• जेब में क्यों रखते हो खुशी के लम्हें जनाब;
    बाँट दो इन्हें ना गिरने का डर, ना चोरी का!
  • ⁠⁠⁠मेरी शायरी को इतनी शिद्दत से ना पढा करो;
    गलती से कुछ समझ आ गया तो बेमतलब उलझ जाओगे!
  • और भी कर देता है दर्द में इज़ाफ़ा;<br/>
तेरे होते हुए गैरों का दिलासा देना!Upload to Facebook
    और भी कर देता है दर्द में इज़ाफ़ा;
    तेरे होते हुए गैरों का दिलासा देना!
  • मेरे लफ्ज़ फ़ीके पड़ गए, तेरी एक अदा के सामने;
    मैं तुझे ख़ुदा कह गई, अपने ख़ुदा के सामने!
  • बहारों में भी मय से परहेज़ तौबा;<br/>
ख़ुमार आप काफ़िर हुए जा रहे हैं!Upload to Facebook
    बहारों में भी मय से परहेज़ तौबा;
    ख़ुमार आप काफ़िर हुए जा रहे हैं!
  • अब रिन्द बच रहे हैं ज़रा तेज़ रक़्स हो;
    महफ़िल से उठ लिए हैं नमाज़ी तो लीजिए!
  • जो व्यस्त थे, वो व्यस्त ही निकले;
    वक्त पर फ़ालतू लोग ही काम आये!
  • कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले;<br/>
महफिलें खुद की सजाते हैं और चर्चे हमारे करते हैं!Upload to Facebook
    कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले;
    महफिलें खुद की सजाते हैं और चर्चे हमारे करते हैं!
  • एक पल में एक सदी का मज़ा हमसे पूछिए;
    दो दिन की ज़िन्दगी का मज़ा हमसे पूछिए!
  • मेरी आवाज़ ही पर्दा है मेरे चेहरे का;<br/>
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए!Upload to Facebook
    मेरी आवाज़ ही पर्दा है मेरे चेहरे का;
    मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए!