• ​इंसान से मुसीबतें डरती हैं इस क़दर​;​<br/>आती नहीं कभी अकेले, वो किसी के सर​।
    ​इंसान से मुसीबतें डरती हैं इस क़दर​;​
    आती नहीं कभी अकेले, वो किसी के सर​।
  • ​​रोटियां घूस की खाता रहा है जो;​​<br/>​उसे ​तनख्वाह ​तो​ ​​कम ​ही लगेगी।
    ​​रोटियां घूस की खाता रहा है जो;​​
    ​उसे ​तनख्वाह ​तो​ ​​कम ​ही लगेगी।
  • आदमी आदमी को क्या देगा, जो भी देगा वही खुदा देगा;
    जिंदगी को क़रीब से देखो, इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा।
  • सफ़र में मुश्किलें आयें, तो जुर्रत और बढती है;
    कोई जब रास्ता रोके, तो हिम्मत और बढती है।
  • दिल की बात लबों पर लाना मुश्किल है;<br/>
सब को सच्ची राह दिखाना मुश्किल है;<br/>
सूरज दुनिया को उजियारा देता है मगर;<br/>
चमगादड़ को ये समझाना मुश्किल है।
    दिल की बात लबों पर लाना मुश्किल है;
    सब को सच्ची राह दिखाना मुश्किल है;
    सूरज दुनिया को उजियारा देता है मगर;
    चमगादड़ को ये समझाना मुश्किल है।
  • तेरा हुआ ज़िक्र तो हम;
    तेरे सजदे में झुक गये;
    अब क्या फर्क पड़ता है;
    मंदिर में झुक गये या;
    मस्जिद में झुक गये।
  • शराफत को कभी तुम बुजदिली का नाम मत देना;<br/>
दबे जब तक नहीं घोडा तमंचा भी इक खिलौना है।
    शराफत को कभी तुम बुजदिली का नाम मत देना;
    दबे जब तक नहीं घोडा तमंचा भी इक खिलौना है।
  • ज़माना तो बड़े शौक से सुन रहा था;<br/>
हम ही सो गए दास्ताँ कहते कहते।
    ज़माना तो बड़े शौक से सुन रहा था;
    हम ही सो गए दास्ताँ कहते कहते।
  • चिरागो की रोशनी, जो जरा हिली;
    लगा तुम्हारी एक, आहट सी मिली;
    जाके देखा जब दर पे तो;
    फिर वही काफ़िर हवा मिली।
  • ज़िंदगी की असली उड़ान बाकी है;<br/>
मेरे इरादों का इम्तिहान बाकी है;<br/>
अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीन;<br/>
अभी तो सारा आसमान बाकी है।
    ज़िंदगी की असली उड़ान बाकी है;
    मेरे इरादों का इम्तिहान बाकी है;
    अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीन;
    अभी तो सारा आसमान बाकी है।