• दुनिया के ज़ोर प्यार के दिन याद आ गये;
    दो बाज़ुओ की हार के दिन याद आ गये;
    गुज़रे वो जिस तरफ से बज़ाए महक उठी;
    सबको भरी बहार के दिन याद आ गये।
    ~ Khumar Barabankvi
  • यह ग़ज़लों की दुनिया भी अजीब है;<br />
यहाँ आँसुओं का भी जाम बनाया जाता है;<br />
कह भी देते हैं अगर दर्द-ए-दिल की दास्तान;<br />
फिर भी वाह-वाह ही पुकारा जाता है।Upload to Facebook
    यह ग़ज़लों की दुनिया भी अजीब है;
    यहाँ आँसुओं का भी जाम बनाया जाता है;
    कह भी देते हैं अगर दर्द-ए-दिल की दास्तान;
    फिर भी वाह-वाह ही पुकारा जाता है।
  • वादे वफ़ा करके क्यों मुकर जाते हैं लोग;<br />
किसी के दिल को क्यों तड़पाते हैं लोग;<br />
अगर दिल लगाकर निभा नहीं सकते;<br />
तो फिर क्यों दिल से इतना लगाते हैं लोग।qUpload to Facebook
    वादे वफ़ा करके क्यों मुकर जाते हैं लोग;
    किसी के दिल को क्यों तड़पाते हैं लोग;
    अगर दिल लगाकर निभा नहीं सकते;
    तो फिर क्यों दिल से इतना लगाते हैं लोग।q
  • हम पर जो गुज़री है क्या तुम सुन पाओगे;
    नाज़ुक सा दिल रखते हो तुम रोने लग जाओगे;
    बहुत ग़म मिले हैं इस दुनिया की भीड़ में;
    कभी सुनो जो तुम इन्हें तुम भी मुस्कुराना भूल जाओगे।
  • इस तरफ से गुज़रे थे काफ़िले बहारों के;
    आज तक सुलगते हैं ज़ख्म रहगुज़ारों के;

    खल्वतों के शैदाई खल्वतों में खुलते हैं;
    हम से पूछ कर देखो राज़ पर्दादारों के;

    पहले हँस के मिलते हैं फिर नज़र चुराते हैं;
    आश्ना-सिफ़त हैं लोग अजनबी दियारों के;

    तुमने सिर्फ चाहा है हमने छू के देखे हैं;
    पैरहन घटाओं के, जिस्म बर्क-पारों के;

    शगले-मयपरस्ती गो जश्ने-नामुरादी है;
    यूँ भी कट गए कुछ दिन तेरे सोगवारों के।
    ~ Sahir Ludhianvi
  • क्या मज़ा देती है बिजली की चमक मुझ को रियाज़;
    मुझ से लिपटे हैं मिरे नाम से डरने वाले।
    ~ Riyaz Khairabadi
  • लोग तो बेवजह ही खरीदते हैं आईने;<br />
आँखें बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती है।Upload to Facebook
    लोग तो बेवजह ही खरीदते हैं आईने;
    आँखें बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती है।
  • मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखों के मैखाने में;<br />
दुनिया मुझे आज तक नशे का आदि समझती है।Upload to Facebook
    मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखों के मैखाने में;
    दुनिया मुझे आज तक नशे का आदि समझती है।
  • निकलता नहीं है कोई दिल में बस जाने के बाद;
    दिल दुखता है बिछड़ जाने के बाद;
    पास जो होता है तो क़दर नहीं होती उसकी;
    महसूस होती है कमी उनके दूर जाने के बाद।
  • कितने ऐश उड़ाते होंगे कितने इतराते होंगे;
    जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे;

    उस की याद की बाद-ए-सबा में और तो क्या होता होगा;
    यूँ ही मेरे बाल हैं बिखरे और बिखर जाते होंगे;

    बंद रहे जिन का दरवाज़ा ऐसे घरों की मत पूछो;
    दीवारें गिर जाती होंगी आँगन रह जाते होंगे;

    मेरी साँस उखड़ते ही सब बैन करेंगे रोएंगे;
    यानी मेरे बाद भी यानी साँस लिये जाते होंगे;

    यारो कुछ तो बात बताओ उस की क़यामत बाहों की;
    वो जो सिमटते होंगे इन में वो तो मर जाते होंगे।
    ~ Jon Elia