Hindi Shayari

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आग के पास कभी मोम को ला कर देखू;​<br/>​हो इजाजत तो तुझे तुझे हाथ लगा कर देखू;​<br/>दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है;​<br/>​सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखू।
आग के पास कभी मोम को ला कर देखू;​
​हो इजाजत तो तुझे तुझे हाथ लगा कर देखू;​
दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है;​
​सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखू।
~ Rahat Indori
ये दबदबा, ये हकूमत, ये नशा-ए-दौलत;​
सब किराये के मकान हैं, किराएदार बदलते रहते है।
कितने नाज़ुक मिजाज़ हैं वो कुछ न पूछिये;<br/>​  
नींद नही आती है उन्हें धड़कन के शोर से।
कितने नाज़ुक मिजाज़ हैं वो कुछ न पूछिये;
​ नींद नही आती है उन्हें धड़कन के शोर से।
दुनिया वालों ने तो फकत उसको हवा दी थी;​
​ लोग तो घर ही के थे आग लगाने वाले।
फ़राज़ अब कोई सौदा​...

​ फ़राज़ अब कोई सौदा कोई जुनूँ भी नहीं​;
​ मगर क़रार से दिन कट रहे हों यूँ भी नहीं​;​

​ लब-ओ-दहन भी मिला गुफ़्तगू का फ़न भी मिला​;
​ मगर जो दिल पे गुज़रती है कह सकूँ भी नहीं​;

मेरी ज़ुबाँ की लुक्नत से बदगुमाँ न हो ​;​
जो तू कहे तो तुझे उम्र भर मिलूँ भी नहीं​;

​​ "फ़राज़" जैसे कोई दिया तुर्बत-ए-हवा चाहे है​; ​​
​ तू पास आये तो मुमकिन है मैं रहूँ भी नहीं​।
~ Ahmad Faraz
किसी भी ​मुश्किल का अब किसी को हल नही मिलता;
​ शायद अब घर से कोई माँ के पैर छूकर नही निकलता​.​..​ ​
जिन्हें गुस्सा आता है, वो लोग सच्चे होते है​;<br/>​
मैंने झूठों को अक्सर, मुस्कुराते हुए देखा है​।
जिन्हें गुस्सा आता है, वो लोग सच्चे होते है​;
​ मैंने झूठों को अक्सर, मुस्कुराते हुए देखा है​।
​​जो जुर्म करते है वो इतने बुरे नहीं होते;​<br/> 
सजा ना देकर अदालत बिगाड़ देती है।
​​जो जुर्म करते है वो इतने बुरे नहीं होते;​
सजा ना देकर अदालत बिगाड़ देती है।
~ Rahat Indori
उसको सजने की संवरने की ज़रूरत​ ​ही नहीं​​;​
​ उस पे सजती है हया भी किसी जेवर ​की तरह...​​
बात करनी मुझे...

बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी;
जैसी अब है तेरी महफ़िल कभी ऐसी तो न थी;

ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्र-ओ-क़रार;
बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी तो न थी;

उन की आँखों ने ख़ुदा जाने किया क्या जादू;
के तबीयत मेरी माइल कभी ऐसी तो न थी;

चश्म-ए-क़ातिल मेरी दुश्मन थी हमेशा लेकिन;
जैसी अब हो गई क़ातिल कभी ऐसी तो न थी;

क्या सबब तू जो बिगड़ता है 'ज़फ़र' से हर बार;
ख़ू तेरी हूर-ए-शमाइल कभी ऐसी तो न थी।
~ Bahadur Shah Zafar

Quotes

डर को अपने ऊपर हावी मत होने दो, अपने आप को खेलने में व्यस्त रखो।

Trivia

'Dreamt' is the only word in the English language that ends with 'MT'.

Graffiti

If it's stupid but works, it isn't stupid.