• न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता;
    जो गुस्से मेँ कहा तुमने वही हंस के कहा होता।
  • उसके होंठों पे कभी बददुआ नहीं होती;
    बस इक माँ है जो मुझसे कभी खफा नहीं होती।
  • मियां  मैं  शेर  हूँ  शेरो  की   गुर्राहट  नहीं  जाती;<br/>
मैं लहजा नर्म भी कर लूँ तो झुंझलाहट नहीं जाती;<br/>
मैं  अनजाने  में  एक  बार  सच  बोल  बैठा  था;<br/>
तब से मैं कोशिश कर चुका हूँ पर मुंह की कड़वाहट नहीं जाती।
    मियां मैं शेर हूँ शेरो की गुर्राहट नहीं जाती;
    मैं लहजा नर्म भी कर लूँ तो झुंझलाहट नहीं जाती;
    मैं अनजाने में एक बार सच बोल बैठा था;
    तब से मैं कोशिश कर चुका हूँ पर मुंह की कड़वाहट नहीं जाती।
    ~ Munawwar Rana
  • हमको मिटा सके, यह ज़माने में दम नहीं;
    हमसे ज़माना ख़ुद है, ज़माने से हम नहीं।
    ~ Jigar Moradabadi
  • हम दूर तक यूँ ही नहीं पहुंचे फ़राज़;<br/>
कुछ लोग कांधा देने आ गये थे।
    हम दूर तक यूँ ही नहीं पहुंचे फ़राज़;
    कुछ लोग कांधा देने आ गये थे।
    ~ Ahmad Faraz
  • क्या बनाने आये थे और क्या बना बैठे;
    कहीं मंदिर बना बैठे तो कहीं मस्जिद बना बैठे;
    हमसे तो जात अच्छी उन परिंदों की;
    जो कभी मंदिर पर जा बैठे तो कभी मस्जिद पे जा बैठे।
  • कहते है हर बात जुबां से हम;
    इशारा नहीं करते;
    आसमां पर चलने वाले;
    जमीं से गुज़ारा नहीं करते;
    हर हालात बद्दलने की हिम्मत है हम में;
    वक़्त का हर फैंसला हम गवारा नहीं करते।
  • ए तुफां तु ले ले मेरा इम्तिहां;<br/>
यहीं डटा हूं यहीं डटा रहूंगा;<br/>
आजमा ले तु अपनी ताकत जी भर के;<br/>
तेरा हौंसला मैं झुका के रहूँगा।
    ए तुफां तु ले ले मेरा इम्तिहां;
    यहीं डटा हूं यहीं डटा रहूंगा;
    आजमा ले तु अपनी ताकत जी भर के;
    तेरा हौंसला मैं झुका के रहूँगा।
  • जो हो गया उसे सोचा नहीं करते;
    जो मिल गया उसे खोया नहीं करते;
    हांसिल उन्हें होती हैं सफलता;
    जो वक़्त और हालत पर रोया नहीं करते।
  • हमें देख के चेहरा घुमा लेते है;
    मेरे नाम पे नज़रे फिरा लेते है;
    पर एक बात पे ना चले जोर उनका;
    करते है बातें गैरों की लेकिन;
    कसम मेरे नाम की खा लेते है।