Hindi Shayari

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गुलों को छू के शमीम-ए-दुआ नहीं आई;
खुला हुआ था दरीचा सबा नहीं आई;
हवा-ए-दश्त अभी तो जुनूँ का मौसम था;
कहाँ थे हम तेरी आवाज़ नहीं आई।
~ Ada Jafri
सबके कर्ज़े चुका दूँ मरने से पहले, ऐसी मेरी नीयत है;<br/>
मौत से पहले तू भी बता दे ज़िंदगी, तेरी क्या कीमत है।
सबके कर्ज़े चुका दूँ मरने से पहले, ऐसी मेरी नीयत है;
मौत से पहले तू भी बता दे ज़िंदगी, तेरी क्या कीमत है।
मैंने पत्थरों को भी रोते देखा है झरने के रूप में;<br/>
मैंने पेड़ों को प्यासा देखा है सावन की धूप में;<br/>
घुल-मिल कर बहुत रहते हैं लोग जो शातिर हैं बहुत;<br/>
मैंने अपनों को तनहा देखा है बेगानों के रूप में।
मैंने पत्थरों को भी रोते देखा है झरने के रूप में;
मैंने पेड़ों को प्यासा देखा है सावन की धूप में;
घुल-मिल कर बहुत रहते हैं लोग जो शातिर हैं बहुत;
मैंने अपनों को तनहा देखा है बेगानों के रूप में।
गए दोनों जहाँ के काम से हम न इधर कि रहे न उधर के रहे;
न ख़ुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम न इधर के रहे न उधर के रहे।
यहाँ किसी को भी...

यहाँ किसी को भी कुछ हस्ब-ए-आरज़ू न मिला;
किसी को हम न मिले और हम को तू न मिला;

ग़ज़ाल-ए-अश्क सर-ए-सुब्ह दूब-ए-मिज़गाँ पर;
कब आँख अपनी खुली और लहू लहू न मिला;

चमकते चाँद भी थे शहर-ए-शब के ऐवाँ में;
निगार-ए-ग़म सा मगर कोई शम्मा-रू न मिला;

उन्ही की रम्ज़ चली है गली गली में यहाँ;
जिन्हें उधर से कभी इज़्न-ए-गुफ़्तुगू न मिला;

फिर आज मय-कदा-ए-दिल से लौट आए हैं;
फिर आज हम को ठिकाने का हम-सबू न मिला।
~ Zafar Iqbal
क्या ख़ूब कहा है ग़ालिब ने;
ऐ चाँद तू किस मज़हब का है;
'ईद' भी तेरी, 'करवाचौथ' भी तेरा।
मौसम भी है, उम्र भी, शराब भी है;
पहलू में वो रश्के-माहताब भी है;
दुनिया में अब और चाहिए क्या मुझको;
साक़ी भी है, साज़ भी है, शराब भी है।
~ Akhtar Sheerani
ऊपर से गुस्सा दिल से प्यार करते हो;<br/>
नज़रें चुराते हो दिल बेक़रार करते हो;<br/>
लाख़ छुपाओ दुनिया से मुझे ख़बर है;<br/>
तुम मुझे ख़ुद से भी ज्यादा प्यार करते हो।
ऊपर से गुस्सा दिल से प्यार करते हो;
नज़रें चुराते हो दिल बेक़रार करते हो;
लाख़ छुपाओ दुनिया से मुझे ख़बर है;
तुम मुझे ख़ुद से भी ज्यादा प्यार करते हो।
देर लगी आने में तुमको, शुक्र है फिर भी आये तो;<br/>
आस ने दिल का साथ न छोड़ा, वैसे हम घबराये तो।
देर लगी आने में तुमको, शुक्र है फिर भी आये तो;
आस ने दिल का साथ न छोड़ा, वैसे हम घबराये तो।
ये शमा मेहमान है दो घडी की;
शमा बुझ जायेगी तुमसे जुदा होने के बाद;
कुछ भी कह लो हक़ है तुम्हें;
बस अब मर जायेंगे तुमसे जुदा होने के बाद।

Quotes

काम आदमी के लिए अनिवार्य है। आदमी ने ही अलार्म घडी का आविष्कार किया है।

Trivia

France, Italy and Chile have formally recognized the existence of UFOs.

Graffiti

Women take to good hearted men. Also from.