़ पे चौंकाए ऐसा अपना सफ़र निकले;

    तु समझाया किया रो-रो के अपनी बात;
    तेरे हमदर्द भी लेकिन बड़े बे-असर निकले;

    बरसों करते रहे उनके पैगाम का इंतजार;
    जब आया वो तो उनके बेवफा होने की खबर निकले;

    अब संभले के चले 'ज़हर' और सफ़र की सोच;
    ऐसा ना हो कि फिर से ये जगह उसी का शहर निकले;

    तु भी रखता इरादे ऊँचे तेरा भी कोई मक़ाम होता;
    पर तेरी किस्मत की हमेशा हर बात पे मगर निकले।
  • एक तेरी बे-रुख़ी से ज़माना ख़फ़ा हुआ;<br/>
ऐ संग-दिल तुझे भी ख़बर है कि क्या हुआ।Upload to Facebook
    एक तेरी बे-रुख़ी से ज़माना ख़फ़ा हुआ;
    ऐ संग-दिल तुझे भी ख़बर है कि क्या हुआ।
    ~ Arsh Siddique
  • अब तक ख़बर न थी कि मोहब्बत गुनाह है;<br/>
अब जान कर गुनाह किए जा रहा हूँ मैं।Upload to Facebook
    अब तक ख़बर न थी कि मोहब्बत गुनाह है;
    अब जान कर गुनाह किए जा रहा हूँ मैं।
  • बेगाना हमने नहीं किया किसी को,<br/>
जिसका दिल भरता गया वो हमें छोड़ता गया।Upload to Facebook
    बेगाना हमने नहीं किया किसी को,
    जिसका दिल भरता गया वो हमें छोड़ता गया।
  • लिखा था राशि में आज खज़ाना मिल सकता है,<br/>
कि  अचानक गली में सनम पुराना दिख गया।Upload to Facebook
    लिखा था राशि में आज खज़ाना मिल सकता है,
    कि अचानक गली में सनम पुराना दिख गया।
  • प्यार करने की यह इस दिल को सज़ा दी जाए;
    उसकी तस्वीर सरे-आम लगा दी जाए;

    ख़त में इस बार उसे भेजिये सूखा पत्ता;
    और उस पत्ते पे इक आँख बना दी जाए;

    इतनी पी जाए कि मिट जाए मन-ओ-तू की तमीज़;
    यानि ये होश की दीवार गिरा दी जाए;

    आज हर शय का असर लगता है उल्टा यारो;
    आज `शहज़ाद' को जीने की दुआ दी जाए।
    ~ Farhat Shahzad