• कभी कभी इतनी शिद्दत से आपकी याद आती है;<br/>
मैं पलकों को मिलाता हूँ, तो आँखें भीग जाती हैं!Upload to Facebook
    कभी कभी इतनी शिद्दत से आपकी याद आती है;
    मैं पलकों को मिलाता हूँ, तो आँखें भीग जाती हैं!
  • नज़र अंदाज़ करने की वज़ह क्या है बता भी दो;
    मैं वही हूँ, जिसे तुम दुनिया से बेहतर बताती थी।
  • रास्ते कहाँ ख़त्म होते हैं, जिन्दगी के सफ़र में;
    मंजिल तो वहीं है जहाँ, ख्वाहिशें थम जाए!
  • एहसास-ए-मोहब्बत के लिए बस इतना ही काफी है;<br/>
तेरे बगैर भी हम, तेरे ही रहते हैं!Upload to Facebook
    एहसास-ए-मोहब्बत के लिए बस इतना ही काफी है;
    तेरे बगैर भी हम, तेरे ही रहते हैं!
  • मुझे तो आज पता चला कि मैं किस क़दर तनहा हूँ;<br/>
पीछे जब भी मुड़ कर देखता हूँ तो मेरा साया भी मुँह फेर लेता है।Upload to Facebook
    मुझे तो आज पता चला कि मैं किस क़दर तनहा हूँ;
    पीछे जब भी मुड़ कर देखता हूँ तो मेरा साया भी मुँह फेर लेता है।
  • आसमान के एक आशियाना में, एक आशियाना हमारा होता;
    लोग तुम्हे दूर से देखते, नज़दीक से देखने का हक़ बस हमारा होता!
  • आये हो आँखों में तो कुछ देर तो ठहर जाओ;
    एक उम्र लग जाती है एक ख्वाब सजाने में!
  • कब उनकी आँखों से इज़हार होगा,<br/>
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा,<br/>
गुज़र रही हे रात उनकी याद में,<br/>
कबि तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा!
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    कब उनकी आँखों से इज़हार होगा,
    दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा,
    गुज़र रही हे रात उनकी याद में,
    कबि तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा!
  • मैं इस काबिल तो नही कि कोई अपना समझे,
    पर इतना यकीन है, कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद।
  • ये रस्म, ये रिवाज, ये कारोबार वफ़ाओं का सब छोड़ आना तुम;<br/>
मेरे बिखरने से जरा पहले लौट आना तुम।Upload to Facebook
    ये रस्म, ये रिवाज, ये कारोबार वफ़ाओं का सब छोड़ आना तुम;
    मेरे बिखरने से जरा पहले लौट आना तुम।