• वो लफ्ज कहाँ से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें,<br/>
मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से।Upload to Facebook
    वो लफ्ज कहाँ से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें,
    मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से।
  • मैं भी हुआ करता था वकील इश्क वालों का कभी;<br/>
नज़रें उस से क्या मिलीं आज खुद कटघरे में हूँ।Upload to Facebook
    मैं भी हुआ करता था वकील इश्क वालों का कभी;
    नज़रें उस से क्या मिलीं आज खुद कटघरे में हूँ।
  • होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह,
    तो मैं तेरे शहर में कभी धूप ना आने देता।
  • हर बात का कोई जवाब नही होता,
    हर इश्क का नाम खराब नही होता,
    यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले,
    मगर हर नशे का नाम शराब नही होता।
  • खुदा की इतनी बड़ी कायनात में मैंने,<br/>

बस एक शख्स को मांगा मुझे वही ना मिला।Upload to Facebook
    खुदा की इतनी बड़ी कायनात में मैंने,
    बस एक शख्स को मांगा मुझे वही ना मिला।
    ~ Bashir Badr
  • ना कर दिल अजारी, ना रुसवा कर मुझे;<br/>

जुर्म बता, सज़ा सुना और किस्सा खत्म कर।Upload to Facebook
    ना कर दिल अजारी, ना रुसवा कर मुझे;
    जुर्म बता, सज़ा सुना और किस्सा खत्म कर।
  • मेरी चाहतें तुमसे अलग कब हैं, दिल की बातें तुम से छुपी कब हैं;
    तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह, फिर ज़िन्दगी को साँसों की ज़रूरत कब है।
  • कसूर ना उनका है ना मेरा, हम दोनो रिश्तों की रसमें निभाते रहे;
    वो दोस्ती का एहसास जताते रहे, हम मोहबत को दिल में छुपाते रहे।
  • वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है;
    ख्वाबों में दास्ताँ पुरानी भेज देती है;
    कितने मीठे हैं उसकी यादों के मंज़र;
    कभी-कभी आँखों में पानी भेज देती है।
  • घायल कर के मुझे उसने पूछा, करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे;
    लहू-लहू था दिल मगर होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।