• अपने वजूद पर इतना तो यकीन है मुझको कि;<br/>   
कोई दूर तो हो सकता है मुझसे पर भूल नहीं सकता।
    अपने वजूद पर इतना तो यकीन है मुझको कि;
    कोई दूर तो हो सकता है मुझसे पर भूल नहीं सकता।
  • किस धुन में बढ़ा जाता है तू आगे ही आगे;<br/>
मंजिल तो बहुत पीछे तुझे ढूंढ़ रही है।
    किस धुन में बढ़ा जाता है तू आगे ही आगे;
    मंजिल तो बहुत पीछे तुझे ढूंढ़ रही है।
    ~ Matir Hoshiarpuri
  • बिक गया ये मुल्क मेरा रिश्वत के नाम पर;
    मगर है अब भी यहाँ तोड़ रहा है रोटी कोई 'मेहनत' के नाम पर!
  • बहुत से लोग थे मेहमान मेरे घर लेकिन;
    वो जानता था कि है एहतमाम किस के लिए!
  • मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो;
    जोड़ लूँगा आपको टूटकर तो देखो;
    नादाँ हूँ पर इतना भी नहीं;
    थाम लूँगा आपको छूट कर तो देखो!
  • यह जो हिज्र में दीवार-ओ-दर को देखते हैं;
    कभी सबा को कभी नामबर को देखते हैं;
    वो आये घर में हमारे खुदा की कुदरत है;
    कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं!
  • बनती है अगर बात तो बांट लो हर ख़ुशी;<br/>
गम न ज़ाहिर करो तुम किसी से कभी;<br/>
दिल की गहराई में गम छुपाते रहो;<br/>
चार दिन की जिंदगी में सदा मुस्कुराते रहो!
    बनती है अगर बात तो बांट लो हर ख़ुशी;
    गम न ज़ाहिर करो तुम किसी से कभी;
    दिल की गहराई में गम छुपाते रहो;
    चार दिन की जिंदगी में सदा मुस्कुराते रहो!
  • मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना;
    भूल जाना मेरा ख्याल ना करना;
    हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे;
    पर तुम मेरी लाश से कोई सवाल मत करना!
  • कम्बख्त ने धक्का दिया हमें डुबाने के लिए;<br />
अंजाम-ए-मोहब्बत ये रहा कि हम तैराक बन गए।
    कम्बख्त ने धक्का दिया हमें डुबाने के लिए;
    अंजाम-ए-मोहब्बत ये रहा कि हम तैराक बन गए।
  • सर झुकाने से नमाजें अदा नहीं होतीं;<br/>
दिल झुकाना पड़ता है इबादत के लिए!
    सर झुकाने से नमाजें अदा नहीं होतीं;
    दिल झुकाना पड़ता है इबादत के लिए!