• हैं और भी दुनिया में सुखन-वर बहुत अच्छे,<br/>
कहते हैं कि ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयाँ और।
    हैं और भी दुनिया में सुखन-वर बहुत अच्छे,
    कहते हैं कि ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयाँ और।
    ~ Mirza Ghalib
  • कोई तो परचम ले कर निकले अपने गरेबान का `जालिब`;<br/>
चारो जानिब सन्नाटा है, दीवाने याद आते है।
    कोई तो परचम ले कर निकले अपने गरेबान का "जालिब";
    चारो जानिब सन्नाटा है, दीवाने याद आते है।
    ~ Habib Jalib
  • कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;<br/>
कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।<br/><br/>
Meaning:<br/>
1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई <br/>
2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;
    कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।

    Meaning:
    1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई
    2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • एक मैं हूँ, किया ना कभी सवाल कोई;<br/>
एक तुम हो, जिसका कोई जवाब नहीं!
    एक मैं हूँ, किया ना कभी सवाल कोई;
    एक तुम हो, जिसका कोई जवाब नहीं!
  • उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे;<br/>
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे!
    उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे;
    हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे!
  • निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया;<br/>
भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का!
    निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया;
    भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का!
  • मेहरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक़्त;<br/>
मैं गया वक़्त नहीं कि फिर आ भी ना सकूँ!
    मेहरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक़्त;
    मैं गया वक़्त नहीं कि फिर आ भी ना सकूँ!
  • वो शायद मतलब से मिलते हैं;<br/>
मुझे तो मिलने से मतलब है!
    वो शायद मतलब से मिलते हैं;
    मुझे तो मिलने से मतलब है!
  • घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे;<br/>
हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते!
    घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे;
    हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते!
  • मुद्दतों बाद वो मिली भी तो बैंक में;
    अब यारों तुम ही बताओ मोहब्बत करते कि नोट बदलते!