• जहान-ए-रंग-ओ-बू में क्यों तलाश-ए-हुस्न हो मुझको;<br/>
हजारों जलवे रख्शिंदा है मेरे दिल के पर्दे में!<br/><br/>
जहान-ए-रंग-ओ-बू = रंग और खुश्बू की दुनिया,<br/>
जलवा = नज्जारा,<br/>
दृश्य, तमाशा,<br/>
रख्शिंदा = चमकने वाले, दीप्त, प्रकाशमान
    जहान-ए-रंग-ओ-बू में क्यों तलाश-ए-हुस्न हो मुझको;
    हजारों जलवे रख्शिंदा है मेरे दिल के पर्दे में!

    जहान-ए-रंग-ओ-बू = रंग और खुश्बू की दुनिया,
    जलवा = नज्जारा,
    दृश्य, तमाशा,
    रख्शिंदा = चमकने वाले, दीप्त, प्रकाशमान
    ~ Shakeel Badayuni
  • उदास आँखों में अपनी करार देखा है,<br/>
पहली बार उसे बेक़रार देखा है;<br/>
जिसे खबर ना होती थी मेरे आने-जाने की,
उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है!
    उदास आँखों में अपनी करार देखा है,
    पहली बार उसे बेक़रार देखा है;
    जिसे खबर ना होती थी मेरे आने-जाने की, उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है!
  • बहुत दिनों के बाद उसका कोरा कागज़ आया;<br/>
शायर हूँ साहब, लिखी हुई खामोशी पढ़ ली मैंने!
    बहुत दिनों के बाद उसका कोरा कागज़ आया;
    शायर हूँ साहब, लिखी हुई खामोशी पढ़ ली मैंने!
  • हम हैं मसरूफ़-ए-इंतिज़ाम मगर;<br/>
जाने क्या इंतिज़ाम कर रहे हैं।
    हम हैं मसरूफ़-ए-इंतिज़ाम मगर;
    जाने क्या इंतिज़ाम कर रहे हैं।
    ~ Jon Elia
  • मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल;<br/>
हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है।
    मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल;
    हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है।
  • उम्र-ए-दराज मॉंग कर लाये थे चार दिन, दो आरजू में कट गये, दो इंतज़ार में;<br/>
कितना है बदनसीब 'जफर', दफ्न के लिये दो गज जमीं भी न मिली कू-ए-यार में।<br/><br/>
Meaning:<br/>
 उम्र-ए-दराज - लंबी, तवील <br/>
 कू-ए-यार - प्रेमिका की गली
    उम्र-ए-दराज मॉंग कर लाये थे चार दिन, दो आरजू में कट गये, दो इंतज़ार में;
    कितना है बदनसीब 'जफर', दफ्न के लिये दो गज जमीं भी न मिली कू-ए-यार में।

    Meaning:
    उम्र-ए-दराज - लंबी, तवील
    कू-ए-यार - प्रेमिका की गली
    ~ Bahadur Shah Zafar
  • ना जाने किस रैन बसेरे की तलाश है इस चाँद को;<br/>
रात भर बिना कम्बल, भटकता रहता है इन सर्द रातों में!
    ना जाने किस रैन बसेरे की तलाश है इस चाँद को;
    रात भर बिना कम्बल, भटकता रहता है इन सर्द रातों में!
  • कितना खुशनुमा होगा वो मेरे इंतज़ार का मंजर भी;<br/>
जब ठुकराने वाले मुझे फिर से पाने के लिये आँसू बहायेंगे!
    कितना खुशनुमा होगा वो मेरे इंतज़ार का मंजर भी;
    जब ठुकराने वाले मुझे फिर से पाने के लिये आँसू बहायेंगे!
  • इंतजार अक्सर वही अधूरे रह जाते हैं;<br/>
जो बहुत शिद्दत से किए जाते हैं!
    इंतजार अक्सर वही अधूरे रह जाते हैं;
    जो बहुत शिद्दत से किए जाते हैं!
  • यकीन है कि ना आएगा मुझसे मिलने कोई;
    तो फिर ये दिल को मेरे इंतज़ार किसका है!