• सोचा न था जिंदगी में​ ऐसे भी फ़साने होंगे;<br/>
रोना भी जरूरी होगा और आसूँ भी छुपाने होंगे।
    सोचा न था जिंदगी में​ ऐसे भी फ़साने होंगे;
    रोना भी जरूरी होगा और आसूँ भी छुपाने होंगे।
  • जो ज़रा किसी ने छेड़ा छलक पड़ेंगे आँसू;<BR/>
कोई मुझ से यूँ न पूछे तेरा दिल उदास क्यों है!
    जो ज़रा किसी ने छेड़ा छलक पड़ेंगे आँसू;
    कोई मुझ से यूँ न पूछे तेरा दिल उदास क्यों है!
  • मेरी आंखों में आँसू हैं ना होठों पे तबस्सुम है;<br/>
समझ में क्या किसी की आयेगी तर्ज़-ए-फुगां मेरी!
    मेरी आंखों में आँसू हैं ना होठों पे तबस्सुम है;
    समझ में क्या किसी की आयेगी तर्ज़-ए-फुगां मेरी!
    ~ Shamsi Meenai
  • रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं कायल;<br/>
जब आँख से ही न टपका तो फिर लहू क्या है।
    रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं कायल;
    जब आँख से ही न टपका तो फिर लहू क्या है।
    ~ Mirza Ghalib
  • आँसू जानते हैं कौन अपना है, तभी अपनों के आगे निकलते हैं;<br/>
मुस्कुराहट का क्या है, ग़ैरों से भी वफ़ा कर लेती है!
    आँसू जानते हैं कौन अपना है, तभी अपनों के आगे निकलते हैं;
    मुस्कुराहट का क्या है, ग़ैरों से भी वफ़ा कर लेती है!
  • मैं ज़हर तो पी लूँ शौक़ से तेरी ख़ातिर;<br/>
पर शर्त ये है कि तुम सामने बैठ कर सासों को टूटता देखो।
    मैं ज़हर तो पी लूँ शौक़ से तेरी ख़ातिर;
    पर शर्त ये है कि तुम सामने बैठ कर सासों को टूटता देखो।
  • मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू;<br/>
मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना।
    मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू;
    मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना।
    ~ Munawwar Rana
  • ख़ाली नही रहा कभी आँखों का ये मकान;<br/>
सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गई!
    ख़ाली नही रहा कभी आँखों का ये मकान;
    सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गई!
  • तेरी महफ़िल और मेरी आँखें;
    दोनों भरी-भरी हैं!
  • पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो;<br/>
कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही है पिघलने दो!
    पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो;
    कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही है पिघलने दो!