• वो शायद मतलब से मिलते हैं;<br/>
मुझे तो मिलने से मतलब है!
    वो शायद मतलब से मिलते हैं;
    मुझे तो मिलने से मतलब है!
  • घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे;<br/>
हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते!
    घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे;
    हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते!
  • मुद्दतों बाद वो मिली भी तो बैंक में;
    अब यारों तुम ही बताओ मोहब्बत करते कि नोट बदलते!
  • तलाश सिर्फ सकून की होती है;
    चाहे रिश्तों का नाम कुछ भी हो!
  • ऐ दिल चल एक सौदा करते हैं;
    तू मेरे लिए धड़कना छोड़ दे;
    मैं उसके लिए तड़पना छोड़ दूँ!
  • एक अलग सी पहचान बनाने की आदत है हमें;
    जख्म हो जितना गहरा उतना मुस्कुराने की आदत है हमें!
  • वो इत्रदान सा लहज़ा मेरे बुजुर्गों का;
    रची बसी हुई उर्दू ज़बान की ख़ुशबू!
  • मुठ्ठियों में कैद है जो खुशियाँ सब में बांट दो;<br/>                            
तेरी हो चाहे मेरी हो एक दिन हथेलियां तो खुल ही जानी हैं!
    मुठ्ठियों में कैद है जो खुशियाँ सब में बांट दो;
    तेरी हो चाहे मेरी हो एक दिन हथेलियां तो खुल ही जानी हैं!
  • ठुकराया हमने भी बहुतों को है तेरी खातिर;<br/>
तुझसे फासला भी शायद उन की बद-दुआओं का असर है!
    ठुकराया हमने भी बहुतों को है तेरी खातिर;
    तुझसे फासला भी शायद उन की बद-दुआओं का असर है!
  • कभी हम मिले तो भी क्या मिले वही दूरियाँ वही फ़ासले;<br/>
न कभी हमारे क़दम बढ़े न कभी तुम्हारी झिझक गई!
    कभी हम मिले तो भी क्या मिले वही दूरियाँ वही फ़ासले;
    न कभी हमारे क़दम बढ़े न कभी तुम्हारी झिझक गई!