• बोतलें खोल कर तो पी बरसों;
    आज दिल खोल कर भी पी जाए।
    ~ Rahat Indori
  • उनके ख्याल से ही जब इतनी सुहानी लगती है ये दुनिया;<br />
सोचो अगर वो साथ होंगे तब क्या बात होगी।Upload to Facebook
    उनके ख्याल से ही जब इतनी सुहानी लगती है ये दुनिया;
    सोचो अगर वो साथ होंगे तब क्या बात होगी।
  • वक़्त बदला और बदली कहानी है;
    संग मेरे हसीन पलों की यादें पुरानी हैं;
    ना लगाओ मरहम मेरे ज़ख्मों पर;
    मेरे पास उनकी बस यही एक बाकी निशानी है।
  • होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह;<br />
तो मै तेरे शहर मे कभी धूप ना आने देता।Upload to Facebook
    होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह;
    तो मै तेरे शहर मे कभी धूप ना आने देता।
  • बिछड़ा है जो एक बार तो...

    बिछड़ा है जो एक बार तो मिलते नहीं देखा;
    इस ज़ख़्म को हमने कभी सिलते नहीं देखा;

    इस बार जिसे चाट गई धूप की ख़्वाहिश;
    फिर शाख़ पे उस फूल को खिलते नहीं देखा;

    यक-लख़्त गिरा है तो जड़ें तक निकल आईं;
    जिस पेड़ को आँधी में भी हिलते नहीं देखा;

    काँटों में घिरे फूल को चूम आयेगी तितली;
    तितली के परों को कभी छिलते नहीं देखा;

    किस तरह मेरी रूह हरी कर गया आख़िर;
    वो ज़हर जिसे जिस्म में खिलते नहीं देखा।
    ~ Parveen Shakir
  • हाल-ए-दिल ना-गुफ़्तनी है हम जो कहते भी तो क्या;
    फिर भी ग़म ये है कि उस ने हम से पूछा ही नहीं।
    ~ Saleem Ahmed
  • हर बार संभाल लूंगा गिरो तुम चाहो जितनी बार;<br />
बस एक ही इल्तिज़ा है कि मेरी नज़रों से ना गिरना तुम कभी।Upload to Facebook
    हर बार संभाल लूंगा गिरो तुम चाहो जितनी बार;
    बस एक ही इल्तिज़ा है कि मेरी नज़रों से ना गिरना तुम कभी।
  • लोग बेवजह ढूँढते हैँ खुदखुशी के तरीके हजार;
    इश्क करके क्यों नहीँ देख लेते वो एक बार।
  • यूँ तो तमन्ना दिल में ना थी लेकिन;<br />
ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक बन बैठे।Upload to Facebook
    यूँ तो तमन्ना दिल में ना थी लेकिन;
    ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक बन बैठे।
  • मय रहे, मीना रहे, ग़र्दिश में...

    मय रहे, मीना रहे, ग़र्दिश में पैमाना रहे;
    मेरे साक़ी तू रहे, आबाद मयखाना रहे;

    हश्र भी तो हो चुका, रुख़ से नहीं हटती नक़ाब;
    हद भी आख़िर कुछ है, कब तक कोई दीवाना रहे;

    रात को जा बैठते हैं, रोज़ हम मजनूं के पास;
    पहले अनबन रह चुकी है, अब तो याराना रहे;

    ज़िन्दगी का लुत्फ़ हो, उड़ती रहे हरदम रियाज़;
    हम हों, शीशे की परी हो,घर परीखाना रहे।
    ~ Riyaz Khairabadi