• लफ़्ज़ों के इत्तेफाक़ में, यूँ बदलाव करके देख;
    तू देख कर न मुस्कुरा, बस मुस्कुरा के देख!
  • मयख़ाने से बढ़कर कोई ज़मीन नहीं;
    जहाँ सिर्फ़ क़दम लड़खड़ाते हैं ज़मीर नहीं!
  • आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की;
    लम्हें तो अपने आप मिल जाते हैं!
  • कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को;
    याद वही आते हैं जो उड़ जाते हैं!
  • उलझे हुए हैं अपनी उलझनों मे आज कल;<br/>
आप ये न समझना के अब वो लगाव नहीं रहा!Upload to Facebook
    उलझे हुए हैं अपनी उलझनों मे आज कल;
    आप ये न समझना के अब वो लगाव नहीं रहा!
  • तुझसे बात करके ही चेहरे का रंग बदल जाता है;
    और लोग पूछते हैं दवा का नाम क्या है!
  • ना जाने वो कौन तेरा हबीब होगा;<br/>
तेरे हाथों में जिसका नसीब होगा;<br/>
कोई तुम्हें चाहे ये कोई बड़ी बात नहीं;<br/>
लेकिन तुम जिसको चाहो, वो खुश नसीब होगा!Upload to Facebook
    ना जाने वो कौन तेरा हबीब होगा;
    तेरे हाथों में जिसका नसीब होगा;
    कोई तुम्हें चाहे ये कोई बड़ी बात नहीं;
    लेकिन तुम जिसको चाहो, वो खुश नसीब होगा!
  • लोग कहते हैं पिये बैठा हूँ मैं;
    खुद को मदहोश किये बैठा हूँ मैं;
    जान बाकी है वो भी ले लीजिये;
    दिल तो पहले ही दिये बैठा हूँ मैं!
  • हम भी कभी मुस्कुराया करते थे;<br/>
उजाले में भी शोर मचाया करते थे;<br/>
उसी दिये ने जला दिया मेरे हाथों को;<br/>
जिस दिये को हम हवा से बचाया करते थे।Upload to Facebook
    हम भी कभी मुस्कुराया करते थे;
    उजाले में भी शोर मचाया करते थे;
    उसी दिये ने जला दिया मेरे हाथों को;
    जिस दिये को हम हवा से बचाया करते थे।
  • सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की कदर करना;
    कहीं कोई थक ना जाए तुम्हें एहसास दिलाते-दिलाते!