• खरीद पाऊँ खुशियाँ उदास चेहरों के लिए;<br/> 
मेरे किरदार का मोल इतना करदे खुदा!
    खरीद पाऊँ खुशियाँ उदास चेहरों के लिए;
    मेरे किरदार का मोल इतना करदे खुदा!
  • सजा न दे मुझे बेक़सूर हूँ मैं,<br/>
थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,<br/>
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,<br/>
और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं।
    सजा न दे मुझे बेक़सूर हूँ मैं,
    थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,
    तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
    और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं।
  • फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फासले बढा दिए वरना;<br/>
सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
    फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फासले बढा दिए वरना;
    सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
  • देख कर मेरी आँखें, एक फकीर कहने लगा;<br/>
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है खवाबों का वज़न कम कीजिये!
    देख कर मेरी आँखें, एक फकीर कहने लगा;
    पलकें तुम्हारी नाज़ुक है खवाबों का वज़न कम कीजिये!
  • बंजर नहीं हूं मैं मुझमें बहुत सी नमी है,<br/>
दर्द बयां नही करता, बस इतनी सी कमी है!
    बंजर नहीं हूं मैं मुझमें बहुत सी नमी है,
    दर्द बयां नही करता, बस इतनी सी कमी है!
  • ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,<br/>
तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।
    ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
    तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।
  • मैंने हवा के शौक में खोली थी खिड़कियां,<br/>
पर तेरी यादों का धुआँ मेरे घर में आ गया!
    मैंने हवा के शौक में खोली थी खिड़कियां,
    पर तेरी यादों का धुआँ मेरे घर में आ गया!
  • कभी दो शब्द प्यार के तुम भी लिख दिया करो जनाब,<br/>
हमें लिखना ही नही पढ़ना भी खूब आता है।
    कभी दो शब्द प्यार के तुम भी लिख दिया करो जनाब,
    हमें लिखना ही नही पढ़ना भी खूब आता है।
  • रिश्तों  में झुकना कोई अजीब बात  नही है साहब,<br/>
सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
    रिश्तों में झुकना कोई अजीब बात नही है साहब,
    सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
  • नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,<br/>
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता।
    नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
    कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता।