Hindi Shayari

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चूम कर कफ़न मेँ लिपटे मेरे चेहरे को;
उसने तड़प के कहा नये कपड़े क्या पहन लिए;
मेरी तरफ देखते भी नही।
​उससे कहो के मेरी सजा को कुछ कम कर दे;<br/>
मैं आदि मुजरिम नहीं हूँ गलती से इश्क हुआ था।
​उससे कहो के मेरी सजा को कुछ कम कर दे;
मैं आदि मुजरिम नहीं हूँ गलती से इश्क हुआ था।
हर बात पर नम हो जाती हैं आँखें मेरी अक्सर;<br/>
जहाँ भर के अश्क खुदा मेरी पलकों में रख भूला।
हर बात पर नम हो जाती हैं आँखें मेरी अक्सर;
जहाँ भर के अश्क खुदा मेरी पलकों में रख भूला।
सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब;
बचपन वाला 'इतवार' अब नहीं आता।
यूं न मिल मुझ से ​...​

यूं न मिल मुझ से ख़फ़ा हो जैसे​;​​
साथ चल मौज-ए-सबा हो जैसे​;​​

लोग यूं देख के हंस देते हैं;​
तू मुझे भूल गया हो जैसे​;​

इश्क़ को शिर्क की हद तक न बढ़ा​;​
यूं न छुप हम से ख़ुदा हो जैसे​;​​

​ मौत भी आई तो इस नाज़ के साथ​;​​
मुझ पे अहसान किया हो जैसे।
~ Ahsaan Danish
हुनर अब आ गया मुझको​ ​वफाओं को परखने का;<br/>​
दिखावे की हर एक चाहत मैं वापिस मोड़ देता हूँ​। ​
हुनर अब आ गया मुझको​ ​वफाओं को परखने का;
​ दिखावे की हर एक चाहत मैं वापिस मोड़ देता हूँ​। ​
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ​;​<br/>
शायद तुमने ही पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे​।
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ​;​
शायद तुमने ही पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे​।
ऊँची इमारतों से मकां मेरा घिर गया​;
​कुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए।
~ Javed Akhtar
ख़ुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख्शी है;​
​ के वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते है​​।
अर्ज़-ए-नियाज़-ए-इश्क़ ​....​

​ ​अर्ज़-ए-नियाज़-ए-इश्क़ के क़ाबिल नहीं रहा​;​
जिस दिल पे नाज़ था मुझे वो दिल नहीं रहा​;​ ​​

​ मरने की, अय दिल, और ही तदबीर कर, कि मैं;​
शायान-ए-दस्त-ओ-बाज़ु-ए-का़तिल नहीं रहा​;​

​ वा कर दिए हैं शौक़ ने, बन्द-ए-नकाब-ए-हुस्न​;​
ग़ैर अज़ निगाह, अब कोई हाइल नहीं रहा​;​

​ बेदाद-ए-इश्क़ से नहीं डरता मगर असद ​;​
​ जिस दिल पे नाज़ था मुझे, वो दिल नहीं रहा।
~ Mirza Ghalib

Quotes

​​जल्दी गुस्सा करना जल्द ही आपको मूर्ख साबित कर देगा।

Trivia

Leonardo da Vinci invented scissors.

Graffiti

Gravity isn't easy, but it's the law.