• जब भी खुदा को याद किया नज़र तु ही आया;<br/> 
ये मेरे दीवाने पन के लिए तेरे दीदार की हद थी;<br/>  
हम तो मर गये मगर खुली रही आँखे हमारी;<br/> 
बेवफा तु नहीं आया ये तेरे इंतज़ार की हद थी।
    जब भी खुदा को याद किया नज़र तु ही आया;
    ये मेरे दीवाने पन के लिए तेरे दीदार की हद थी;
    हम तो मर गये मगर खुली रही आँखे हमारी;
    बेवफा तु नहीं आया ये तेरे इंतज़ार की हद थी।
  • ग़जब किया तेरे वादे पे एतबार किया;<br/>
तमाम रात किया क़यामत का इंतज़ार किया।
    ग़जब किया तेरे वादे पे एतबार किया;
    तमाम रात किया क़यामत का इंतज़ार किया।
    ~ Daagh Dehlvi
  • मेरी यह ज़िन्दगी है कि मरना पड़ा मुझे;<br/>  
इक और ज़िन्दगी की तम्मना लिए हुए।
    मेरी यह ज़िन्दगी है कि मरना पड़ा मुझे;
    इक और ज़िन्दगी की तम्मना लिए हुए।
    ~ Hafeez Jalandhari Araman
  • एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है;<br/>
इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है;<br/>
उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद;<br/>
फिर भी हर मोड़ पर उसी का इंतज़ार क्यों है!
    एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है;
    इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है;
    उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद;
    फिर भी हर मोड़ पर उसी का इंतज़ार क्यों है!
  • कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतज़ार है;<br/ >
जुदाई के बाद भी तुमसे प्यार है;<br/ >
तेरे चेहरे की उदासी बता रही है;<br/ >
मुझसे मिलने के लिये तू भी बेकरार है!
    कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतज़ार है;
    जुदाई के बाद भी तुमसे प्यार है;
    तेरे चेहरे की उदासी बता रही है;
    मुझसे मिलने के लिये तू भी बेकरार है!
  • उसने कहा अब किसका इंतज़ार है;
    मैंने कहा अब मोहब्बत बाकी है;
    उसने कहा तू तो कब का गुजर चूका है 'मसरूर';
    मैंने कहा अब भी मेरा हौसला बाकी है!
  • एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है;
    इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है;
    उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद;
    फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है!
  • होंठ कह नहीं सकते जो फ़साना दिल का;
    शायद नज़रों से वो बात हो जाए;
    इस उम्मीद से करते हैं इंतज़ार रात का;
    कि शायद सपनों में ही मुलाक़ात हो जाए!
  • आँखों में बसी है प्यारी सूरत तेरी;
    और दिल में बसा है तेरा प्यार;
    चाहे तू कबूल करे या ना करे;
    हमें रहेगा तेरा इंतज़ार!
  • जिंदगी हसीना है जिंदगी से प्यार करो;
    है अंधेरा तो क्या हुआ, उजाले का इंतज़ार करो;
    वो पल भी आएगा जिसका इंतज़ार है आपको;
    रब पर भरोसा और वक़्त पर ऐतबार करो!