• हर रिश्ते में अमृत बरसेगा, शर्त इतनी है कि;<br/>
शरारतें करो पर, साजिशे नहीं!
    हर रिश्ते में अमृत बरसेगा, शर्त इतनी है कि;
    शरारतें करो पर, साजिशे नहीं!
  • वो आ के पहलू में ऐसे बैठे,<br/>
के शाम रंगीन हो गयी है,<br/>
ज़रा-ज़रा-सी खिली तबीयत,<br/>
ज़रा-सी ग़मगीन हो गयी है!
    वो आ के पहलू में ऐसे बैठे,
    के शाम रंगीन हो गयी है,
    ज़रा-ज़रा-सी खिली तबीयत,
    ज़रा-सी ग़मगीन हो गयी है!
  • लफ़्ज़ों के भी ज़ायक़े होते हैं,<br/>
परोसने से पहले चख भी लेना चाहिए!
    लफ़्ज़ों के भी ज़ायक़े होते हैं,
    परोसने से पहले चख भी लेना चाहिए!
  • दिल का दर्द छुपाना कितना मुश्किल है,<br/>
ग़म में मुस्कुराना कितना मुश्किल है,<br/> 
दूर तक जब चलो किसी के साथ,<br/> 
फिर तन्हा लौट के आना कितना मुश्किल है।
    दिल का दर्द छुपाना कितना मुश्किल है,
    ग़म में मुस्कुराना कितना मुश्किल है,
    दूर तक जब चलो किसी के साथ,
    फिर तन्हा लौट के आना कितना मुश्किल है।
  • साहेब अब ये ना पूछना की अल्फाज कहा से लाता हूँ;<br/>
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपनी सुनाता हूँ!
    साहेब अब ये ना पूछना की अल्फाज कहा से लाता हूँ;
    कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपनी सुनाता हूँ!
  • शौक-ए-आज़माइश भी एक रोग है;<br/>
लग जाए तो रिश्तों को किश्तों से गुजरना पड़ता है!
    शौक-ए-आज़माइश भी एक रोग है;
    लग जाए तो रिश्तों को किश्तों से गुजरना पड़ता है!
  • मैं तो इस वास्ते चुप हूँ की तमाशा ना बने,<br/>
और तू समझता है मुझे तुझसे कोई गिला नहीं!
    मैं तो इस वास्ते चुप हूँ की तमाशा ना बने,
    और तू समझता है मुझे तुझसे कोई गिला नहीं!
  • छुपकर मेरी नज़र से गुज़र जाईये मगर;<br/>
बचकर मेरे ख्याल से किधर जाईयेगा!
    छुपकर मेरी नज़र से गुज़र जाईये मगर;
    बचकर मेरे ख्याल से किधर जाईयेगा!
  • ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,<br/>
तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।
    ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
    तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।
  • कभी दो शब्द प्यार के तुम भी लिख दिया करो जनाब,<br/>
हमें लिखना ही नही पढ़ना भी खूब आता है।
    कभी दो शब्द प्यार के तुम भी लिख दिया करो जनाब,
    हमें लिखना ही नही पढ़ना भी खूब आता है।