• वो बे-दर्दी से सर काटें और मैं कहूं उनसे;<br/>
हज़ूृर आहिस्ता-आहिस्ता, जनाब आहिस्ता-आहिस्ता!
    वो बे-दर्दी से सर काटें और मैं कहूं उनसे;
    हज़ूृर आहिस्ता-आहिस्ता, जनाब आहिस्ता-आहिस्ता!
    ~ Ameer Minai
  • अब भी लोगों के दिल में ख़र की सूरत खटकता हूँ;<br/>
अभी तक याद है अहल-ए-चमन को दास्तां मेरी!
    अब भी लोगों के दिल में ख़र की सूरत खटकता हूँ;
    अभी तक याद है अहल-ए-चमन को दास्तां मेरी!
    ~ Shamsi Meenai
  • है आशिक़ी में रस्म, अलग सब से बैठना;<br/>
बुत ख़ाना भी, हरम भी, कलीसा भी छोड़ दे!
    है आशिक़ी में रस्म, अलग सब से बैठना;
    बुत ख़ाना भी, हरम भी, कलीसा भी छोड़ दे!
    ~ Allama Iqbal
  • ग़ुज़री तमाम उम्र उसी शहर में जहाँ;<br/>
वाक़िफ़ सभी थे पहचानता कोई न था!
    ग़ुज़री तमाम उम्र उसी शहर में जहाँ;
    वाक़िफ़ सभी थे पहचानता कोई न था!
  • गुनाहगार के दिल से न बच के चल ज़ाहिद;<br/>
यहीं कहीं तिरी जन्नत भी पाई जाती है!<br/><br/>

ज़ाहिद  =  धार्मिक व्यक्ति
    गुनाहगार के दिल से न बच के चल ज़ाहिद;
    यहीं कहीं तिरी जन्नत भी पाई जाती है!

    ज़ाहिद = धार्मिक व्यक्ति
    ~ Jigar Moradabadi
  • तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ,<br/>
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ,<br/>
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,<br/>
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ!
    तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ,
    तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ,
    तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,
    तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ!
    ~ Dr. Kumar Vishwas
  • किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो,<br/>
जिस्म से रूह को लेने फ़रिश्ते नहीं आते।
    किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो,
    जिस्म से रूह को लेने फ़रिश्ते नहीं आते।
  • आशिक़ था एक मेरे अंदर, कुछ साल पहले गुज़र गया;<br/>
अब कोई शायर सा है, अज़ीब-अज़ीब सी बातें करता है!
    आशिक़ था एक मेरे अंदर, कुछ साल पहले गुज़र गया;
    अब कोई शायर सा है, अज़ीब-अज़ीब सी बातें करता है!
  • क्या जाने किसी की प्यास बुझाने किधर गयीं;<br/>
उस सिर पे झूम के जो घटाएँ गुज़र गयीं!
    क्या जाने किसी की प्यास बुझाने किधर गयीं;
    उस सिर पे झूम के जो घटाएँ गुज़र गयीं!
    ~ Kaifi Azmi
  • मैं भी ठहरूँ किसी के होंठों पे;<br/>
काश कोई मेरे लिए भी दुआ कर दे!
    मैं भी ठहरूँ किसी के होंठों पे;
    काश कोई मेरे लिए भी दुआ कर दे!