• दिल ना-उम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है;<br/>
लंबी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है।Upload to Facebook
    दिल ना-उम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है;
    लंबी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है।
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • रक़ीबों के लिए अच्छा ठिकाना हो गया पैदा;<br/>
ख़ुदा आबाद रखे मैं तो कहता हूँ जहन्नम को।<br/><br/>

Meaning:<br/>
रक़ीब  =  दुश्मन, शत्रुUpload to Facebook
    रक़ीबों के लिए अच्छा ठिकाना हो गया पैदा;
    ख़ुदा आबाद रखे मैं तो कहता हूँ जहन्नम को।

    Meaning:
    रक़ीब = दुश्मन, शत्रु
    ~ Bekhud Dehlvi
  • दिल समझता था कि ख़ल्वत में वो तन्हा होंगे;<br/>
मैंने पर्दा जो उठाया तो क़यामत निकली।<br/><br/>

Meaning:<br/>
खल्वत  =  एकांतUpload to Facebook
    दिल समझता था कि ख़ल्वत में वो तन्हा होंगे;
    मैंने पर्दा जो उठाया तो क़यामत निकली।

    Meaning:
    खल्वत = एकांत
    ~ Aziz Lucknowi
  • रहता है इबादत में हमें मौत का खटका;<br/>
हम याद-ए-ख़ुदा करते हैं कर ले न ख़ुदा याद।Upload to Facebook
    रहता है इबादत में हमें मौत का खटका;
    हम याद-ए-ख़ुदा करते हैं कर ले न ख़ुदा याद।
    ~ Akbar Allahabadi
  • इतनी सी बात पे दिल की धड़कन रुक गई `फ़राज़`;<br/>
एक पल जो तसव्वुर किया तेरे बिना जीने का।Upload to Facebook
    इतनी सी बात पे दिल की धड़कन रुक गई `फ़राज़`;
    एक पल जो तसव्वुर किया तेरे बिना जीने का।
    ~ Ahmad Faraz
  • फ़लक पे भोर की दुल्हन यूँ सज के आई है;<br/>
ये दिन उगा है या सूरज के घर सगाई है;<br/>
अभी भी आते हैं आँसू मेरी कहानी में;<br/>
कलम में शुक्र-ए- खुदा है कि 'रौशनाई' है|Upload to Facebook
    फ़लक पे भोर की दुल्हन यूँ सज के आई है;
    ये दिन उगा है या सूरज के घर सगाई है;
    अभी भी आते हैं आँसू मेरी कहानी में;
    कलम में शुक्र-ए- खुदा है कि 'रौशनाई' है|
    ~ Dr. Kumar Vishwas
  • सख्तियां करता हूं दिल पर गैर से गाफिल हूं मैं;<br/>
हाय क्या अच्छी कही जालिम हूं, जाहिल हूं मैं।<br/><br/>
Meaning:<br/>
गाफिल - अनजानUpload to Facebook
    सख्तियां करता हूं दिल पर गैर से गाफिल हूं मैं;
    हाय क्या अच्छी कही जालिम हूं, जाहिल हूं मैं।

    Meaning:
    गाफिल - अनजान
    ~ Allama Iqbal
  • चला जाता हूँ हँसता-खेलता मौजे-हवादिस से;<br/>
अगर आसानियाँ हों जिन्दगी दुश्वार हो जाये|Upload to Facebook
    चला जाता हूँ हँसता-खेलता मौजे-हवादिस से;
    अगर आसानियाँ हों जिन्दगी दुश्वार हो जाये|
  • उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;<br/>
क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।Upload to Facebook
    उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;
    क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।
    ~ Aziz Lucknowi
  • कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से,<br/>
ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो।Upload to Facebook
    कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से,
    ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो।
    ~ Bashir Badr