• दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के;<br/>

वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के!<br/><br/>

* शब-ए-ग़म -  ग़म/दुख की रात
    दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के;
    वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के!

    * शब-ए-ग़म - ग़म/दुख की रात
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से;<br/>

मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है!
    न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से;
    मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है!
    ~ Adil Farooqui
  • सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं;<br/>

और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं!
    सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं;
    और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं!
    ~ Jaun Elia
  • बड़ी आरज़ू थी हम को नए ख़्वाब देखने की;<br/>
सो अब अपनी ज़िंदगी में नए ख़्वाब भर रहे हैं!
    बड़ी आरज़ू थी हम को नए ख़्वाब देखने की;
    सो अब अपनी ज़िंदगी में नए ख़्वाब भर रहे हैं!
    ~ Obaidullah Aleem
  • ज़िंदगी किस तरह बसर होगी;<br/>
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में!
    ज़िंदगी किस तरह बसर होगी;
    दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में!
    ~ Jaun Elia
  • उन की महफ़िल में 'ज़फ़र' लोग मुझे चाहते हैं;<br/>
वो जो कल कहते थे दीवाना भी सौदाई भी!
    उन की महफ़िल में 'ज़फ़र' लोग मुझे चाहते हैं;
    वो जो कल कहते थे दीवाना भी सौदाई भी!
    ~ Yusuf Zafar
  • हम ग़म-ज़दा हैं लाएँ कहाँ से ख़ुशी के गीत;<br/>
देंगे वही जो पाएँगे इस ज़िंदगी से हम!
    हम ग़म-ज़दा हैं लाएँ कहाँ से ख़ुशी के गीत;
    देंगे वही जो पाएँगे इस ज़िंदगी से हम!
    ~ Sahir Ludhianvi
  • इक डूबती धड़कन की सदा लोग न सुन लें;<br/>
कुछ देर को बजने दो ये शहनाई ज़रा और!
    इक डूबती धड़कन की सदा लोग न सुन लें;
    कुछ देर को बजने दो ये शहनाई ज़रा और!
    ~ Aanis Moin
  • हाए वो लोग गए चाँद से मिलने और फिर;<br/>
अपने ही टूटे हुए ख़्वाब उठा कर ले आए!
    हाए वो लोग गए चाँद से मिलने और फिर;
    अपने ही टूटे हुए ख़्वाब उठा कर ले आए!
    ~ Obaidullah Aleem
  • सिर्फ़ लफ़्ज़ों को नहीं अंदाज़ भी अच्छा रखो;<br/>
इस जगत में सिर्फ़ मीठी बोलियाँ रह जाएँगी!
    सिर्फ़ लफ़्ज़ों को नहीं अंदाज़ भी अच्छा रखो;
    इस जगत में सिर्फ़ मीठी बोलियाँ रह जाएँगी!
    ~ Aadarsh Dubey