• तेग़-बाज़ी का शौक़ अपनी जगह;<br/>
आप तो क़त्ल-ए-आम कर रहे हैं!<br/><br/>
Meaning:<br/>
तेग़-बाज़ी  =  तलवार बाज़ी, तलवार चलानाUpload to Facebook
    तेग़-बाज़ी का शौक़ अपनी जगह;
    आप तो क़त्ल-ए-आम कर रहे हैं!

    Meaning:
    तेग़-बाज़ी = तलवार बाज़ी, तलवार चलाना
    ~ Jon Elia
  • रक़ीबों के लिए अच्छा ठिकाना हो गया पैदा;<br/>
ख़ुदा आबाद रखे मैं तो कहता हूँ जहन्नम को।<br/><br/>

Meaning:<br/>
रक़ीब  =  दुश्मन, शत्रुUpload to Facebook
    रक़ीबों के लिए अच्छा ठिकाना हो गया पैदा;
    ख़ुदा आबाद रखे मैं तो कहता हूँ जहन्नम को।

    Meaning:
    रक़ीब = दुश्मन, शत्रु
    ~ Bekhud Dehlvi
  • अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं;<br/>
पता चला हैं कि मेहमान आने वाले हैं।Upload to Facebook
    अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं;
    पता चला हैं कि मेहमान आने वाले हैं।
    ~ Rahat Indori
  • हैं और भी दुनिया में सुखन-वर बहुत अच्छे,<br/>
कहते हैं कि ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयाँ और।Upload to Facebook
    हैं और भी दुनिया में सुखन-वर बहुत अच्छे,
    कहते हैं कि ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयाँ और।
    ~ Mirza Ghalib
  • कोई तो परचम ले कर निकले अपने गरेबान का `जालिब`;<br/>
चारो जानिब सन्नाटा है, दीवाने याद आते है।Upload to Facebook
    कोई तो परचम ले कर निकले अपने गरेबान का "जालिब";
    चारो जानिब सन्नाटा है, दीवाने याद आते है।
    ~ Habib Jalib
  • कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;<br/>
कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।<br/><br/>
Meaning:<br/>
1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई <br/>
2.आलम - हालत, दशा, स्थितिUpload to Facebook
    कहाँ वह खल्वतें दिन-रात की और अब यह आलम है;
    कि जब मिलते हैं दिल कहता है, कोई तीसरा होता।

    Meaning:
    1. खल्वतें - एकान्त, जहाँ दूसरा न हो, तन्हाई
    2.आलम - हालत, दशा, स्थिति
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • एक मैं हूँ, किया ना कभी सवाल कोई;<br/>
एक तुम हो, जिसका कोई जवाब नहीं!Upload to Facebook
    एक मैं हूँ, किया ना कभी सवाल कोई;
    एक तुम हो, जिसका कोई जवाब नहीं!
  • उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे;<br/>
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे!Upload to Facebook
    उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे;
    हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे!
  • निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया;<br/>
भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का!Upload to Facebook
    निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया;
    भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का!
  • मेहरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक़्त;<br/>
मैं गया वक़्त नहीं कि फिर आ भी ना सकूँ!Upload to Facebook
    मेहरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक़्त;
    मैं गया वक़्त नहीं कि फिर आ भी ना सकूँ!