• ​हमने ये शाम चराग़ों से सजा रक्खी है;​​<br/>​आपके इंतजार में पलके बिछा रखी हैं;<br/>​हवा टकरा रही है शमा से बार-बार;​​<br/>​और हमने शर्त इन हवाओं से लगा रक्खी है।
    ​हमने ये शाम चराग़ों से सजा रक्खी है;​​
    ​आपके इंतजार में पलके बिछा रखी हैं;
    ​हवा टकरा रही है शमा से बार-बार;​​
    ​और हमने शर्त इन हवाओं से लगा रक्खी है।
  • वो कह कर गया था मैं लौटकर आउंगा;<br/> 
मैं इंतजार ना करता तो क्या करता;<br/>  
वो झूठ भी बोल रहा था बड़े सलीके से;<br/> 
मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।
    वो कह कर गया था मैं लौटकर आउंगा;
    मैं इंतजार ना करता तो क्या करता;
    वो झूठ भी बोल रहा था बड़े सलीके से;
    मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।
  • रात बड़ी मुश्किल से खुद को सुलाया है मैंने;<br/>
अपनी आँखों को 'तेरे ख्वाब' का लालच देकर।
    रात बड़ी मुश्किल से खुद को सुलाया है मैंने;
    अपनी आँखों को 'तेरे ख्वाब' का लालच देकर।
  • जान से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे;<br/>
याद उन्हे दिन रात किया करते थे;<br/>
अब उन राहों से गुजरा नही जाता;<br/>
जहाँ बैठ कर उनका इंतज़ार किया करते थे।
    जान से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे;
    याद उन्हे दिन रात किया करते थे;
    अब उन राहों से गुजरा नही जाता;
    जहाँ बैठ कर उनका इंतज़ार किया करते थे।
  • तुम को फुर्सत जो कभी मिल जाए;<br/>
तो खुद से मुझको निजात दे देना।
    तुम को फुर्सत जो कभी मिल जाए;
    तो खुद से मुझको निजात दे देना।
  • कुछ रोज़ यह भी रंग रहा तेरे इंतज़ार का;
    आँख उठ गई जिधर बस उधर देखते रहे।
    ~ Asar Lucknowi
  • जो हो सके तो चले आओ आज मेरी तरफ़;<br/>
मिले  भी देर हो गई  और जी भी उदास है।
    जो हो सके तो चले आओ आज मेरी तरफ़;
    मिले भी देर हो गई और जी भी उदास है।
    ~ Azeem Murhujha
  • अजीब सी कशिश हैं तुम में;<br/>
कि हम तुम्हारे ख्यालों में खोये रहते है;<br/>
ये सोचकर कि तुम ख्यालों में आओगे;<br/>
हम दिन रात बस सोए रहते है।
    अजीब सी कशिश हैं तुम में;
    कि हम तुम्हारे ख्यालों में खोये रहते है;
    ये सोचकर कि तुम ख्यालों में आओगे;
    हम दिन रात बस सोए रहते है।
  • तुम मिलो ना मिलो मिलने का गम नहीं;
    तुम पास से निकल जाओ तो मिलने से कम नहीं;
    माना कि तुम्हे कद्र नहीं हमारी;
    पर उनसे पूछों जिन्हें हम हांसिल नहीं।
  • आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती है;<br/>
आपकी याद बहुत बेक़रार कराती है;<br/>
जाते-जाते कहीं भी मुलाकात हो जाए आपसे;<br/>
तलाश आपको ये नज़र बार-बार करती है।
    आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती है;
    आपकी याद बहुत बेक़रार कराती है;
    जाते-जाते कहीं भी मुलाकात हो जाए आपसे;
    तलाश आपको ये नज़र बार-बार करती है।